रायबरेली: दलित छात्र की हत्या कर शव गड्ढे में फेंका, मुआवजे के लिए धरने पर बैठे लोग
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रायबरेली के महाराजगंज कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार की रात दलित छात्र की हत्या करके शव को पानी भरे गड्ढे में फेंक दिया गया। छात्र का धारदार हथियार से मर्डर किया गया। उसके चेहरे के पास चोट के निशान थे और कान से खून बह रहा था।
शनिवार की सुबह छात्र की हत्या की खबर लगी तो लोगों का आक्रोश पुलिस के खिलाफ फूट पड़ा। लोग धरने पर बैठ गए। हंगामा करने के साथ ही पुलिस और मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। सभी पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाए जाने की मांग करने लगे।
जानकारी होने पर कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों के समझाने पर लोग शांत हो गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वारदात की कोई वजह अभी तक सामने नहीं आई है।
महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के नरई मजरे बावन बुजुर्ग बल्ला गांव निवासी हीरालाल पासी का बेटा मोनू (17) इंटर का छात्र था। लॉकडाउन से स्कूल बंद होने के कारण बछरावां रोड पर एक मोटरसाइकिल सर्विसिंग सेंटर पर गाड़ी धुलाई का काम करता था। रात में मोनू महराजगंज से घर लौटा और नित्यक्रिया की बात कहकर घर से फिर निकल गया था। गांव से 700 मीटर दूर सड़क के किनारे गड्ढे में औंधे मुंह मोनू का शव पड़ा मिला। चेहरे पर ठुड्डी के पास कटे का निशान था तथा कान से खून बह रहा था।
मौके पर मौजूद रही कई थानों की पुलिस
सूचना पर सीओ राघवेंद्र चतुर्वेदी और कोतवाल श्रीराम ने पहुंचकर घटना की जांच की। मोनू को सीएचसी महराजगंज पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र की हत्या से युवा दलित नेता और कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव सुशील पासी समर्थकों के साथ सीएचसी पहुंच गए। घटना पर नाराजगी जताते हुए प्रदेश सचिव के साथ ही अन्य लोग सीएचसी परिसर में धरने पर बैठकर हंगामा करने लगे। मौके पर कई थानों की पुलिस बुला ली गई।
धरने पर बैठे लोग पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, पांच बीघे जमीन का पट्टा दिलाए जाने के साथ ही मौके पर सक्षम अधिकारी को बुलाने की मांग करते हुए अड़ गए। इस पर एसडीएम महराजगंज विनय मिश्रा और सीओ राघवेंद्र सिंह चतुर्वेदी ने मौके पर पहुंचकर सुशील पासी से वार्ता की। इस पर मामला शांत हो सका।