UP: विश्व मुख्य न्यायाधीशों के 23वें सम्मेलन में पहुंचे रक्षा मंत्री, 57 देशों के न्यायधीश हुए शामिल
विश्व मुख्य न्यायाधीशों के 23वें सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि कि भारत हमेशा से विश्व शांति का पक्षधर रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत हमेशा से विश्व शांति और सीमाओं की सुरक्षा के पक्ष में रहा है। भारतीय संविधान का आर्टिकल 51 यही कहता है कि हमारे यहां शांति और सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्थान है। एक रक्षा मंत्री के तौर पर भी मैंने हमेशा विश्व शांति के लिए ही काम किया है। रक्षा मंत्री सिटी मांटेसरी स्कूल कानपुर रोड शाखा में आयोजित मुख्य न्यायाधीशों के पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के स्वागत समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हम अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए हर काम करें और किसी भी तरह के विवाद की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत उसका हल निकालें। उन्होंने कहा कि सीएमएस सारे विश्व के बच्चों के लिए एक नए भविष्य का निर्माण कर रहा है। यह खुशी की बात है कि विभिन्न देशों के राजनीतिज्ञ, न्यायविद व कानूनविद भावी पीढ़ी के सुंदर व सुरक्षित भविष्य, विश्व मानवता की बेहतरी के लिए यहां एकत्रित हुए हैं। समारोह में रक्षामंत्री ने मॉरीशस के राष्ट्रपति पृथ्वी राज सिंह रूपन को महात्मा गांधी अवार्ड फॉर वर्ल्ड यूनिटी से नवाजा।
कार्यक्रम में इक्वाडोर के नेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के अध्यक्ष न्यायमूर्ति डॉ. जोएल लियोनार्डो ने कहा कि हम एकजुट होकर दुनिया की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। यह एक अच्छा प्लेटफार्म हैं, जहां हमें कुछ करने का अवसर मिला है। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर संयुक्ता भाटिया ने की। उन्होंने पेरू के सुपीरियर कोर्ट की न्यायाधीश न्यायमूर्ति जोसेफा विसेंटा इजगा पेलेग्रिन को लखनऊ शहर की चाभी भेंटकर सम्मानित किया। सीएमएस संस्थापक व सम्मेलन के संयोजक डॉ. जगदीश गांधी ने रक्षामंत्री व अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी देश मिलकर संसार को सुरक्षित बनाने के लिए सहयोग करें। इस अवसर पर भाजपा प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, सीएमएस प्रेसीडेंट प्रो. गीता गांधी किंगडन व विश्व के 57 देशों के मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद के अध्यक्ष व अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।
दुनिया के देशों में एकता की जरूरत
सम्मेलन में शिरकत करने आए विभिन्न देशों के राष्ट्र प्रमुखों व न्यायविदों ने संयुक्त प्रेसवार्ता में बच्चों के सुरक्षित भविष्य हेतु सीएमएस की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि दुनिया के देशों में एकता आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह तभी संभव है जब विश्व समुदाय एक अंतरराष्ट्रीय कानून व्यवस्था से संचालित हो। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एमिल कॉन्स्टेंटिनेस्कु पूर्व राष्ट्रपति रोमानिया, स्टीपन मेसिक पूर्व राष्ट्रपति क्रोएशिया, जोसेलेर्मे प्रिवर्ट पूर्व राष्ट्रपति हैती, डॉ. पकालिथा बी मोसिलिली पूर्व प्रधानमंत्री लेसोथो, जीन हेनरी सेंट पूर्व प्रधानमंत्री हैती आदि ने भी विचार रखे।
सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन आज
सीएमएस के इस पांच दिवसीय सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन शनिवार को सुबह 09 बजे मॉरीशस के राष्ट्रपति पृथ्वी राज सिंह रूपन कानपुर रोड स्थित ऑडिटोरियम में करेंगे। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी व अन्य मौजूद रहेंगे। इससे पहले सुबह 08 बजे विश्व एकता मार्च पुरानी चुंगी से सीएमएस कानपुर रोड ऑडिटोरियम तक निकाला जाएगा। शाम 06 बजे विभिन्न देशों से आए अतिथि नवनिर्मित हाईकोर्ट परिसर का अवलोकन करेंगे। शाम 7.30 बजे मुख्यमंत्री आवास जाएंगे, जहां उनके लिए रात्रिभोज का आयोजन किया गया है।