यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से, हाईस्कूल की परीक्षा 12 दिन और इंटर की 15 दिन चलेगी
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से होंगी। गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के पहले ही दिन उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया। हाईस्कूल की परीक्षाएं 12 और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 15 कार्य दिवसों में संपन्न होंगी। 20 से 25 अप्रैल के बीच दोनों परीक्षाफल भी घोषित कर दिए जाएंगे। शिक्षकों को किस महीने में कितना पाठ्यक्रम पूरा कराना है, यह भी तय कर दिया गया है।
उप मुख्यमंत्री ने सोमवार को मीडियाकर्मियों को बताया कि कक्षा-9 से 12 तक के मुख्य विषयों के पाठ्यक्रम का मासिक शैक्षिक पंचांग तैयार कराकर माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य पाठ्यक्रम की इस मासिक डायरी के अनुसार पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक समय-समय पर देखेंगे कि पंचांग का पालन हो रहा है या नहीं।
डॉ. शर्मा ने बताया कि वर्ष 2020 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 55 लाख विद्यार्थी बैठेंगे। शैक्षिक सत्र 2019-20 की वार्षिक परीक्षाओं की समय सारिणी परिषद की वेबसाइट पर अपलोड है। परीक्षाएं एक साथ 18 फरवरी को शुरू होंगी। हाईस्कूल की परीक्षाएं 3 मार्च और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 6 मार्च को खत्म होंगी। डॉ. शर्मा ने कहा कि सार्वजनिक अवकाश की तारीखें घोषित न होने की स्थिति में परीक्षा कार्यक्रम में आंशिक बदलाव हो सकता है।
यहां बता दें कि पिछले साल यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 7 फरवरी को शुरू हुई थीं। हाईस्कूल की परीक्षाएं 14 कार्य दिवसों में और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 16 कार्य दिवसों में समाप्त हुई थीं। ठंड को देखते हुए इस बार परीक्षाएं थोड़ा देरी से शुरू होंगी।
15 मार्च से 25 मार्च के बीच मूल्यांकन का काम होगा
डिप्टी सीएम ने कहा कि 15 मार्च से 25 मार्च के बीच मूल्यांकन का काम होगा। इस तरह मूल्यांकन का काम इस साल 15 दिनों के बजाय 10 दिनों में पूरा होगा। इसलिए मूल्यांकन केंद्र और कॉपी चेक करने वाले शिक्षकों की संख्या बढ़ाई जाएगी। परीक्षाफल के साथ ही तत्काल ऑनलाइन अंक तालिका उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले ढाई महीने में परीक्षाएं संपन्न होती थीं। स्कीम भी 10 दिन पहले ही जारी की जाती थी। अब माध्यमिक शिक्षा में सुधार के एक नए युग की शुरुआत हुई है।
जीआईसी में भी मिलेंगी पाठ्यपुस्तकें
बी कॉपी पर भी रहेगा क्रमांक
डॉ. शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार वर्ष 2020 में पास होने वाले विद्यार्थियों का प्रमाणपत्र सह अंक पत्र हिंदी व अंग्रेजी में प्रिंट कराया जाएगा। उत्तर पुस्तिकाओं का दुरुपयोग रोकने के लिए पहली बार ए कॉपी के साथ-साथ बी कॉपी पर भी क्रमांक अंकित किया जा रहा है। सभी तरह की उत्तर पुस्तिकाओं में लाइनिंग का कलर अलग-अलग कराकर प्रिंट कराया जा रहा है।
जीआईसी में भी मिलेंगी पाठ्यपुस्तकें
डॉ. शर्मा ने बताया कि कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं के पाठ्यक्रम का मासिक विभाजन करके कौन सा चैप्टर किस माह में पढ़ाया जाएगा, इसे तय कर दिया गया है। शैक्षिक सत्र में दो सौ से अधिक दिन पढ़ाई होगी। एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के अनुसार, एक निश्चित मूल्य पर किताबें बाजार में उपलब्ध होंगी। इनका मूल्य पिछले 10-15 वर्षों के न्यूनतम स्तर पर होगा। ये पुस्तकें बाजार में उपलब्ध न होने की शिकायत मिलने पर इन्हें नजदीकी राजकीय विद्यालयों में उपलब्ध कराया जाएगा।