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सर्जरी कर बचाई हमले में घायल युवक क्षतिग्रस्त सांस की नली
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हमले में घायल युवक की बुरी तरह क्षतिग्रस्त सांस की नली और मांसपेशियों की सर्जरी केजीएमयू के चिकित्सकों ने सफलतापूर्वक की। शुक्रवार को पारा निवासी युवक की कृत्रिम सांस नली बनाई गई। जटिल प्रक्रिया के बाद मरीज की जान अब खतरे से बाहर है।
पारा निवासी सनी कश्यप पर गुरुवार को धारदार हथियार से हमला हुआ था, जिसमें उसकी आधी गर्दन कट गई थी। इसकी वजह से उसकी सांस की नली 90 फीसदी तक क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिस ने उसे केजीएमयू के ट्रॉमा में भर्ती कराया। सबसे बड़ी चुनौती सांस की नली थी। इसे जोड़ना संभव नहीं था, इसलिए कृत्रिम सांस की नली बनाने का फैसला किया गया। ट्रॉमा सर्जरी विभाग के हेड डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में इसे ट्रैकियॉस्टमी कहते हैं। यह जटिल प्रक्रिया है। सांस की नली के साथ ही खून की धमनियां भी कट गई थीं, इसलिए पहले छोटी धमनियों को बांधा गया। इसके बाद सांस की नली को दुरुस्त किया गया। इसके बाद कटी मांसपेशियों को भी ऑपरेशन करके जोड़ा गया।
देर शाम तक चला ऑपरेशन
डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि शाम चार बजे से ऑपरेशन शुरू किया गया और देर शाम तक चलता रहा। मरीज की जान अब खतरे से बाहर है। वह अपने आप से सांस भी ले पा रहा है। तबीयत सही होने पर उसे डिस्चार्ज किया जाएगा।
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पारा निवासी सनी कश्यप पर गुरुवार को धारदार हथियार से हमला हुआ था, जिसमें उसकी आधी गर्दन कट गई थी। इसकी वजह से उसकी सांस की नली 90 फीसदी तक क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिस ने उसे केजीएमयू के ट्रॉमा में भर्ती कराया। सबसे बड़ी चुनौती सांस की नली थी। इसे जोड़ना संभव नहीं था, इसलिए कृत्रिम सांस की नली बनाने का फैसला किया गया। ट्रॉमा सर्जरी विभाग के हेड डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में इसे ट्रैकियॉस्टमी कहते हैं। यह जटिल प्रक्रिया है। सांस की नली के साथ ही खून की धमनियां भी कट गई थीं, इसलिए पहले छोटी धमनियों को बांधा गया। इसके बाद सांस की नली को दुरुस्त किया गया। इसके बाद कटी मांसपेशियों को भी ऑपरेशन करके जोड़ा गया।
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देर शाम तक चला ऑपरेशन
डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि शाम चार बजे से ऑपरेशन शुरू किया गया और देर शाम तक चलता रहा। मरीज की जान अब खतरे से बाहर है। वह अपने आप से सांस भी ले पा रहा है। तबीयत सही होने पर उसे डिस्चार्ज किया जाएगा।
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