तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए नई व्यवस्था लाएगा वाणिज्य कर विभाग
- जीएसटी, वैट व ई-वे बिल के कार्यों में आ रही समस्या का होगा निस्तारण
- मुख्यालय स्तर पर दिक्कतों को दूर करने को बन रही है अलग से नई व्यवस्था
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जीएसटी, वैट व ई-वे बिल की समस्याओं के ऑनलाइन निस्तारण में आने वाली तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए वाणिज्य कर विभाग में एक नई व्यवस्था बनाने का फैसला किया गया है। इस तरह की समस्याओं के निकारण के लिए वाणिज्यकर मुख्यालय में एक ‘डेडीकेटेड डेस्क’ की स्थापना की जाएगी। इस तरह की समस्याओं के निस्तारण के लिए अब तक कोई उपयुक्त सिस्टम नहीं था। जिसकी वजह से अधिकारियों के सामने तमाम तरह की दिक्कतें आ रही हैं। इसके मद्देनजर ऑनलाइन कार्य करने में आ रही समस्याओं के निस्तारण के लिए अलग से नई ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है।
दरअसल जीएसटी प्रणाली लागू होने से प्रदेश में व्यापारियों के पंजीकरण, उनके द्वारा दाखिल किए जाने वाले रिटर्न, टैक्स जमा करने आदि समेत कई क्रियाकलपों को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है। यह सभी व्यवस्थाएं जीएसटीएन के पोर्टल के माध्यम से व्यापारियों को उपलब्ध भी कराई जा रही है। इस व्यवस्था में व्यापारियों के अलावा अधिकारियों द्वारा भी अधिकांश काम ऑनलाइन ही किए जा रहे हैं। जीएसटी के ऑनलाइन माड्यूल के अतिरिक्त वैट से संबंधित अनिस्तारित वादों का निस्तारण भी अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। लेकिन ऑनलाइन कार्यों के दौरान आने वाली तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए कोई उपयुक्त व्यवस्था नहीं है।
इस वजह से अधिकारियों के स्तर पर किए जा रहे जीएसटी, वैट व ई-वे बिल समेत अन्य कार्यों को समय से पूरा करने में देर होती है और उनके कार्यों की ऑनलाइन मानिटरिंग आदि करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। इसके मद्देनजर वाणिज्यकर आयुक्त अमृता सोनी ने विभागीय कार्य के लिए लागू ऑनलाइन माड्यूल में आ रही तकनीकी समस्याओं के निस्तारण के लिए ‘टिकट मैनेजमेंट सिस्टम’ (टीएमएस) और काल सेंटर में एक ‘डेडीकेटेड डेस्क’ स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इस डेस्क के माध्यम से ही ऑनलाइन क्रियाकलापों में आ रही समस्याआें को दूर किया जाएगा।
अधिकारियों के लॉगिन पर उपलब्ध होगा माड्यूल
विभागीय ऑनलाइन क्रियाकलापों में आने वाली तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए मुख्यालय में विकसित की जाने वाली टीएमसी से संबंधि माड्यूल अधिकारियों के लॉगिन पर भी उपलब्ध रहेगा। अधिकारी द्वारा इस माड्यूल के माध्यम से दर्ज शिकायतों के निस्तारण के लिए आईटी अनुभाग-एक को नामित किया गया है। सस्याओं का निस्तारण किए जाने बाद भी रिपोर्ट संबंधित अधिकारी के लॉगिन पर उपलब्ध करा दिया जाए। ताकि संबंधित अधिकारी को यह पता चल सके कि उनकी शिकायतों का निस्तारण हो चुका है।