{"_id":"58ff76de4f1c1be617c0c543","slug":"dgp-sulkhan-singh-video-conferencing-with-police-officers","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए डीजीपी सुलखान सिंह ने ली पुलिस अधिकारियों की क्लास, देखें क्या निर्देश दिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए डीजीपी सुलखान सिंह ने ली पुलिस अधिकारियों की क्लास, देखें क्या निर्देश दिए
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 25 Apr 2017 09:48 PM IST
विज्ञापन
सुलखान सिंह
पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह चार्ज लेने के बाद पहली बार प्रदेश भर के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की।
इस मौके पर उनके साथ एडीजी कानून व्यवस्था आदित्य मिश्रा और एडीजी अभिसूचना भवेश कुमार सिंह भी रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करीब 2 घंटे चली जिसमें अफसरों को कानून व्यवस्था सुधारने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा, कानून का राज ही मेरी पहली प्राथमिकता है। इस कॉन्फ्रेंसिंग में सभी जिलों के एसएसपी, डीआईजी और आईजी को संबोधित किया गया।
नए डीजीपी की तरफ से मिले ये निर्देश
कोई कितना भी रसूखदार हो कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है।
गौरक्षा के नाम पर हुड़दंग और अराजकता करने वालों को किसी भी कीमत पर न बख्शा जाए।
नेशनल और स्टेट हाईवे पर किसी तरह का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए।
सड़क पर विरोध प्रदर्शन करने वालो से सख्ती से निपटा जाए।
पुलिस अपना व्यवहार सुधारे और फरियादियों की सुनवाई हर कीमत पर हो।
इलाके के बुजुर्गों और अकेले रहने वालों की थानेवार सूची बनाई जाए और बीट के सिपाही उनका हालचाल लेते रहें।
विज्ञापन
इस मौके पर उनके साथ एडीजी कानून व्यवस्था आदित्य मिश्रा और एडीजी अभिसूचना भवेश कुमार सिंह भी रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करीब 2 घंटे चली जिसमें अफसरों को कानून व्यवस्था सुधारने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा, कानून का राज ही मेरी पहली प्राथमिकता है। इस कॉन्फ्रेंसिंग में सभी जिलों के एसएसपी, डीआईजी और आईजी को संबोधित किया गया।
नए डीजीपी की तरफ से मिले ये निर्देश
कोई कितना भी रसूखदार हो कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है।
गौरक्षा के नाम पर हुड़दंग और अराजकता करने वालों को किसी भी कीमत पर न बख्शा जाए।
नेशनल और स्टेट हाईवे पर किसी तरह का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए।
सड़क पर विरोध प्रदर्शन करने वालो से सख्ती से निपटा जाए।
पुलिस अपना व्यवहार सुधारे और फरियादियों की सुनवाई हर कीमत पर हो।
इलाके के बुजुर्गों और अकेले रहने वालों की थानेवार सूची बनाई जाए और बीट के सिपाही उनका हालचाल लेते रहें।