Lucknow News: धरती आबा की सुंदर प्रस्तुति से दर्शक मंत्रमुग्ध
सोमवार को सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत बूटी बाई (चित्रकूट) व उनके दल की ओर से चांगेलिया नृत्य के साथ किया गया। जिसने मंच पर उत्साह और लोकधुनों का ऐसा संगम रचा कि सभागार तालियों से गूंज उठा। राजकुमारी (बहराइच) ने पारंपरिक हूरदूंगवा नृत्य प्रस्तुत कर तराई क्षेत्र की सांस्कृतिक छटा का जीवंत अनुभव कराया।
अबू सालेह (पश्चिम बंगाल) व उनके दल ने रायबेंसे नृत्य की वीरता और तालबद्ध युद्धक शैली से दर्शकों का दिल जीत लिया। विनोद कुमार (वाराणसी), लाल सिंह मकाम (मध्य प्रदेश), उत्तराखंड से आए प्रेम हिंदुआन ने अपने गीत से लोक-सुरों की मोहक गूंज भर दी।

जनजाति कलाकारों ने परंपरागत और विविध जनजातीय नृत्य का प्रदर्शन कर दर्शकों को भी थिरकने पर मजबूर

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