जब श्रीराम चाहेंगे तभी अयोध्या में बनेगा मंदिर: उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि जब श्रीराम चाहेंगे, तब राम मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा। बिना भगवान की इच्छा के कोई काम नहीं हो सकता। वे रविवार को बहराइच के दौरे पर थे। उन्होंने 16 दिनों में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को कराने का दावा भी किया।
नकलविहीन परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र के अंदर डीएम और मजिस्ट्रेट को छोड़ किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति व नेता के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की भी बात कही।
सहकारिता मंत्री के पौत्र के मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने आए डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा हेलीकॉप्टर से रविवार सुबह 10:40 बजे पुलिस लाइन के हेलीपैड पर पहुंचे। यहां से उन्होंने डाक बंगला पहुंचकर बहराइच के साथ ही गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, अंबेडकरनगर, अयोध्या आदि जनपदों के अधिकारियों के साथ बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर बैठक की।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा के लिए कंप्यूटर के माध्यम से चयन शुरू किया है। जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। कुंभ स्नान के दिन परीक्षा नहीं होगी। सरकार 16 दिनों में परीक्षा कराने को लेकर संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि अगर किसी परीक्षा केंद्र को बदलने के लिए प्रार्थना पत्र दिया जाता है तो उसे बदला नहीं जाएगा बल्कि उस केंद्र पर और सख्ती कर दी जाएगी।
इस दौरान बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल, विधायक सुभाष त्रिपाठी, सुरेश्वर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम करन टेकड़ीवाल, निशंक त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
सावित्री बाई के बयानों पर बोले, सही वक्त आने पर उठाएंगे कदम
डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि भाजपा में सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के नीचे के लोगों के बयानों को तवज्जों नहीं दी जानी चाहिए। वे सांसद सावित्री बाई फुले के पार्टी विरोधी बयानों के संबंध में बोले कि हर चीज का वक्त होता है। सही वक्त आने पर कदम उठाए जाएंगे।
3800 नए पदों का सृजन
डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने बताया कि माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए नए स्थापित होने वाले विद्यालयों के लिए 3800 नए पदों का सृजन किया गया है। इसके लिए नई चयन प्रक्रिया को अपनाया जा रहा है। शिक्षक के आवेदन करते ही उसे एक नंबर मिलेगा। जिसके माध्यम से मैसेज देकर उसे तैनाती स्थल की जानकारी दी जाएगी। आवेदनकर्ता को किसी भी कार्यालय का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।