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नगर निगम में मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने में वसूली, हटाया गया आरोपी बाबू
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लखनऊ। मृत्यु प्रमाण पत्र की फीस 20 रुपये है, लेकिन नगर निगम के जोन छह में इसके लिए 100 रुपये वसूले जाने का मामला सामने आया है। भाजपा पार्षद और पार्षद दल के मुख्य सचेतक विजय गुप्ता ने प्रमाणपत्र बनाने में घूस लिए जाने की लिखित शिकायत जोनल अधिकारी छह से की। इसके बाद आरोपी बाबू को काम से हटाने के साथ उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
जोनल अधिकारी से की गई शिकायत में हैरदगंज प्रथम वार्ड के पार्षद विजय गुप्ता ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान तमाम लोगों ने की मौत हुई। इसमें कई परिवार ऐसे थे जिनके यहां कोई मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने जाने वाला नहीं था। ऐसे ही पांच लोगों के प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उन्होंने कार्यालय प्रतिनिधि शिवांक को नगर निगम जोन छह कार्यालय पर भेजा था। वहां अवधेश पांडेय नाम के बाबू ने 500 रुपये वसूल लिए।
आम लोगों से 300 रुपये की वसूली
पार्षद विजय गुप्ता ने शिकायत में बताया कि जब उनका प्रतिनिधि प्रमाण पत्र बनवाने गया तो बाबू ने उससे एक प्रमाणपत्र का 300 रुपये मांगा। जब उसने बताया कि पार्षद ने भेजा है तो बाबू ने कहा कि ठीक है 100 रुपये दे दो। इस तरह उसने पांच प्रमाणपत्र के 500 रुपये वसूल लिए। जोनल अधिकारी प्रज्ञा सिंह ने बताया कि पार्षद की शिकायत के बाद बाबू को काम से हटा दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए नगर आयुक्त को रिपोर्ट भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि बाबू को बुलाकर पूछा गया तो उसने बताया कि प्रमाणपत्र बनवाने वाला खुद ही 100 रुपये दे गया था। प्रज्ञा ने बताया कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की स्टेशनरी फीस 20 रुपये है। यदि कोई इससे अधिक मांगता है तो उसकी शिकायत उनसे की जा सकती है।
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जोनल अधिकारी से की गई शिकायत में हैरदगंज प्रथम वार्ड के पार्षद विजय गुप्ता ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान तमाम लोगों ने की मौत हुई। इसमें कई परिवार ऐसे थे जिनके यहां कोई मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने जाने वाला नहीं था। ऐसे ही पांच लोगों के प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उन्होंने कार्यालय प्रतिनिधि शिवांक को नगर निगम जोन छह कार्यालय पर भेजा था। वहां अवधेश पांडेय नाम के बाबू ने 500 रुपये वसूल लिए।
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आम लोगों से 300 रुपये की वसूली
पार्षद विजय गुप्ता ने शिकायत में बताया कि जब उनका प्रतिनिधि प्रमाण पत्र बनवाने गया तो बाबू ने उससे एक प्रमाणपत्र का 300 रुपये मांगा। जब उसने बताया कि पार्षद ने भेजा है तो बाबू ने कहा कि ठीक है 100 रुपये दे दो। इस तरह उसने पांच प्रमाणपत्र के 500 रुपये वसूल लिए। जोनल अधिकारी प्रज्ञा सिंह ने बताया कि पार्षद की शिकायत के बाद बाबू को काम से हटा दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए नगर आयुक्त को रिपोर्ट भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि बाबू को बुलाकर पूछा गया तो उसने बताया कि प्रमाणपत्र बनवाने वाला खुद ही 100 रुपये दे गया था। प्रज्ञा ने बताया कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की स्टेशनरी फीस 20 रुपये है। यदि कोई इससे अधिक मांगता है तो उसकी शिकायत उनसे की जा सकती है।
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