दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रपति पद के कैंडिडेट कोविंद पर उठाए सवाल, कहा- दलितों के लिए नहीं किया संघर्ष
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कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने कभी दलितों के लिए संघर्ष नहीं किया और भाजपा ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए आम सहमति बनाना तो दूर, सहयोगी दल शिवसेना तक से कोई बात नहीं की।
लखनऊ के वीवीआईपी गेस्ट हाउस में दिग्विजय ने संवाददाताओं से कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में किसान तबाह हैं। उन्हें अपनी उपज का वाजिब दाम नहीं मिल रहा।
उन्होंने कहा कि मौजूदा स्वरूप में जीएसटी लागू करने से देश में आर्थिक अराजकता पैदा होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इवेंट मैनेजर बताते हुए कहा कि वे सरकार की विफलताएं छिपाने के लिए योग जैसे इवेंट करा रहे हैं।
उन्होंने कहा 2-3 साल से किसानों को उपज का वाजिब दाम नहीं मिल रहा। नोटबंदी उस वक्त की गई, जब खरीफ की फसल बाजार में थी। कैश की कमी के चलते किसानों को सस्ते में उपज बेचनी पड़ी। गेहूं की अच्छी उपज हुई तो बड़े व्यापारियों की समर्थक मोदी सरकार ने गेहूं पर आयात शुल्क 10 फीसदी से घटाकर जीरो कर दिया। नतीजतन, विदेशों से गेहूं आ जाने से किसानों को अपनी उपज का अच्छा दाम नहीं मिला।
वादे के मुताबिक किसानों को नहीं दिया हक
उन्होंने कहा, वादे के मुताबिक मोदी सरकार किसानों को उपज का डेढ़ गुना दाम नहीं दिलवा सकी। एमपी में हक मांग रहे किसानों पर गोलियां चलवाईं, जिसमें आठ की मौत हो गई। उन्होंने शिवराज सिंह के उपवास को नाटक करार दिया।
छह स्लैब वाला जीएसटी ठीक नहीं
दिग्विजय ने कहा कि जीएसटी उन्हीं देशों में सफल रहा, जहां इसका सिंगल स्लैब रहा। हमारे यहां जीएसटी के छह स्लैब हैं। वहीं, पेट्रोलियम पदार्थों, अल्कोहल को इसके दायरे से बाहर रखा गया।
केंद्र ने आयकर विभाग के सहायक आयुक्त स्तर तक के अधिकारियों को छापा डालने का अधिकार दे दिया। जीएसटी के तहत साल में 20 लाख से ज्यादा का कारोबार करने वालों को 37 बार रिटर्न फाइल करना होगा। ये व्यापारियों को अफसरों के जाल में फंसाने की कुटिल योजना है।
सामूहिक रूप से योग करना उचित नहीं
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम के लखनऊ आने पर दिग्विजय ने कहा कि सामूहिक रूप से योग करना उचित नहीं, क्योंकि अलग-अलग व्यक्तियों के लिए अलग-अलग योग क्रियाएं माफिक पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में योगी सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में असफल साबित हुई है।
लालू के परिवार का किया बचाव
कांग्रेस पर किसानों को भड़काने के आरोपों के बाबत दिग्विजय ने कहा कि तमिलनाडु के किसानों ने जंतर-मंतर पर धरना दिया, वहां तो कांग्रेस नहीं है। एमपी में आरएसएस से ही जुड़े भारतीय किसान संघ के लोग आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।
लालू प्रसाद यादव के परिवार के लोगों के खिलाफ आयकर विभाग की कार्रवाई पर कहा कि प्रधानमंत्री व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जोड़ी झूठे-सच्चे आरोप मढ़कर लोगों को परेशान कर रही है। तड़ीपार रह चुके शाह को भाजपा ने अध्यक्ष बना दिया। गुजरात के अंदर वे अवैध वसूली के लिए जाने जाते थे।