डीआईजी ने कहा, एसपी की गाड़ी चोरी होने की RTI के तहत नहीं देंगे सूचना
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डीआईजी लखनऊ ने हरदोई के एसपी की गाड़ी चोरी होने के मामले में जांच की प्रति आरटीआई में देने से इंकार कर दिया है।
सोशल एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर ने एसपी हरदोई राजीव महरोत्रा की सरकारी गाड़ी चोरी होने के बारे में डीआईजी प्रवीण की तरफ से दी गई जांच की कॉपी की मांग की थी।
लेकिन डीआईजी ऑफिस के जन सूचना अधिकारी ने ये सूचना देने से इंकार कर दिया है और तर्क दिया है कि इस मामले में मुकदमा दर्ज है जिसकी विवेचना चल रही है। इसलिए इसकी सूचना नहीं दी जा सकती।
वहीं नूतन ठाकुर ने अधिकारियों को भेजी गई अपली में कहा है कि उन्होंने मुकदमे की जानकारी नहीं बल्कि गाड़ी चोरी के बारे में जो जांच की गई है उसके अभिलेख मांगे हैं।
नूतन का मानना है कि डीआईजी रेंज लखनऊ की जांच में लीपापोती की गई है, जिसके चलते सूचना दिए जाने से इंकार किया जा रहा है।
ये था पूरा मामला
बता दें कि हरदोई के एसपी राजीव मेहरोत्रा के लखनऊ स्थित आवास के सामने से हरदोई पुलिस की गाड़ी चोरी हो गई थी। एसपी के मुताबिक गाड़ी मरम्मत के लिए लखनऊ के निजी गैराज गई थी। मरम्मत के बाद गैराज संचालक ने गाड़ी एसपी के घर भेज दी थी।
लखनऊ के गोखले मार्ग स्थित शालीमार अपार्टमेंट में एसपी राजीव मेहरोत्रा का फ्लैट है। इस फ्लैट के सामने पार्किंग में हरदोई पुलिस की नीली बत्ती लगी टाटा सूमो यूपी 30-0219 चोरी हो गई थी।
इस मामले की जांच में 7 दरोगा, 11 कॉन्सटेबल और न जाने कितने एटीएस लगे रहे लेकिन अपने ही एसपी की गाड़ी का पता नहीं लगा सके।
फजीहत होने लगी तो पुराने अपराधियों की भी मदद ली गई। पता चला कि गाड़ी सरहद पार नेपाल पहुंच गई। पुलिस की एक टीम गाड़ी लेने नेपाल पहुंची और वहां से गाड़ी के पुर्जे लेकर लौटी थी।