{"_id":"6782564b816d4d5a7d07cfed","slug":"development-work-is-needed-while-preserving-the-heritage-of-lucknow-dr-vandana-sehgal-lucknow-news-c-13-knp1050-1030166-2025-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ के हेरिटेज को बचाते हुए विकास कार्य की जरूरत : डॉ. वंदना सहगल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ के हेरिटेज को बचाते हुए विकास कार्य की जरूरत : डॉ. वंदना सहगल
विज्ञापन
डिजाइन लग्जरी लाइफस्टाइल एक्सपो में लोगो ने अपने स्टाल लगाए है
लखनऊ। राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) के जरिये लखनऊ में विकास कार्य तेज होंगे, मगर इसके साथ ही शहर के हेरिटेज जोन को बचाना भी जरूरी है। शहर की पुरानी इमारतें, स्मारक हमारी पहचान हैं। इन्हें संरक्षित करते हुए ही विकास कार्य करने की जरूरत है। यह सुझाव एकेटीयू की फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग की डीन डॉ वंदना सहगल ने दिए। वह लखनऊ आर्किटेक्ट फेस्टिवल के पहले दिन स्टेट कैपिटल रीजन- ए विजन टू मेक लखनऊ एन एपिकसेंटर ऑफ ग्रोथ पर आयोजित परिचर्चा में बोल रही थीं।
शुक्रवार को इकाना स्टेडियम में लखनऊ आर्किटेक्ट फेस्टिवल के दूसरे संस्करण में देश भर के डिजाइन, मैटेरियल और तकनीकी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों का संगम लगा। इसमें रिटायर्ड आईएएस अधिकारी दिवाकर त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश में क्षेत्रफल के मामले में लखनऊ 51वें नंबर पर है। इतने कम क्षेत्रफल में जिला लखनऊ का और विस्तार करने के लिए एससीआर का विजन आया। हाउसिंग कमिश्नर डॉ. बलकार सिंह ने कहा कि लखनऊ की कालोनियल हेरिटेज को ध्यान में रखते हुए नए बायलॉज पर काम चल रहा है। नगर आयुक्त डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि एससीआर बनने पर लखनऊ की आबादी बढ़ेगी। इसलिए कूड़ा, सीवेज प्लांट बड़ा बनाने की जरूरत है। पीडब्ल्यूडी की चीफ आर्किटेक्ट सबीना सिंह ने बताया कि जो सरकारी प्रोजेक्ट बनते हैं, उसमें डिजाइन, मैटैरियल और तकनीक के इस्तेमाल पर जोर है। आर्किटेक्ट शुभ्रा मित्तल ने एससीआर के विकास में शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन के विकास में संतुलन और पूरक होने पर जोर दिया। लखनऊ में शिक्षा संस्थान हैं, लेकिन हेल्थ और पर्यटन में अधिक काम करने की जरूरत है। इससे पहले कार्यक्रम की शुरूआत रसराज जी महाराज ने सुंदरकांड के पाठ से की।
2040 तक नगरीय क्षेत्र में आ जाएगी 66 प्रतिशत जनता
दिल्ली से आए आर्किटेक्ट विवेक गुप्ता ने कहा कि जो भी कंस्ट्रक्शन हो रहा है, उससे प्रकृति नष्ट हो रही है। हम ऐसे डिजाइन पर काम करना होगा, जो लोगों को प्रकृति के साथ जोड़कर रखे, क्योंकि 2040 तक 66 फीसदी जनता शहरी क्षेत्रों में शिफ्ट हो जाएगी। दिल्ली से ही आईं आर्किटेक्ट नताशा कोचर ने कहा कि कोविड के बाद से रियल एस्टेट सेक्टर में नौ प्रतिशत तक की सालाना वृद्धि हो रही है। मॉडरेटर अनुपम मित्तल ने बताया कि आर्किटेक्ट काउंसिल में रजिस्टर आर्किटेक्ट को ही सही मानें। छोटे प्लॉटों पर ज्यादा कंस्ट्रक्शन न करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को इकाना स्टेडियम में लखनऊ आर्किटेक्ट फेस्टिवल के दूसरे संस्करण में देश भर के डिजाइन, मैटेरियल और तकनीकी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों का संगम लगा। इसमें रिटायर्ड आईएएस अधिकारी दिवाकर त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश में क्षेत्रफल के मामले में लखनऊ 51वें नंबर पर है। इतने कम क्षेत्रफल में जिला लखनऊ का और विस्तार करने के लिए एससीआर का विजन आया। हाउसिंग कमिश्नर डॉ. बलकार सिंह ने कहा कि लखनऊ की कालोनियल हेरिटेज को ध्यान में रखते हुए नए बायलॉज पर काम चल रहा है। नगर आयुक्त डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि एससीआर बनने पर लखनऊ की आबादी बढ़ेगी। इसलिए कूड़ा, सीवेज प्लांट बड़ा बनाने की जरूरत है। पीडब्ल्यूडी की चीफ आर्किटेक्ट सबीना सिंह ने बताया कि जो सरकारी प्रोजेक्ट बनते हैं, उसमें डिजाइन, मैटैरियल और तकनीक के इस्तेमाल पर जोर है। आर्किटेक्ट शुभ्रा मित्तल ने एससीआर के विकास में शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन के विकास में संतुलन और पूरक होने पर जोर दिया। लखनऊ में शिक्षा संस्थान हैं, लेकिन हेल्थ और पर्यटन में अधिक काम करने की जरूरत है। इससे पहले कार्यक्रम की शुरूआत रसराज जी महाराज ने सुंदरकांड के पाठ से की।
विज्ञापन
2040 तक नगरीय क्षेत्र में आ जाएगी 66 प्रतिशत जनता
दिल्ली से आए आर्किटेक्ट विवेक गुप्ता ने कहा कि जो भी कंस्ट्रक्शन हो रहा है, उससे प्रकृति नष्ट हो रही है। हम ऐसे डिजाइन पर काम करना होगा, जो लोगों को प्रकृति के साथ जोड़कर रखे, क्योंकि 2040 तक 66 फीसदी जनता शहरी क्षेत्रों में शिफ्ट हो जाएगी। दिल्ली से ही आईं आर्किटेक्ट नताशा कोचर ने कहा कि कोविड के बाद से रियल एस्टेट सेक्टर में नौ प्रतिशत तक की सालाना वृद्धि हो रही है। मॉडरेटर अनुपम मित्तल ने बताया कि आर्किटेक्ट काउंसिल में रजिस्टर आर्किटेक्ट को ही सही मानें। छोटे प्लॉटों पर ज्यादा कंस्ट्रक्शन न करें।

मेरठ---एसएन फार्म हाउस 100 फुटा रोड मृतको के शवो को कबिस्तान ले जाते लोगस ------नीटू
विज्ञापन