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Digital Attendance : आज से फील्ड में उतरेंगे शिक्षा विभाग के अधिकारी, स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने दिया निर्देश

Fri, 12 Jul 2024 12:00 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Fri, 12 Jul 2024 12:00 AM IST
सार

Digital Attendance:प्राथमिक स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी को लेकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी एडी बेसिक, बीएसए, जिला समन्व्यक आदि विभागीय अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की। 

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Digital Attendance: Education Department officials will enter the field from today, instructions given to AD B
डिजिटल अटेंडेंस को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल अटेंडेंस को लेकर चल रहे विरोध के बीच बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी आज से फील्ड में जाएंगे। विभागीय समीक्षा बैठक में निर्देश दिया गया है कि सभी अधिकारी सुबह स्कूलों में जाएं और शिक्षकों से वार्ता कर उनकी डिजिटल अटेंडेंस लगवाएं। हालांकि बृहस्पतिवार को भी शिक्षकों का प्रदेश भर में विरोध जारी रहा और धरना-प्रदर्शन कर उन्होंने विरोध दर्ज कराया।

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महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी एडी बेसिक, बीएसए, जिला समन्व्यक आदि विभागीय अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अगले एक सप्ताह सुबह 7.30 से 10.30 बजे तक विद्यालयों का नियमित भ्रमण करें। डिजिटल पंजिकाओं में शिक्षकों का सहयोग करें। शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों से वार्ता कर उनको डिजिटल पंजिकाओं के लाभ के बारे में बताएं।
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यह भी बताएं कि बच्चों में कक्षावार, विषयवार अपेक्षित दक्षाएं प्राप्त करना व ग्रेड में सुधार ही लक्ष्य है। बीएसए, बीईओ, जिला समन्वयक प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक करें। बैठक में उन्हें डिजिटल पंजिकाओं के प्रस्तुतिकरण दें, प्रशिक्षण वीडियो साझा करें। शिक्षकों की तकनीकी समस्याओं का समाधान करें। विद्या समीक्षा केंद्र की मदद से तुरंत निराकरण कराएं। बीएसए-बीईओ नियमित प्रगति की समीक्षा कर डिजिटलीकरण में प्रगति लाएं। इसी क्रम में सभी बीएसए ने भी अपने यहां अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश जारी कर डिजिटलाइजेशन में गति लाने के निर्देश दिए हैं।
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जिलों में धरना-प्रदर्शन कर जताया विरोध
डिजिटल अटेंडेंस को लेकर बृहस्पतिवार को भी शिक्षकों का विरोध जारी रहा। जिला मुख्यालयों पर शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक संयुक्त मोर्चा की ओर से प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के मीडिया प्रभारी सत्येंद्र पाल सिंह ने बताया कि शिक्षकों की छवि धूमल करने की कोशिश की जा रही है। शिक्षक स्कूल समय में कोई प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। ना ही बच्चों की पढ़ाई से कोई समझौता कर रहे हैं। शिक्षकों की मांगों पर विभाग ध्यान दे।

वहीं उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि शिक्षकों को डरा धमकाकर डिजिटल अटेंडेंस नहीं लगवाई जा सकती है। विभाग शिक्षकों से वार्ता करे और उनकी मांगों पर विचार करें। उसके बाद ही शिक्षक डिजिटल अटेंडेंस पर विचार करेंगे। इसी क्रम में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से हर ब्लॉक मुख्यालय पर शिक्षकों के बीच सर्वे किया गया। इसमें अधिकतर शिक्षकों ने डिजिटल अटेंडेंस का विरोध किया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि शुक्रवार को भी शिक्षकों के बीच सर्वे चलेगा। इसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

सिर्फ डिजिटल अटेंडेंस से नहीं सुधरेगी शिक्षा व्यवस्थाः अजय राय
लखनऊ। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा है कि प्रदेश में कई दिनों से शिक्षक ऑनलाइन हाजरी को लेकर आंदोलनरत हैं। सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की डिजिटल अटेंडेंस बाध्यकारी कर दी है। शिक्षक संगठन इस तुगलकी फरमान का विरोध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में अजय राय ने कहा कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर सरकार को शिक्षकों से बात करके ही किसी निर्णय पर पहुंचना चाहिए था।


इस तरह के तुगलकी फरमान लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करते हैं। सिर्फ डिजिटल अटेंडेंस से शिक्षा व्यवस्था नहीं सुधरेगी। प्रदेश के सभी विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मियों के बहुत सारे स्वीकृत पद खाली हैं। कार्यरत शिक्षकों पर उनके दायित्वों के अतिरिक्त भी भार है। शिक्षण कार्य के अलावा उनसे कई और काम लिए जाते हैं। अजय राय ने कहा विद्यार्थी टूटे हुए भवन, टूटी कुर्सी, मेज पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। शिक्षकों के लिए खास तौर पर महिला शिक्षिकाओं के लिए मूल व्यवस्थाएं भी उपलब्ध नहीं है।

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