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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Delhi Blast: Links to the blast are 535 km away; police investigating why Shaheen came to Lucknow 60 days ago.

Delhi Blast : धमाके का 535 किलोमीटर दूर जुड़ा तार, पुलिस खंगाल रही-60 दिन पहले क्यों लखनऊ आई थी शाहीन

Thu, 13 Nov 2025 07:15 PM IST
Akash Dwivedi आकाश द्विवेदी
Updated Thu, 13 Nov 2025 07:15 PM IST
सार

Delhi Blast : दिल्ली ब्लास्ट सहित कई आतंकी कनेक्शन में गिरफ्तार हुए डॉक्टर शाहीन और डॉक्टर परवेज को आमने-सामने बैठाकर बात की जाएगी। इसके बाद आगे की कड़ी जुड़ सकेगी। 



 

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Delhi Blast: Links to the blast are 535 km away; police investigating why Shaheen came to Lucknow 60 days ago.
दिल्ली विस्फोट के बाद लखनऊ में छापेमारी जारी - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

दिल्ली में (10 नवंबर) सोमवार की शाम को लाल किले के पास विस्फोटक लदी कार में अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हैं। इनमें तीन की हालत गंभीर है। इस धमाके के कई राज्यों से कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।
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इसमें दिल्ली से 535 किलोमीटर दूर यूपी की राजधानी लखनऊ खासी चर्चा में है। यहां से एक नाम सामने आया है, जो है डॉक्टर शाहीन सिद्दकी। दिल्ली बम ब्लास्ट में इसे संदिग्ध माना जा रहा है। डॉक्टर शाहीन सिद्दकी के तार अब नए सिरे से लखनऊ से जुड़ रहे हैं। 
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उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, डॉ. शाहीन सिद्दकी दो माह (60 दिन) पूर्व राजधानी लखनऊ आई थी। हालांकि वह कहां ठहरी थी और किन लोगों से संपर्क में थी। इस बारे में पता लगाया जा रहा है। उसके राजधानी आने की जानकारी जम्मू-कश्मीर पुलिस को भी दी गई है। यह जानकारी मिलने के बाद डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज के पड़ोसियों से नए सिरे से पूछताछ की जा रही है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
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Delhi Blast: Links to the blast are 535 km away; police investigating why Shaheen came to Lucknow 60 days ago.
पूछताछ में शाहीन के पिता सईद अंसारी - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

लखनऊ से इस तरह जुड़ रही हैं कड़ियां

दिल्ली में आतंकी हमले और फरीदाबाद के डॉक्टरों के आतंकी माड्यूल की कड़ियों को जोड़ रही जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए राजधानी निवासी डॉ. परवेज अंसारी पर शक गहराता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस उसे फरीदाबाद ले गई है, जहां तमाम एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं।

शुरुआती पड़ताल में उसके बेहद कट्टरपंथी होने के सुराग तो मिले हैं, लेकिन फरीदाबाद माड्यूल में उसकी संलिप्तता का कोई ठोस सुराग अभी हाथ नहीं लगा है। अब जांच एजेंसियां उसके घर से बरामद मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप और हार्ड डिस्क को खंगालने में जुटी हैं।

अधिकिारियों को शक-परवेज माड्यूल का हिस्सा हो सकता है

सूत्रों की मानें, तो परवेज का अपनी बहन डॉ. शाहीन और उसके मित्र डॉ. मुजम्मिल के संपर्क में होने की जानकारी मिली है। हालांकि उसकी आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलने की वजह से अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। अधिकारियों को शक है कि वह फरीदाबाद के डॉक्टरों के उस माड्यूल का हिस्सा हो सकता है, जो आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के इशारे पर देश के कई शहरों में आतंकी हमले अंजाम देने की साजिश रच रहा था।

शादी से मिला था सुराग

श्रीनगर में डॉ. आदिल की शादी में उसके कई डॉक्टर मित्रों का जमावड़ा हुआ था। विवाह समारोह के अगले दिन भारतीय सैनिकों को निशाना बनाकर धमकी भरे पोस्टर लगाए गए, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हो गईं। जांच में डॉ. आदिल का इसमें हाथ होने के प्रमाण मिलने पर गहनता से छानबीन की गई तो फरीदाबाद से डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन की गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद हुए। 

इसी मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए डॉ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज के राजधानी स्थित दोनों आवासों को खंगाला गया है। अब परवेज के घर से बरामद इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से ही उसकी संलिप्तता का पता चलेगा। जांच एजेंसियां इन गैजेट्स के जरिये यह भी पता लगा रही है कि बीते कुछ महीनों के दौरान वह कहां-कहां गया था और किन लोगों के संपर्क में था।
 

Delhi Blast: Links to the blast are 535 km away; police investigating why Shaheen came to Lucknow 60 days ago.
डॉ. शाहीन का भाई डॉ. परवेज - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

शाहीन के पिता सईद अंसारी ने कही ये बात

आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए एकत्र किए गए विस्फोटक के साथ फरीदाबाद से पकड़ी गई डॉ. शाहीन डेढ़ वर्ष से परिवार के संपर्क में नहीं थी। पूछताछ में शाहीन के पिता सईद अंसारी ने यह दावा किया है। उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं, जिसमें बड़ा बेटा शोएब है। डॉ. शाहीन दूसरे, जबकि डॉ. परवेज तीसरे नंबर पर हैं। लोकसेवा आयोग से चयनित होकर शाहीन कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर काम कर चुकी है।

परिजनों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में कुछ वर्ष काम करने के बाद वर्ष 2013 में बिना कोई नोटिस दिए शाहीन ने वहां जाना छोड़ दिया था। शाहीन की शादी महाराष्ट्र निवासी जफर हयात से हुई थी। आपसी विवाद के कारण वर्ष 2015 में दोनों अलग हो गए। उधर, अनुपस्थित रहने की वजह से वर्ष 2021 में मेडिकल कॉलेज ने डॉ. शाहीन को बर्खास्त कर दिया था।

आठ दिन पहले हुई थी डॉ. परवेज से बात

पिता सईद ने बताया कि वह हर हफ्ते परवेज से फोन पर बात करते हैं। आखिरी बार उनकी परवेज से फोन पर चार नवंबर को बात हुई थी। वह आईआईएम रोड स्थित मुतक्कीपुर के तकवा कॉलोनी में मकान बनवाकर रहता है।

एक सप्ताह से उनकी बेटे से बात नहीं हुई। पिता सईद खंदारी बाजार में करीब 200 स्क्वाॅयर फीट के तीन मंजिला मकान में रहते हैं। वह वन विभाग से सेवानिवृत्त हैं। एटीएस ने सईद के घर से मोबाइल फोन और हार्ड डिस्क को कब्जे में लिया है।

शाहीन के भाई परवेज के घर से लैपटॉप बरामद

पुलिस सूत्रों के अनुसार डॉ. मुजम्मिल के पास मिले कार में एके 47 बरामद किया गया था। पूछताछ में मुजम्मिल ने डॉ. शाहीन का नाम लिया था। इसके बाद शाहीन गिरफ्तार की गई। छानबीन में सामने आया कि शाहीन अपने भाई डॉ. परवेज के संपर्क में थी। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब आठ बजे एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस परवेज के आईआईएम रोड स्थित मकान पर पहुंची। घर पर ताला लगा था, जिसे तोड़कर टीम भीतर दाखिल हुई। एटीएस को परवेज के घर से एक लैपटॉप मिला है।
 

Delhi Blast: Links to the blast are 535 km away; police investigating why Shaheen came to Lucknow 60 days ago.
डॉ. शाहीन - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

कार पर मिला इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का पास

परवेज के घर के बाहर एक कार खड़ी मिली। कार पर इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का पास लगा था। छानबीन में पता चला कि परवेज वहां पर काम करता था। कार परवेज के भाई शोएब के नाम है, जो सहारनपुर में रजिस्टर्ड है। फरीदाबाद से बरामद कार परवेज के नाम रजिस्टर्ड है।
करीब चार घंटे तक खुफिया एजेंसियों ने परवेज का घर खंगाला। एटीएस ने आस पड़ोस के लोगों से भी परवेज के बारे में जानकारी जुटाई है। माना जा रहा है कि परवेज को उसके साथियों के पकड़े जाने की भनक लग गई थी, जिसके बाद वह घर से भाग निकला था।

डॉ. परवेज ने एक सप्ताह पहले दिया था इस्तीफा

इंटीग्रल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद हासिर सिद्दीकी के मुताबिक डॉ. परवेज अंसारी ने एक सप्ताह पहले ही संस्थान से इस्तीफा दे दिया था। डॉ. परवेज सईद अंसारी मेडिसिन विभाग में सीनियर रेजिडेंट के रूप में काम कर रहे थे। उनका इस्तीफा तत्काल मंजूर भी हो गया था।

उन्होंने इस्तीफे का कारण व्यक्तिगत बताया था। इंटीग्रल विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉ. परवेज के कामकाज को संतोषजनक बताया है। इस तरह की घटना में लिप्त होने पर हैरत भी जताई। रजिस्ट्रार के मुताबिक, कामकाज में कभी भी शिकायत नहीं आई थी, हालांकि इंटीग्रल प्रशासन ने डॉ. परवेज के इस्तीफे की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई। 
 
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