प्रोफेसर के घर डकैतों का धावा, पति-पत्नी को बंधक बना पीटा, ले उड़े सामान
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लखनऊ में चिनहट के देवां रोड स्थित कॉलोनी में छह नकाबपोश बदमाशों ने बृहस्पतिवार देर रात बीबीडी में कम्प्यूटर साइंस के प्रोफेसर के घर धावा बोला। छत के रास्ते घर में घुसे बदमाशों ने प्रोफेसर व उनकी पत्नी को बेडरूम में ही बंधक बना लिया।
दोनों को जान से मारने की धमकी देते हुए कंबल ओढ़ाकर पीटा। सोने व चांदी के गहने, 20 हजार नकद के साथ कीमती बर्तन लेकर फरार हो गए। बाहर के कमरे में सो रहे किरायेदार को डकैतों के भागने के दौरान भनक लगी।
डीआईजी समेत कई अफसर मौके पर पहुंचे। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट व डॉग स्क्वॉएड बुलाकर तहकीकात शुरू कराई। डकैती की रिपोर्ट दर्जकर इलाके के तीन संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, बीबीडी में कम्प्यूटर साइंस के प्रोफेसर कृपाशंकर पाठक करीब चार साल से गांव गनेशपुर रहमानपुर में अविकसित कॉलोनी आस्थानगर में तीन कमरों के निजी मकान में पत्नी कुसुम व छह साल की बेटी अग्रिमा के साथ रह रहे हैं।
बस्ती के मूल निवासी कृपाशंकर ने बाहर का कमरा सुल्तानपुर निवासी ठेकेदार कौशल किशोर को किराये पर दे रखा है। छह नकाबपोश बदमाशों ने बृहस्पतिवार रात दो बजे छत के रास्ते धावा बोला।
आईजी को फोन किया तो पहुंची पुलिस
बेडरूम में घुसकर कृपाशंकर व कुसुम को जगाया। एक बदमाश तमंचा ताने खड़ा था, जबकि अन्य पांच डंडा लिए थे। बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देते हुए दोनों के मोबाइल छीने और कुसुम के गहने उतरवाये।
इसके बाद दोनों को बैठाया और कंबल ओढ़ाकर पीटते हुए नकदी, गहने व असलहे के बारे में पूछा। सेफ का लॉकर खोलकर 20 हजार कैश, सोने की दो चेन, दो अंगूठी, झुमकी का सेट, दो जोड़ी पायल लूटने के बाद बेड का बॉक्स खुलवाया।
उसमें रखे चांदी व फूल के बर्तनों की बोरी कब्जे में ली। इसके बाद मुख्यद्वार से बाहर निकलने के इरादे से आगे बढ़े बदमाशों ने तीसरे कमरे के दरवाजे पर लात मारी। आहट पर जागे किराएदार कौशल किशोर ने शोर मचाने के साथ ललकारा।
खतरा भांपते हुए डकैत जीने की तरफ दौड़े और छत के रास्ते फरार हो गए। किराएदार ने कृपाशंकर व कुसुम से माजरा समझने के साथ पुलिस कंट्रोल रूम फोन किया। प्रोफेसर कृपाशंकर का कहना है कि कंट्रोल रूम में सूचना के बावजूद पुलिस के न आने पर उन्होंने वीमेन पावर लाइन के आईजी नवनीत सिकेरा को फोन किया।
चिनहट पुलिस टीम आई। इसके बाद डीआईजी रेंज प्रवीण कुमार, एएसपी सिटी उत्तरी व सीओ पहुंचे। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट व डॉग स्क्वॉयड बुलाकर जांच शुरू कराई। घर के चक्कर काटने के बाद पुलिस का खोजी कुत्ता मेन रोड की तरफ दौड़ा।
बेटी का बर्थडे मनाकर लौटे थे दंपती
प्रोफेसर के घर के पीछे खाली प्लॉट में टीनशेड की एक कोठरी है। वहां से सीढ़ी लगाकर डकैत छत पर चढ़े थे। अंटिया का दरवाजा बंद होने पर उसकी दीवार तोड़ी और जीना उतरकर घर में जा धमके।
डकैती से सहमी कुसुम पाठक ने बताया कि वह पति व बेटी अग्रिमा के साथ 19 मार्च को गोरखपुर स्थित मायके गई थी। अगले दिन अग्रिमा का बर्थडे मनाया और बुधवार को कुसुम व कृपाशंकर लौट आए, जबकि अग्रिमा ननिहाल में रुक गई थी।
पुलिस वालों जैसी बातें कर रहे थे डकैत
दंपती ने बताया कि नकाबपोश बदमाश आपस में पुलिस वालों जैसी बातें कर रहे थे। जगाने के साथ डपटते हुए कहा कि तमंचा कहां रखा है। असलहाधारी बदमाश ने अपने साथी से कहा दीवानजी बगल वाले कमरे की तलाशी ले आओ।
उनकी बोलचाल स्थानीय लग रही थी। आशंका है कि तीन-चार दिन के लिए बाहर जाने के दौरान बदमाशों ने रेकी की हो। किरायेदार की मौजूदगी से बदमाश बेखबर थे। प्रो. कृपाशंकर पाठक ने बताया कि वह नेटवर्क सिक्योरिटी के विशेषज्ञ हैं। इसके चलते उन्होंने तत्कालीन डीआईजी रेंज नवनीत सिकेरा के कहने पर पुलिसकर्मियों को इसकी ट्रेनिंग दी।
पुलिस के विभिन्न सेमिनारों में जाकर सर्विलांस व साइबर क्राइम संबंधी प्रशिक्षण दिया। यही वजह है कि डकैती की सूचना के आधा घंटा बाद भी पुलिस के न पहुंचने पर उन्होंने आईजी डब्ल्यूपीएल नवनीत सिकेरा को फोन करके मदद मांगी।