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डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा हुए भावुक, बोले- मैं तो अटलजी के एक वाक्य से मेयर का चुनाव जीत गया था

Thu, 16 Aug 2018 02:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 16 Aug 2018 02:00 PM IST
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deputy CM dinesh sharma became emotional while remembering atalji
यूपी के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा - फोटो : amar ujala
यूपी के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, अटलजी की तबियत खराब होने से बेहद उदास हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि राजनीति में अटलजी मेरे आदर्श हैं। ये कहते-कहते उनकी आखों से आंसू छलड़ पड़े।
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उन्होंने कहा कि 2006 में लखनऊ के कपूरथला में उनकी आखिरी जनसभा थी।  मुझे मेयर पद के लिए नामित किया गया था। उन्होंने मुझे खड़ा कर दिया, और बोले- बोलो-बोलो। इसके बाद अटलजी खड़े हुए और बोलने लगे।
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डॉ शर्मा ने खुद को संभालते हुए कहा कि अटलजी का एक शब्द पूरी चर्चा का विषय बन जाता था। उन्होंने कहा-'आप लोग नारा लगाते हैं, आपका नेता कैसा हो, अटल बिहारी जैसा हो" तो भीड़ ने कहा हां।
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इसके बाद अटलजी ने कहा मैं अपने आपको दिनेश शर्मा देखता हूं। इसके बाद अटल जी ने कहा अगर मैं सिर्फ कुर्ता पहनूं तो कैसा लगेगा। लोगों ने कहा अच्छा नहीं लगेगा। फिर अटलजी ने कहा सांसद बनाकर आप लोगों ने मुझे कुर्ता तो पहना दिया अब पायजामा नगर निगम का है। इसे मेयर बनाकर पायजामा भी पहना दो।' 

अटलजी अपने आप में हैं विराट व्यक्तित्व

deputy CM dinesh sharma became emotional while remembering atalji
अटल बिहारी वाजपेयी

डॉ दिनेश शर्मा कहते हैं कि उसके बाद जहां भी प्रचार के लिए गया लोगों ने कहा अटलजी को कुर्ता तो दे दिया है, अब पायजामा भी देंगे। जाओ निश्चिंत रहो. डॉ दिनेश शर्मा ने कहा जहां चुनाव में पैसे चल रहे थे वहीं, मैं अटलजी के एक वाक्य से जीत गया।

डॉ शर्मा ने कहा कि, इसके बाद मैं दिल्ली गया। उस समय मदनलाल खुरानाजी, साहेब सिंह वर्माजी, कोहली जी और कुछ अन्य लोग किसी विषय पर विचार-विमर्श कर रहे थे। मेरे पहुंचते ही उन्होंने मुझे गले से लगाया।

मथुरा का पेड़ा अपने हाथ से मुझे खिलाया। मैंने कहा कुछ दिन पहले दर्शन करके आया हूं। माननीय अटलजी से मिलना था। अटलजी के परिजन के लोग वहां मौजूद थे।उन्होंने कहा जाओ कुछ बोलो शायद वे कुछ कहें। कान में जाकर मैंने कहा बापजी 'मैं डॉक्टर आपका मेयर आया हूं। उन्होंने पूछा कैसे हो।'

डॉ. शर्मा कहते हैं कि अटलजी अपने आप में विराट व्यक्तित्व हैं। आज उनकी तुलना विश्व में किसी से नहीं की जा सकती। शर्मा ने कहा लखनऊ में तो होड़ लगती थी कि अटलजी का खास कौन है लेकिन उनकी स्मरणशक्ति ऐसी थी कि छोटे से छोटे कार्यकर्ता को भी नाम से बुला लेते थे।

उन्होंने कहा हरकिशन सिंह सुरजीत कम्युनिस्ट पार्टी के नेता थे। जब वे एक बार लखनऊ पहुंचे तो अटलजी ने उन्हें गले लगाते हुए कहा कैसे हो सुरजीत। यह देखकर सभी कार्यकर्ताओं को बहुत आश्चर्य हुआ। यही कारण था कि अटलजी को विपक्षी भी बहुत मानते थे। डॉ. शर्मा ने कहा कि आज जब उनका स्वास्थ्य खराब है तो अंतर्मन में वेदना है।

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