सपा के सिंबल पर फैसले के साथ प्रत्याशियों में होगा बड़ा उलटफेर
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समाजवादी संग्राम में दोनों खेमों की नजरें अब चुनाव आयोग पर टिकी हैं। सिम्बल पर आयोग का फैसला आने के बाद अखिलेश यादव महागठबंधन का एलान कर सकते हैं।
वहीं, मुलायम सिंह भी अपने घोषित उम्मीदवारों में बड़े पैमाने पर बदलाव करेंगे। बृहस्पतिवार को दिल्ली में दोनों खेमे रणनीति बनाने में जुटे रहे।
मुलायम ने दिल्ली में शिवपाल यादव समेत कई नेताओं के साथ निर्वाचन आयोग के संभावित फैसलों की रोशनी में चुनावी रणनीति पर चर्चा की।
उधर, रामगोपाल यादव ने पार्टी सांसदों व नेताओं के साथ बैठक की। अखिलेश खेमा हर परिस्थिति के लिए तैयार है। चुनाव आयोग शुक्रवार को सपा के सिम्बल विवाद पर अंतरिम निर्णय दे सकता है।
दोनों ही खेमे वैकल्पिक सिंबल के लिए होमवर्क में जुटे
सपा का साइकिल चुनाव चिह्न जब्त हो सकता है या फिर मुलायम व अखिलेश में किसी एक खेमे को मिलेगा। दोनों खेमों की रणनीति इसी आधार पर तय होगी कि सिम्बल मिलता है या नहीं।
साइकिल जब्त हुई तो दोनों खेमों को अस्थायी तौर पर मान्यता प्राप्त दल की मान्यता मिल जाएगी। उनके दलों के नाम अलग-अलग हो जाएंगे। साथ ही उन्हें नए सिम्बल आवंटित किए जाएंगे।
वे आरक्षित चुनाव चिह्न में से कोई ले सकते हैं या फिर अपनी पसंद के सिम्बल के लिए आवेदन कर सकते हैं।
यदि शुक्रवार को सिम्बल पर फैसला आया तो 17 जनवरी से पहले दोनों खेमों को नए सिम्बल दे दिए जाएंगे। दोनों ही खेमे वैकल्पिक सिम्बल के लिए होमवर्क में जुटे हैं।
अखिलेश, राहुल, जयंत साझा करेंगे मंच
सपा सूत्रों का कहना है कि अखिलेश यादव आयोग का फैसला आते ही कांग्रेस व रालोद से दोस्ती का एलान कर देंगे।
इस महागठबंधन में कुछ छोटे दल भी शामिल हो सकते हैं। चुनाव के दौरान अखिलेश, राहुल गांधी और जयंत चौधरी संयुक्त सभाएं करेंगे।
पहले-दूसरे चरण की नई सूची होगी जारी
गठबंधन में शामिल दलों से सीटों के बंटवारे के बाद अखिलेश एक-दो दिन में प्रत्याशियों की नई सूची जारी करेंगे। उनके पूर्व घोषित उम्मीदवारों में कई बदलाव हो सकते हैं। एक-दो मौजूदा विधायकों के टिकट भी काटे जा सकते हैं।
मुलायम करेंगे प्रत्याशियों में बड़ा उलटफेर
मुलायम सिंह पूर्व घोषित 393 सीटों के प्रत्याशियों में बड़ा फेरबदल करेंगे। जिन सीटों पर उन्होंने मौजूदा विधायकों को उम्मीदवार बनाया है, उनमें से अधिकतर अखिलेश के साथ जा चुके हैं। ऐसे लोगों के टिकट काट दिए जाएंगे।
आखिरी वक्त तक सुलह की कोशिश
एक सपा नेता के मुताबिक मुलायम की आखिरी वक्त तक कोशिश होगी कि पार्टी में विभाजन टल जाए। इसके लिए उन्होंने बृहस्पतिवार को भी चर्चा की। अटकलें तो यहां तक उड़ीं कि वह निर्वाचन आयोग से अपनी याचिका वापस ले सकते हैं।
हालांकि उनके खेमे के नेताओं ने इससे इन्कार किया। उनका कहना है कि अखिलेश यादव को फिर से सीएम बनाने समेत अधिकतर मुद्दों पर नेताजी सहमति दे चुके हैं लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटने के लिए तैयार नहीं हैं। शुक्रवार सुबह भी एक बार फिर विवाद खत्म करने का प्रयास हो सकता है।