यूपी: कक्षा दो के छात्र पर दलित उत्पीड़न का केस
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यूपी में कुछ भी हो सकता है। यह कहावत ऐसे ही नहीं कही जाती है। बहराइज जिले में कक्षा 2 में पढ़ने वाले एक बच्चे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। मजे की बात यह है कि पुलिस ने इसे दर्ज भी कर लिया।
कोतवाली मुर्तिहा अंतर्गत एक गांव निवासी मदरसा अनवारुल के कक्षा दो के छात्र का अपने साथी से बकरी चराने के दौरान शुक्रवार को विवाद हुआ था। विवाद में साथी के हाथ में चोट आई थी। मामला मुर्तिहा कोतवाली पहुंचा। दो दिन तक पुलिस सौदेबाजी में जुटी रही। मनमाफिक पैसा न मिलने पर पुलिस ने 12 वर्षीय छात्र को आरोपी बनाते हुए उस पर दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर दिया है।
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस अधिकारी सकते में आए हैं। जांच शुरू की गई है। लेकिन अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कोतवाली मुर्तिहा अंतर्गत हरखापुर गांव निवासी 12 वर्षीय अशफाक पुत्र महमूद अली (सभी काल्पनिक नाम) गांव में स्थित मदरसे में कक्षा दो का छात्र है।
अब अधिकारी आए हरकत में
शुक्रवार को अशफाक प्रतिदिन की तरह मदरसे से आने के बाद बकरियों को लेकर घास चराने निकल गया था। चरागाह में उसकी मुलाकात गांव निवासी रामू पुत्र श्रीराम से हुई। जब बकरियां घास चर रही थीं। तभी अशफाक और रामू पेड़ की छाया में खेलने लगे।
खेल के दौरान ही दोनों में विवाद हो गया। मारपीट में रामू के दाहिने हाथ में चोट आई। रामू ने घर पहुंचकर सूचना दी तो दोनों परिवारों के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद चोटहिल रामू को साथ लेकर पिता श्रीराम कोतवाली मुर्तिहा पहुंच गए। वहां पर श्रीराम ने नाबालिग छात्र अशफाक को नामजद करते हुए तहरीर दी।
पुलिस ने अशफाक के पिता को कोतवाली बुलवाकर रिपोर्ट दर्ज न करने के लिए एक लाख की डिमांड की। इसके बाद सौदा 50 हजार तक गया। लेकिन मंजूर अली ने पैसा दे पाने में असमर्थता जतायी। इस रविवार को मुर्तिहा पुलिस ने नाबालिग छात्र अशफाक को नामजद करते हुए दलित उत्पीड़न के साथ मारपीट का केस दर्ज कर लिया।
इसकी जानकारी होने के बाद अशफाक की मां कमरुलनिशा ने कोतवाली पहुंचकर बेटे के नाबालिग होने की फरियाद की तो पुन: 50 हजार की डिमांड की गई। मां ने पैसा दे पाने में असमर्थता जतायी। इस पर पुलिस ने केस खत्म न करने की बात कही। परेशान परिवारीजन छात्र के भविष्य को लेकर अधिकारियों की चौखट पर माथा रगड़ रहे हैं। लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
नानपारा के पुलिस क्षेत्राधिकारी भरत यादव का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। नाबालिग छात्र के खिलाफ केस कैसे दर्ज हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। परीक्षण किया जा रहा है। मदरसे से आयु प्रमाण पत्र मांगा गया है।