फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   cultural event in lucknow

गजल से सजी महफिल

Mon, 03 Feb 2014 11:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 03 Feb 2014 11:24 AM IST
विज्ञापन
cultural event in lucknow

‘हिजाबे फितना परवर, अब उठा लेती तो अच्छा था’ मजाज़ लखनवी की इस नज्म से शुरूआत हुई ‘शाम ए गज़ल’ की। इसका आयोजन लखनऊ लिटरेरी फेस्टिवल के समापन के मौके पर किया गया।

विज्ञापन

बेगम अख्तर की शताब्दी जयंती वर्ष पर श्रद्घांजलि के तौर पर आयोजित शाम ए गजल में कैलाश जोशी और श्रुति शुक्ल ने महफिल सजाई।

मजाज लखनवी के बाद बेगम अख्तर की गाई और मीर तकी मीर की लिखी हुई-‘उलटी हो गईं सब तदबीरें, कुछ न दवा ने काम किया’ पंक्तियां सुनाईं।

फिर उस्ताद अहमद हुसैन रचित ‘मौसम आएंगे जाएंगे, हम तुमको भूल न पाएंगे’ सुनाकर दर्शकों का मनोरंजन किया।

गिटार पर गोपाल गोस्वामी, तबले पर मुकेश श्रीवास्तव, की बोर्ड पर रिंकू राज, सारंगी पर शफीक हुसैन और बांसुरी पर राज विभूति ने संगत की। कम समय होने के कारण शाम ए गजल को जल्द ही समाप्त कर दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed