जरूरी खबरःभीषण गर्मी में ऐसे रखें अपनी सेहत का ध्यान
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मौसम के कड़े तेवर और चिलचिलाती गर्मी में लोग उल्टी दस्त, पेट दर्द और हल्के बुखार की चपेट में आने लगे हैं। तेज धूप और गर्म हवा लोगों के शरीर का तापमान गिराने के साथ डिहाइड्रेशन का शिकार बना रहा है।
शरीर में पानी की कमी होने के चलते चक्कर आने की वजह से लोग चोटिल भी हो रहे हैं। मंगलवार को मौसम की मार से पीड़ित मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई। लोहिया अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, फिजिशियन ओपीडी मे पांच सौ से अधिक मरीज देखे गए।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओंकार यादव ने बताया कि इमरजेंसी में रोजाना डिहाइड्रेशन की समस्या से पीड़ित दस से अधिक मरीजों को भर्ती कराया जा रहा है।
लोहिया अस्पताल में मंगलवार को भर्ती होने वालों में संतराम (50), सुशांत (11), मनोज कुमार (17), अनामिका (24) और सुहाना (17) शामिल हैं। इसी तरह बलरामपुर और सिविल अस्पताल में 20 से अधिक मरीजों को डिहाइड्रेशन के बाद भर्ती कराया गया है।
सिविल अस्पताल के ईएमओ डॉ. अनिल कुमार बताते हैं कि कड़ी धूप से शरीर को अधिक नुकसान होता है। पसीना अधिक निकलने पर नमक और पानी दोनों कम हो जाता है जिसकी वजह से व्यक्ति को चक्कर आने के साथ कमजोरी होने लगती है। ऐसे में तुरंत सावधानी न बरती जाए तो व्यक्ति को दवा और डॉक्टर की जरूरत पड़ रही है।
गर्मी में बचें धूप में जाने से
कड़ी धूप में बाजार में अधिक देर तक पैदल चलने से भी लोग अचानक चक्कर खाकर गिर रहे हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए पहले से बीमार चल रहे लोग ऐसी कड़ी धूप में निकलने से बचें। गर्भवती या खून की कमी से पीड़ित महिलाएं धूप में बाहर निकलने से परहेज करें।
डफरिन अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान खान बताते हैं कि गर्मी से हर कोई बदहाल हैं। ओपीडी में उल्टी दस्त और डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
वो बताते हैं कि कमजोर और बीमार चल रहे बच्चों के लिए ये मौसम खतरनाक है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से वो डायरिया और संक्रामक रोग की चपेट में जल्दी से आते हैं।
माता-पिता बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए तेज धूप में उनको बाहर लेकर निकलने से बचें और नियमित पानी पिलाने के साथ खानपान पर विशेष ध्यान दें।