फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   dacoity at bbd university professor house lucknow

प्रोफेसर के घर डकैतों का धावा, पति-पत्नी को बंधक बना पीटा, ले उड़े सामान

Sat, 25 Mar 2017 03:23 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Sat, 25 Mar 2017 03:23 PM IST
विज्ञापन
dacoity at bbd university professor house lucknow
बीबीडी प्रोफेसर के यहां डकैती के बाद ब‌िखरा सामान - फोटो : amar ujala

लखनऊ में चिनहट के देवां रोड स्थित कॉलोनी में छह नकाबपोश बदमाशों ने बृहस्पतिवार देर रात बीबीडी में कम्प्यूटर साइंस के प्रोफेसर के घर धावा बोला। छत के रास्ते घर में घुसे बदमाशों ने प्रोफेसर व उनकी पत्नी को बेडरूम में ही बंधक बना लिया।

विज्ञापन


दोनों को जान से मारने की धमकी देते हुए कंबल ओढ़ाकर पीटा। सोने व चांदी के गहने, 20 हजार नकद के साथ कीमती बर्तन लेकर फरार हो गए। बाहर के कमरे में सो रहे किरायेदार को डकैतों के भागने के दौरान भनक लगी।
विज्ञापन


डीआईजी समेत कई अफसर मौके पर पहुंचे। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट व डॉग स्क्वॉएड बुलाकर तहकीकात शुरू कराई। डकैती की रिपोर्ट दर्जकर इलाके के तीन संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है।   

विज्ञापन
विज्ञापन

 

पुलिस के मुताबिक, बीबीडी में कम्प्यूटर साइंस के प्रोफेसर कृपाशंकर पाठक करीब चार साल से गांव गनेशपुर रहमानपुर में अविकसित कॉलोनी आस्थानगर में तीन कमरों के निजी मकान में पत्नी कुसुम व छह साल की बेटी अग्रिमा के साथ रह रहे हैं।

 

बस्ती के मूल निवासी कृपाशंकर ने बाहर का कमरा सुल्तानपुर निवासी ठेकेदार कौशल किशोर को किराये पर दे रखा है। छह नकाबपोश बदमाशों ने बृहस्पतिवार रात दो बजे छत के रास्ते धावा बोला। 

​आईजी को फोन क‌िया तो पहुंची पुलिस 

dacoity at bbd university professor house lucknow
पूछताछ करती पुल‌िस - फोटो : amar ujala

बेडरूम में घुसकर कृपाशंकर व कुसुम को जगाया। एक बदमाश तमंचा ताने खड़ा था, जबकि अन्य पांच डंडा लिए थे। बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देते हुए दोनों के मोबाइल छीने और कुसुम के गहने उतरवाये।

इसके बाद दोनों को बैठाया और कंबल ओढ़ाकर पीटते हुए नकदी, गहने व असलहे के बारे में पूछा। सेफ का लॉकर खोलकर 20 हजार कैश, सोने की दो चेन, दो अंगूठी, झुमकी का सेट, दो जोड़ी पायल लूटने के बाद बेड का बॉक्स खुलवाया।

उसमें रखे चांदी व फूल के बर्तनों की बोरी कब्जे में ली। इसके बाद मुख्यद्वार से बाहर निकलने के इरादे से आगे बढ़े बदमाशों ने तीसरे कमरे के दरवाजे पर लात मारी। आहट पर जागे किराएदार कौशल किशोर ने शोर मचाने के साथ ललकारा।

खतरा भांपते हुए डकैत जीने की तरफ दौड़े और छत के रास्ते फरार हो गए। किराएदार ने कृपाशंकर व कुसुम से माजरा समझने के साथ पुलिस कंट्रोल रूम फोन किया। प्रोफेसर कृपाशंकर का कहना है कि कंट्रोल रूम में सूचना के बावजूद पुलिस के न आने पर उन्होंने वीमेन पावर लाइन के आईजी नवनीत सिकेरा को फोन किया।

चिनहट पुलिस टीम आई। इसके बाद डीआईजी रेंज प्रवीण कुमार, एएसपी सिटी उत्तरी व सीओ पहुंचे। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट व डॉग स्क्वॉयड बुलाकर जांच शुरू कराई। घर के चक्कर काटने के बाद पुलिस का खोजी कुत्ता मेन रोड की तरफ दौड़ा।

बेटी का बर्थडे मनाकर लौटे थे दंपती

dacoity at bbd university professor house lucknow
जांच करती पुल‌िस - फोटो : amar ujala
लेटलतीफी के आरोप पर यूपी-100 टीम ने सफाई दी कि प्रोफेसर कृपाशंकर ने किरायेदार के मोबाइल से पुलिस कंट्रोल रूम कॉल की थी। घबराहट में वह स्पष्ट पता नहीं बता सके और पुलिस ड्रीम सिटी-1 में उनका घर खोजती रही। दोबारा कॉल करने पर सही पता मालूम हुआ। 

प्रोफेसर के घर के पीछे खाली प्लॉट में टीनशेड की एक कोठरी है। वहां से सीढ़ी लगाकर डकैत छत पर चढ़े थे। अंटिया का दरवाजा बंद होने पर उसकी दीवार तोड़ी और जीना उतरकर घर में जा धमके। 

डकैती से सहमी कुसुम पाठक ने बताया कि वह पति व बेटी अग्रिमा के साथ 19 मार्च को गोरखपुर स्थित मायके गई थी। अगले दिन अग्रिमा का बर्थडे मनाया और बुधवार को कुसुम व कृपाशंकर लौट आए, जबकि अग्रिमा ननिहाल में रुक गई थी। 

पुलिस वालों जैसी बातें कर रहे थे डकैत

dacoity at bbd university professor house lucknow
डकैती के बाद ‌ब‌िखरा पड़ा सामान - फोटो : amar ujala

दंपती ने बताया कि नकाबपोश बदमाश आपस में पुलिस वालों जैसी बातें कर रहे थे। जगाने के साथ डपटते हुए कहा कि तमंचा कहां रखा है। असलहाधारी बदमाश ने अपने साथी से कहा दीवानजी बगल वाले कमरे की तलाशी ले आओ।

उनकी बोलचाल स्थानीय लग रही थी। आशंका है कि तीन-चार दिन के लिए बाहर जाने के दौरान बदमाशों ने रेकी की हो। किरायेदार की मौजूदगी से बदमाश बेखबर थे। प्रो. कृपाशंकर पाठक ने बताया कि वह नेटवर्क सिक्योरिटी के विशेषज्ञ हैं। इसके चलते उन्होंने तत्कालीन डीआईजी रेंज नवनीत सिकेरा के कहने पर पुलिसकर्मियों को इसकी ट्रेनिंग दी।

पुलिस के विभिन्न सेमिनारों में जाकर सर्विलांस व साइबर क्राइम संबंधी प्रशिक्षण दिया। यही वजह है कि डकैती की सूचना के आधा घंटा बाद भी पुलिस के न पहुंचने पर उन्होंने आईजी डब्ल्यूपीएल नवनीत सिकेरा को फोन करके मदद मांगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed