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पवित्र रिश्ता के निर्देशक बोले- जिंदादिल सुशांत ऐसा कैसे कर सकता है, काश... मेरा यह विश्वास जीत जाता
Mon, 15 Jun 2020 04:31 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 15 Jun 2020 04:31 PM IST
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सुशांत सिंह राजपूत और रविन्द्र गौतम
- फोटो : amar ujala
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आप सबके पास खबर आने से पहले ही हमें किसी ने बताया कि सुशांत नहीं रहा। मैंने फोन करने वाले से यही कहा, जाओ फिर से पता करो, कोई और होगा। अपना सुशांत ऐसा कर ही नहीं सकता। काश...! मेरा यह विश्वास जीत जाता, ठीक उसी तरह जैसे मुझे पवित्र रिश्ता में उसे लेते वक्त लगा था कि एक दिन बहुत बड़ा हीरो बनेगा यह।
- फोटो : Social Media
वह तो थकता ही नहीं था
चौबीस घंटे काम करने के बाद भी उसके चेहरे की मुस्कुराहट बनी रहती थी। कोई शिकायत नहीं की कभी। बस उसका एक ही जुनून था कि काम अच्छा होना चाहिए। एक दो नहीं, तीन, चार और कभी-कभी दस टेक भी हो जाए तो वह एतराज नहीं करता था। तीन साल तक उसने पवित्र रिश्ता में काम किया और हर घर में उसके चाहने वाले थे। मानव एक ऐसी इमेज बन गई थी कि सब उससे प्यार करते थे।
चौबीस घंटे काम करने के बाद भी उसके चेहरे की मुस्कुराहट बनी रहती थी। कोई शिकायत नहीं की कभी। बस उसका एक ही जुनून था कि काम अच्छा होना चाहिए। एक दो नहीं, तीन, चार और कभी-कभी दस टेक भी हो जाए तो वह एतराज नहीं करता था। तीन साल तक उसने पवित्र रिश्ता में काम किया और हर घर में उसके चाहने वाले थे। मानव एक ऐसी इमेज बन गई थी कि सब उससे प्यार करते थे।
- फोटो : Social Media
उसे बहुत आगे जाना था, वह रुकने वालों में नहीं था। उसने आकर कहा कि वह धारावाहिक में अब काम नहीं करना चाहता। मैंने कहा कि पागल हो गए हो क्या, इस वक्त तुम्हारे टक्कर का कोई अभिनेता टेलीविजन इंडस्ट्री में नहीं है। वह तय कर चुका था जोखिम उठाने के लिए और उसने बड़े पर्दे पर जाने का रिस्क ले लिया और खुद को साबित कर दिया।
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मुझे क्या किसी को यकीन नहीं होगा कि वह चला गया
सुबह से रात के 11.30 बज चुके हैं, लेकिन मुझे यही लग रहा है कि अभी वह आकर कहेगा कि सर मजा नहीं आया, कुछ ठीक नहीं लग रहा यह सीन, चलिए एक और रीटेक हो जाए। जब मैं पवित्र रिश्ता बनाने जा रहा था उस दौरान वह एकता कपूर के एक धारावाहिक में हीरो के भाई के रोल में था। यही कोई 23-24 साल का रहा होगा वह। हंसता-मुस्कुराता, गुनगुनाता लड़का। एक जिंदादिल इंसान, जो जब चाहे नाचने लगता, सबको हंसाने लगता। हमने धारावाहिक में काम करना शुरू किया।
सुबह से रात के 11.30 बज चुके हैं, लेकिन मुझे यही लग रहा है कि अभी वह आकर कहेगा कि सर मजा नहीं आया, कुछ ठीक नहीं लग रहा यह सीन, चलिए एक और रीटेक हो जाए। जब मैं पवित्र रिश्ता बनाने जा रहा था उस दौरान वह एकता कपूर के एक धारावाहिक में हीरो के भाई के रोल में था। यही कोई 23-24 साल का रहा होगा वह। हंसता-मुस्कुराता, गुनगुनाता लड़का। एक जिंदादिल इंसान, जो जब चाहे नाचने लगता, सबको हंसाने लगता। हमने धारावाहिक में काम करना शुरू किया।
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- फोटो : अमर उजाला
मैं भगवान से कहना चाहता हूं...बस बहुत हो गया
महामारी, इरफान का जाना, इस बीच कई और लोग गए अब सुशांत का यह कदम...। मैं भगवान से कहना चाहता हूं कि बस बहुत हो गया। अब और नहीं। काश! ऐसा हो जाए कि सुशांत लौट आए और कहे कि सर एक रीटेक और हो जाए...। सुशांत जहां रहो खुश रहो, पर यार इस बार रीटेक क्यों नहीं किया?
(पवित्र रिश्ता के निर्देशक लखनऊ के उदयगंज निवासी रविन्द्र गौतम ने जैसा अमर उजाला से बातचीत में कहा)
महामारी, इरफान का जाना, इस बीच कई और लोग गए अब सुशांत का यह कदम...। मैं भगवान से कहना चाहता हूं कि बस बहुत हो गया। अब और नहीं। काश! ऐसा हो जाए कि सुशांत लौट आए और कहे कि सर एक रीटेक और हो जाए...। सुशांत जहां रहो खुश रहो, पर यार इस बार रीटेक क्यों नहीं किया?
(पवित्र रिश्ता के निर्देशक लखनऊ के उदयगंज निवासी रविन्द्र गौतम ने जैसा अमर उजाला से बातचीत में कहा)