कैदी ने रची जेल अधीक्षक को उड़ाने की साजिश
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साजिश में बाराबंकी जेल में बंद उसका साथी अखिलेश व कुशीनगर का पांच हजार रुपये का इनामी अपराधी राणा प्रताप शामिल था।
चंदन सिंह का शूटर राणा इस समय फरार चल रहा है। एसटीएफ ने सर्विलांस की मदद से इस साजिश का पर्दाफाश किया।
शहर कोतवाल मोहन वर्मा ने बताया कि जून में देवां के बिशुनपुर निवासी सर्राफ अमित सोनी की हत्या के मामले में चंदन सिंह और उसके साथियों को गिरफ्तार किया गया था।
पिछले दिनों गोरखपुर के कुछ डॉक्टरों से जेल से रंगदारी के लिए फोन पर धमकी देने की बात सामने आई थी। चंदन व उसके साथियों के पास जेल में मोबाइल फोन भी मिला था। इसके बाद एसटीएफ ने इन सब पर नजर गड़ा दी थी। एसटीएफ ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
गोरखपुर जेल पर छापे में मोबाइल और चाकू मिले
मंगलवार की सुबह मंडलीय कारागार पर छापे में अफसरों को आधा दर्जन से अधिक मोबाइल फोन, सिमकार्ड, मोबाइल की बैट्री-चार्जर, पेन ड्राइव, चाकू-कैंची समेत सिगरेट, बीड़ी, भांग और शराब की खाली बोतलें मिलीं।
इसके बाद दो बंदी रक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया। दो प्रधान बंदी रक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जेलर और डिप्टी जेलर के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।
डीएम रंजन कुमार और एसएसपी आरके भारद्वाज की अगुवाई में सुबह आठ बजे अचानक जेल पहुंचे अफसरों ने करीब तीन घंटे तक बैरकों की सघन जांच की।
अफसरों की अलग-अलग टीम ने बैरकों की तलाशी शुरू कर दी। अचानक हुई कार्रवाई से बंदियों में खलबली मच गई। कोई गमले के नीचे सिमकार्ड छुपाते मिला तो कोई मोबाइल जमीन में गाड़ने की कोशिश में।
जेलर आरके सिंह और डिप्टी जेलर राजेश मौर्य के खिलाफ आईजी (जेल) को रिपोर्ट भेजने के साथ ही उन्होंने प्रधान बंदी रक्षक चंद्रभान पांडेय और ओमप्रकाश का जवाब तलब किया है।