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नए DGP बोले, गुलाम मानसिकता छोड़िए
विष्णु मोहन/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 03 Jan 2014 11:51 AM IST
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डीजीपी का पद संभालने के बाद आईपीएस रिजवान अहमद ने मातहत अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को आम लोगों से मानवीय व्यवहार करने के लिए कहा है।
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वहीं अपराधियों के साथ सख्त रवैया अपनाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने चेतावनी भी दी है कि निर्देशों के विपरीत आचरण करने वाले पुलिकर्मी के साथ उसके पर्यवेक्षक अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
डीजीपी का कहना है कि बदलते परिवेश में गुलाम व दमनकारी पुलिस की मानसिकता से निकलकर जनता के प्रति अपने व्यवहार को मानवीय संवेदनशील बनाना होगा।
विशेषकर समाज के गरीब, वंचित, अशिक्षित एवं निर्बल वर्ग के साथ पुलिस का व्यवहार मित्रवत रहना चाहिये।
डीजीपी ने इसके लिए प्रदेश के सभी जोन, रेंज व जिलों के अधिकारियों के साथ ही विभिन्न जांच शाखाओं के अधिकारियों को भी सर्कुलर भेजा है।
इसमें कहा गया है कि पुलिसकमियों को आम जनता के प्रति मानवीय व संवेदना से परिपूर्ण व्यवहार करना चाहिए। समाज विरोधी तत्वों, गुण्डों, माफिया व पेशेवर अपराधियों के प्रति कठोर रुख अपनाना होगा।
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आपराधिक घटनाओं की रोकथाम कानून के दायरे में रहते हुये की जाए। किसी भी दशा में मानवीय मूल्यों का हनन न हो।
कानून व्यवस्था के प्रकरणों में भीड़ की उत्तेजना के जवाब में कानून से परे उत्तेजित होकर कार्यवाही करने से बचना चाहिए तथा कानून के दायरे में ही विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाए।
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अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास में दबाव बनाने के लिए परिवार के सदस्यों को अवैध रुप से बैठाना अथवा थाने पर उत्पीड़ित करने जैसी कोई कार्यवाही किसी हाल में नहीं होनी चाहिए।
डीजीपी ने सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से यह अपेक्षा भी की है कि वह अधीनस्थों को अच्छे व्यवहार के बारे में समझाकर उसका शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराएं।