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सोते रहे जिम्मेदार, पूरे शहर मे फैल रहा डेंगू
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सोते रहे जिम्मेदार, पूरे शहर मे फैल रहा डेंगू
कोरोना से जंग के बीच जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही से डेंगू तेजी से पांव पसार रहा है। राजधानी के तीन बड़े निजी पैथोलॉजी केंद्रों में रोजाना करीब 20 मरीज मिल रहे हैं।
पूरे शहर में कुल 250 पैथोलॉजी केंद्र हैं। ऐसे में रोजाना मिलने वाले मरीजों की संख्या का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सोमवार को डेंगू के आठ नए केस मिले।
कुल मरीजों की संख्या 290 के करीब हो गई है। उधर, निजी अस्पतालों में 100 से अधिक मरीज भर्ती हैं।
खास बात है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने जुलाई में एक्शन प्लान भी बनाया था। इसमें जिन पुरानी जगहों पर डेंगू के केस मिले थे।
उन्हें कंटेनमेंट जोन बनाकर एंटीलार्वा का छिड़काव के साथ फ ॉगिंग कराई जानी थी, लेकिन प्लान कागजों में सीमित रह गया।
नतीजतन पुराने शहर से लेकर गोमतीनगर व इंदिरानगर जैसे पॉश इलाकों व फैजुल्लागंज में डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं।
हर छोटे-बडे़ अस्पताल में चार से पांच डेंगू मरीज भर्ती हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं है।
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि 15 दिन में डेंगू तेजी से बढ़ा है। उनकी पैथोलॉजी में रोजाना आठ से दस मरीज में प्लेटलेट्स गिरने के मामले सामने आ रहे हैं।
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जांच में तीन से चार डेंगू के केस निकल रहे हैं। गोमती नगर, अलीगंज, इंदिरानगर में मरीजों की तादाद अधिक है। इसके अलावा चौक, ठाकुरगंज, राजाजीपुरम, फैजुल्लागंज, खदरा, मड़ियांव में प्रकोप ज्यादा है।
डेंगू पर वार को नया प्लान
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की तर्ज पर डेंगू के लिए नया प्लान तैयार किया है। इसमें जहां डेंगू का मरीज मिलेगा, उसके आसपास के 50 घरों में टीमें जांच करेंगी। कूलर, पानी के जमाव जैसी स्थिति को देखने के साथ एंटीलार्वा का छिड़काव और फॉगिंग होगी। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केपी त्रिपाठी के मुताबिक, 100 टीमें बनाई गई हैं।
पैथोलॉजी केंद्राें में रोज 20 से अधिक केस
आरएमएल के नोडल आरडी विश्वकर्मा के मुताबिक, पैथोलॉजी में रोजाना 20 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें चार से पांच डेंगू पॉजिटिव हैं। चरक पैथोलॉजी के लैब इंचार्ज प्रमोद सिंह ने बताया कि रोजाना डेंगू के पांच से छह केस आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर पुराने लखनऊ के हैं। लाइफ केयर पैथोलॉजी के पीआरओ जितेंद्र सिंह के मुताबिक, रोजाना तीन से चार डेंगू केस निकल रहे हैं।
यहां नहीं मिला एक भी मरीज
बीकेटी, इटौंजा, मलिहाबाद, मोहनलालगंज और नगराम
सरकारी अस्पतालों में भी रोजाना 10 मामले
बलरामपुर, सिविल और लोहिया संस्थान में रोजाना भर्ती होने वाले मरीजों में दस से अधिक डेंगू के केस हैं। वहीं, कई मरीज निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि सरकारी अस्पताल में उन्हें कोविड रिपोर्ट मिलने तक होेल्डिंग एरिया में रखा जा रहा है। कोरोना के डर से भी लोग निजी अस्पताल जा रहे हैं।
डेंगू के बजाय प्लेटलेट्स की कराएं जांच
डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि जिन्हें बुखार आ रहा है, वे डेंगू एलाइजा के बजाय सीबीसी व प्लेटलेट्स की जांच कराएं। इसमें महज तीन सौ रुपये खर्च आता है, जबकि डेंगू कार्ड टेस्ट में सात से आठ सौ रुपये खर्च आते हैं। एलाइजा टेस्ट 1500 रुपये में होता है।
सर्विलांस टीमें करेंगी निगरानी
सीएमओ डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि डेंगू की निगरानी को सर्विलांस टीमें बनाई जाएंगी। इसमें नागरिक सुरक्षा के सदस्यों, आंगनबाड़ी और आशा बहुओं की मदद ली जाएगी। पहले नागरिक सुरक्षा की टीम के सदस्य सीएमओ कार्यालय को उन इलाकों की सूची भेजेंगे, जहां हर साल डेंगू के अधिक मामले आते हैं। इनके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें सदस्यों के साथ घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। आंगनबाड़ी और आशा बहुओं को भी यह सूची दी जाएगी। वे घरों में जाकर लोगों की स्थिति का जायजा लेंगी। डेंगू, मलेरिया व कोरोना के लक्षण मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देंगी।
38 को घरों को नोटिस जारी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लार्वा मिलने पर 38 घरों को नोटिस जारी किया गया। नेशनल वेक्टंर्न बॉर्न डिजीज कंट्रोल के नोडल इंचार्ज डॉ. केपी त्रिपाठी का कहना है कि प्रभावित इलाकों में एंटी लार्वा का छिड़काव करवाया जा रहा है।
बंथरा में भी मिले डेंगू के मरीज
सरोजनीनगर। बंथरा गांव के मजरा हमीरपुर निवासी पंकज सिंह ने बताया कि एक सप्ताह पहले परिवार में अंजू, सुमनलता, सौम्य और पड़ोसी महेंद्र सिंह, साहिल व रूबी को डेंगू हो गया था। आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग गांव में दवा का छिड़काव नहीं करा रहा है। इसकी जानकारी सीएचसी प्रभारी डॉ. अंशुमान सिंह को दी गई। हालांकि, प्रभारी का कहना है कि अभी तक कोई डेंगू का मरीज अस्पताल नहीं आया है।
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कोरोना से जंग के बीच जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही से डेंगू तेजी से पांव पसार रहा है। राजधानी के तीन बड़े निजी पैथोलॉजी केंद्रों में रोजाना करीब 20 मरीज मिल रहे हैं।
पूरे शहर में कुल 250 पैथोलॉजी केंद्र हैं। ऐसे में रोजाना मिलने वाले मरीजों की संख्या का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सोमवार को डेंगू के आठ नए केस मिले।
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कुल मरीजों की संख्या 290 के करीब हो गई है। उधर, निजी अस्पतालों में 100 से अधिक मरीज भर्ती हैं।
खास बात है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने जुलाई में एक्शन प्लान भी बनाया था। इसमें जिन पुरानी जगहों पर डेंगू के केस मिले थे।
उन्हें कंटेनमेंट जोन बनाकर एंटीलार्वा का छिड़काव के साथ फ ॉगिंग कराई जानी थी, लेकिन प्लान कागजों में सीमित रह गया।
नतीजतन पुराने शहर से लेकर गोमतीनगर व इंदिरानगर जैसे पॉश इलाकों व फैजुल्लागंज में डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं।
हर छोटे-बडे़ अस्पताल में चार से पांच डेंगू मरीज भर्ती हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं है।
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि 15 दिन में डेंगू तेजी से बढ़ा है। उनकी पैथोलॉजी में रोजाना आठ से दस मरीज में प्लेटलेट्स गिरने के मामले सामने आ रहे हैं।
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जांच में तीन से चार डेंगू के केस निकल रहे हैं। गोमती नगर, अलीगंज, इंदिरानगर में मरीजों की तादाद अधिक है। इसके अलावा चौक, ठाकुरगंज, राजाजीपुरम, फैजुल्लागंज, खदरा, मड़ियांव में प्रकोप ज्यादा है।
डेंगू पर वार को नया प्लान
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की तर्ज पर डेंगू के लिए नया प्लान तैयार किया है। इसमें जहां डेंगू का मरीज मिलेगा, उसके आसपास के 50 घरों में टीमें जांच करेंगी। कूलर, पानी के जमाव जैसी स्थिति को देखने के साथ एंटीलार्वा का छिड़काव और फॉगिंग होगी। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केपी त्रिपाठी के मुताबिक, 100 टीमें बनाई गई हैं।
पैथोलॉजी केंद्राें में रोज 20 से अधिक केस
आरएमएल के नोडल आरडी विश्वकर्मा के मुताबिक, पैथोलॉजी में रोजाना 20 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें चार से पांच डेंगू पॉजिटिव हैं। चरक पैथोलॉजी के लैब इंचार्ज प्रमोद सिंह ने बताया कि रोजाना डेंगू के पांच से छह केस आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर पुराने लखनऊ के हैं। लाइफ केयर पैथोलॉजी के पीआरओ जितेंद्र सिंह के मुताबिक, रोजाना तीन से चार डेंगू केस निकल रहे हैं।
यहां नहीं मिला एक भी मरीज
बीकेटी, इटौंजा, मलिहाबाद, मोहनलालगंज और नगराम
सरकारी अस्पतालों में भी रोजाना 10 मामले
बलरामपुर, सिविल और लोहिया संस्थान में रोजाना भर्ती होने वाले मरीजों में दस से अधिक डेंगू के केस हैं। वहीं, कई मरीज निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि सरकारी अस्पताल में उन्हें कोविड रिपोर्ट मिलने तक होेल्डिंग एरिया में रखा जा रहा है। कोरोना के डर से भी लोग निजी अस्पताल जा रहे हैं।
डेंगू के बजाय प्लेटलेट्स की कराएं जांच
डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि जिन्हें बुखार आ रहा है, वे डेंगू एलाइजा के बजाय सीबीसी व प्लेटलेट्स की जांच कराएं। इसमें महज तीन सौ रुपये खर्च आता है, जबकि डेंगू कार्ड टेस्ट में सात से आठ सौ रुपये खर्च आते हैं। एलाइजा टेस्ट 1500 रुपये में होता है।
सर्विलांस टीमें करेंगी निगरानी
सीएमओ डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि डेंगू की निगरानी को सर्विलांस टीमें बनाई जाएंगी। इसमें नागरिक सुरक्षा के सदस्यों, आंगनबाड़ी और आशा बहुओं की मदद ली जाएगी। पहले नागरिक सुरक्षा की टीम के सदस्य सीएमओ कार्यालय को उन इलाकों की सूची भेजेंगे, जहां हर साल डेंगू के अधिक मामले आते हैं। इनके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें सदस्यों के साथ घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। आंगनबाड़ी और आशा बहुओं को भी यह सूची दी जाएगी। वे घरों में जाकर लोगों की स्थिति का जायजा लेंगी। डेंगू, मलेरिया व कोरोना के लक्षण मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देंगी।
38 को घरों को नोटिस जारी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लार्वा मिलने पर 38 घरों को नोटिस जारी किया गया। नेशनल वेक्टंर्न बॉर्न डिजीज कंट्रोल के नोडल इंचार्ज डॉ. केपी त्रिपाठी का कहना है कि प्रभावित इलाकों में एंटी लार्वा का छिड़काव करवाया जा रहा है।
बंथरा में भी मिले डेंगू के मरीज
सरोजनीनगर। बंथरा गांव के मजरा हमीरपुर निवासी पंकज सिंह ने बताया कि एक सप्ताह पहले परिवार में अंजू, सुमनलता, सौम्य और पड़ोसी महेंद्र सिंह, साहिल व रूबी को डेंगू हो गया था। आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग गांव में दवा का छिड़काव नहीं करा रहा है। इसकी जानकारी सीएचसी प्रभारी डॉ. अंशुमान सिंह को दी गई। हालांकि, प्रभारी का कहना है कि अभी तक कोई डेंगू का मरीज अस्पताल नहीं आया है।