डीजीपी भी आ गए थे प्रदर्शनकारियों के निशाने पर, पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा कवच बनाकर बचाया
शाम साढ़े चार बजे लखनऊ में परिवर्तन चौक पहुंचे डीजीपी ओपी सिंह भी अराजक प्रदर्शनकारियों के निशाने पर रहे। उन्होंने डीजीपी पर पत्थर चलाए। हालांकि, आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा कवच बनाकर उन्हें बचा लिया।
डीजीपी परिवर्तन चौक पर कार से उतरकर केडी सिंह बाबू स्टेडियम तिराहे की तरफ चल दिए। इससे पहले ही मेट्रो ट्रैक के नीचे लोहे की ग्रिल से घिरी ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में कुछ प्रदर्शनकारी खड़े थे। डीजीपी को देखते ही प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए पथराव शुरू कर दिया।
पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचाया और वापस परिवर्तन चौक ले गए। यहां से डीजीपी बेगम हजरत महल पार्क के गेट के आसपास जलते हुए वाहनों को देखकर अवध जिमखाना क्लब तिराहे तक पहुंचे। इस जगह पर 100 मीटर दायरे में ईंट-पत्थर फैले हुए थे।
50 से अधिक लोग हुए जख्मी
राजधानी में प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों समेत 50 से अधिक लोग जख्मी हुए। ट्रॉमा सेंटर में तीन लोग गोली लगने के बाद भर्ती कराए गए थे। इसमें एक की मौत हो गई। पांच अन्य को प्राथमिक उपचार बाद भेज दिया गया।
बलरामपुर अस्पताल में चार जख्मी पुलिसकर्मियों को भर्ती कराया गया है। वहीं, रात में एक अज्ञात को वेंटिलेटर के लिए केजीएमयू भेजा गया है। सिविल में आठ लोग भर्ती कराए गए।