दरोगा भर्ती 2016 : 3307 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती बोर्ड के नार्मलाइजेशन नियम को सही माना
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को बदलते हुए ऑनलाइन परीक्षा के नार्मलाइजेशन नियम को सही मानते हुए भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जिन अभ्यर्थियों की भर्ती होनी है, उनका अंतिम परिणाम जारी हो चुका है। इतना ही नहीं, लगभग ढाई हजार अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है।
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प्रदेश में उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, प्लाटून कमांडर और द्वितीय अग्निशमन अधिकारियों के 3,307 पदों पर वर्ष 2016 में निकली भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को बदलते हुए ऑनलाइन परीक्षा के नार्मलाइजेशन नियम को सही मानते हुए भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जिन अभ्यर्थियों की भर्ती होनी है, उनका अंतिम परिणाम जारी हो चुका है। इतना ही नहीं, लगभग ढाई हजार अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार प्रशिक्षण पूरा कर चुके अभ्यर्थियों की पासिंग आउट परेड कराई जाएगी और उन्हें पुलिस सेवा में शामिल कर लिया जाएगा।
गौरतलब है कि 17 जून 2016 को नागरिक पुलिस के 2,400 पुरुष व 600 महिला उप निरीक्षक के पदों के अलावा पीएसी में 210 प्लाटून कमांडर और अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के 97 पदों पर भर्ती होनी थी। इसके लिए ऑनलाइन परीक्षा हुई थी। इसके अंकों के नार्मलाइजेशन की प्रक्रिया अभ्यर्थियों को पहले ही बता दी गई थी। इसके बावजूद कई अभ्यर्थियों ने चयन सूची में नाम न आने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गए। इस पर हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए नए सिरे से नार्मलाइजेशन करने के निर्देश दिए थे। भर्ती बोर्ड ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती बोर्ड की प्रक्रिया को सही मानते हुए हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया। भर्ती बोर्ड के चेयरमैन राज कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि इससे प्रशिक्षण पूरा कर चुके लगभग ढाई हजार अभ्यर्थियों को लाभ होगा।
क्या है नार्मलाइजेशन प्रक्रिया
ऑनलाइन परीक्षा में कई दिनों तक आयोजित की जाती है। इसके लिए प्रश्नपत्र के कई सेट बनाए जाते हैं। ऐसे में कुछ सेट के प्रश्नों का कठिन और आसान होना स्वाभाविक होता है। इसी को दुरुस्त करने के लिए गणितीय समीकरण का इस्तेमाल करते हुए अभ्यर्थियों को मिले अंकों को नार्मलाइज कर परिणाम घोषित किया जाता है। यही नियम अन्य विभागों की ऑनलाइन परीक्षा में भी लागू किए जाते हैं।