बेकाबू हुआ डेंगू, बच्चों को बना रहा है ज्यादा शिकार
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लखनऊ में डेंगू फीवर और दिमागी बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू की चपेट में चार मरीज आए जिसमें तीन बच्चे हैं। वहीं दिमागी बुखार से पीड़ित एक बच्चे ने दम तोड़ दिया जबकि पांच से अधिक को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है।
सरकारी अस्पतालों में डेंगू और दिमागी बुखार के मरीजों के लगातार पहुंचने से अव्यवस्था की स्थिति है। इमरजेंसी से लेकर डेंगू और मेडिसिन वार्ड पूरी तरह फुल चल रहे हैं।
डेंगू फीवर का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को बलरामपुर अस्पताल में हुई जांच में दो बच्चों में डेंगू की पुष्टि हुई। पुराने लखनऊ के रहने वाले हबीब (11) और शिवम (9) में डेंगू की पुष्टि हुई।
इसी तरह लोहिया अस्पताल में गोमतीनगर विनयखंड के अभिषेक (10) में डेंगू की पुष्टि हुई। जबकि सिविल अस्पताल में बुखार की शिकायत के बाद भर्ती किए गए राजीव गुप्ता (38) में डेंगू की पुष्टि हुई।
सभी मरीजों का भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। कार्ड टेस्ट में डेंगू की पुष्टि के बाद एलाइजा जांच के लिए सैंपल स्वास्थ्य महानिदेशालय स्थित लैब भेजा गया है। बलरामपुर अस्पताल में पहले से भर्ती तीन मरीजों की हुई एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि हुई।
इसी तरह बाराबंकी के अनुभव (11) को तेज दिमागी बुखार की शिकायत के बाद केजीएमयू के बाल रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। पिता अरविंद ने बताया कि कई दिन तक इलाज चलने के बाद भी अनुभव की हालत नहीं सुधरी।
बढ़ते केसों से डॉक्टर भी परेशान
मंगलवार दोपहर करीब एक बजे शिवम की मौत हो गई। शिव को बेहोशी की हालत में लोहिया अस्पताल से केजीएमयू के लिए रेफर किया गया था। वहीं दूसरी ओर मंगलवार को सिविल, बलरामपुर और लोहिया अस्पताल में दस से अधिक बच्चों को दिमागी बुखार की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया।
बलरामपुर अस्पताल के फिजिशियन डॉ. मनोज अग्रवाल बताते हैं कि बच्चों में डेंगू या वायरल की अधिक शिकायत इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) कम होने से आ रही है।
बच्चों के खानपान और स्वास्थ्य को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है जिससे उनको ऐसी बीमारियों से बचाया जा सके। अस्पतालों में लगातार मरीजों की भीड़ की वजह से बेड का संकट है। सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव का कहना है कि डेंगू की रोकथाम के लिए अभियान चल रहा है। अस्पतालों में भर्ती गंभीर रोगियों के बेहतर इलाज के लिए कहा गया है।
मंगलवार को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कैंपवेल रोड की रहने वाले छह माह की रिदा खान ने दम तोड़ दिया। रिदा को तेज बुखार, खांसी और सांस लेने की समस्या के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई दिनों तक इलाज चलने के बाद डॉक्टरों ने रिदा को निमोनिया से पीड़ित बताया। कई दिन तक इलाज चलने के बाद रिदा की हालत नहीं सुधरी और उसकी मौत हो गई।