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एक माह बाद बाजार में आएगी रसीली दशहरी

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2020 01:49 AM IST
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Dasheri mango after one month in market
मलिहाबाद के बाग में तैयार हो रहा दशहरी आम - फोटो : AMAR UJALA
लखनऊ। फलपट्टी क्षेत्र में मलिहाबाद की रसीली दशहरी तैयार हो रही है। बागवानाें के मुताबिक करीब एक माह और रह गया है। इसके बाद आम की टूट शुरू होगी और बाजार में आसानी से उपलब्ध होगी। हालांकि कोरोना के प्रकोप के चलते बागवान थोड़े परेशान हैं। उनका कहना है कि अगर कोरोना बाधा न बने तो पूरी दुनिया दशहरी का लजीज स्वाद चखेगी। लेकिन कोरोना का प्रकोप बना रहा तो क्षेत्र के बागवानों को निराशा होगी और उनकी आर्थिक स्थिति भी काफी कमजोर होगी। इस बार अच्छी होगी गुणवत्ता बागवानों का कहना है कि शुरुआती दिनों में मौसमी बाधाओं ने फसल को काफी कमजोर किया, लेकिन बागवानों के लिए एक चीज राहत भरी रही कि इस वर्ष आम की फसल पर कीटों का प्रकोप काफी कम रहा, इस वजह से फसल पर अन्य वर्षों के मुकाबले करीब 40 फीसदी तक कीटनाशकों का छिड़काव भी कम हुआ। किटनाशकों के कम छिड़काव से आम की गुणवत्ता में इजाफा होगा। यह आम के शौकीनों की सेहत के लिए फायदेमंद रहेगा। -------------- आम तो तैयार हो जाएगा, सिर्फ लॉकडाउन का डर आम की फसल अनुमान से काफी कमजोर है। बौर को पहले बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचा, उसके बाद से चल रही पछुवां हवा से भी बौर को नुकसान हुआ। गनीमत रही कि इस दौरान कीटों के प्रकोप नहीं रहा। इससे जो आम बचे वे सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि अब सिर्फ लॉकडाउन का ही डर है। फसल तो अपने समय पर तैयार हो जाएगी। रामगोपाल, बागवान ------------- आम पकेगा तो कहीं न कहीं भेजना ही होगा आम के बढ़ते साइज को देखते हुए उसे तैयार होने में अब 35 दिन ही बचे हैं। उन्होंने बताया कि यहां के आम की हमेशा दिल्ली की मंडी के लिये 25 मई से पहली टूट शुरू हो जाती है। दिल्ली मंडी शुरू होने साथ ही अन्य मंडियां भी शुरू हो जाती हैं। इसके बाद लगातार टूट का सिलसिला चलता रहता है। इस बार की भी स्थित कुछ ऐसी ही बन रही है। मगर समय रहते कोरोना पर विजय मिल जाती है तो टूट अपने तय समय पर होगी, वर्ना एक सप्ताह तक टाली जा सकती है। इसके बाद आम का पकना शुरू हो जाएगा तो फिर उसे कहीं न कहीं भेजने की बागवानों के सामने मजबूरी होगी। संजीत सिंह, बागवान
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