छात्रा को अगवाकर दुष्कर्म की कोशिश, दो दिन तक टरकाती रही पुलिस
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पीड़िता के परिवारीजन दो दिन से थाने के चक्कर लगा रहे थे। प्रभारी निरीक्षक पर मुकदमा दर्ज न करने का आरोप लगाया। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अधिकारियों की फटकार पड़ी तो प्रभारी निरीक्षक ने बुधवार देर रात आनन-फानन में केस दर्ज किया।
माल थानाक्षेत्र इलाके में रहने वाली 18 साल की युवती एक निजी स्कूल में 12वीं की छात्रा है। उसके पिता चाय व समोसे की दुकान चलाते हैं। छात्रा के मुताबिक, 13 मार्च को शाम सात बजे मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉलर ने खुद का परिचय इब्राहिम उर्फ गोल्डन के रूप में दिया।
गोल्डन उसके पिता की दुकान पर अक्सर आता था। छात्रा ने बातचीत की तो उसने जरूरी काम के चलते गुमसेना पुल के पास आने को कहा। वह पिता को जानकारी देकर गई, जहां इब्राहिम डंपर लेकर खड़ा था। उसके साथ तीन-चार लोग और थे। बातचीत के दौरान ही इब्राहिम के इशारे पर उक्त लोगों ने उसका मुंह दबाकर डंपर में डाल दिया।
मौका देखकर भाग निकली छात्रा
आरोप है कि आरोपी उसे इटौंजा रोड की तरफ ले जाने लगे। गोमती पुल के पास दुष्कर्म की कोशिश की और गला दबाने लगे। किसी तरह उसने जान बचाई और शोर मचाया। इस पर आरोपियों ने डंपर नीलांश वाटर पार्क की तरफ मोड़ दिया। इसके बाद डंपर रोककर उसे उतारा और तमंचा लगाकर बाइक सवार साथियों संग लेकर चल दिए।
आरोप है कि गोल्डन के साथियों को पता चला कि छात्रा को लाते समय पुल पर कुछ लोगों ने देख लिया था। इस पर बंद गाड़ी मंगाने की बात हुई। इब्राहिम ने अपने एक अन्य साथी का ट्रक मंगाया और उसे लादकर फिर गुमसेना पुल की तरफ चल पड़े। रास्ते में धमकाया कि अगर किसी को कुछ बताया तो जान से मार देंगे। इसके बाद ट्रक खड़ाकर आरोपी शराब पीने लगे। मौका देखकर छात्रा भाग निकली और परिवारीजनों को आपबीती सुनाई।
अधिकारियों की फटकार पर रिपोर्ट
देर शाम अधिकारियों के फटकार के बाद प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र सिंह ने कार्रवाई शुरू की। बुधवार देर रात करीब 9.30 बजे माल थाने में अगवा करने व सामूहिक दुष्कर्म की कोशिश की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया।