संदिग्ध हालात में महिला सिपाही की मौत, रात को मां से पूछा था ये सवाल
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महिला थाने के पास पुलिस आवास में शनिवार सुबह एक महिला आरक्षी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली। कमरे का दरवाजा खुला था। आरक्षी का मोबाइल फोन गायब था। सूचना पर एसपी ने घटनास्थल का जायजा लिया। दूसरी तरफ परिवारीजनों ने आरक्षी को जहर देकर मारे जाने का आरोप लगाया। पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया।
कौशांबी जिले के सैनी थाना अन्तर्गत कोरियो गांव निवासी मंसूर अहमद की पुत्री सैय्यद चांदनी (24) 2015 में प्रदेश पुलिस में आरक्षी के पद पर भर्ती हुई थी। सैय्यद चांदनी की तैनाती सुल्तानपुर में डीसीआरबी में थी। वह महिला थाना के पास सरकारी आवास में राधिका के साथ रहते थी।
राधिका छुट्टी पर घर गई थी। शनिवार सुबह आठ बजे तक चांदनी कमरे से नहीं निकली तो अन्य महिला सिपाही उसे देखने पहुंचीं। चारपाई पर चांदनी का शव पड़ा था। सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। एसपी अमित वर्मा व सीओ सिटी श्याम देव ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
घटना की सूचना पर दोपहर बाद कौशांबी से पहुंचे चांदनी के पिता मंसूर अहमद और मां जाहिरा खातून ने बेटी को जहर देकर मारने का आरोप लगाया। उधर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं होने पर विसरा सुरक्षित रखा गया है।
नगर कोतवाल श्याम सुंदर पांडेय ने बताया कि पिता मंसूर अहमद की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ जहर देकर मार डालने का मुकदमा दर्ज किया गया है। विसरा की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की गुत्थी सुलझेगी।
पोस्टमार्टम करने वाली महिला चिकित्सक डॉ. मानसी तोमर और डॉ. धीरेंद्र विक्रम सिंह की मानें तो सैय्यद चांदनी के दाहिने हाथ की दो अंगुलियों में इंजेक्शन लगाने सरीखा निशान पाया गया है। ऐसा निशान सर्पदंश का भी हो सकता है। डॉ. धीरेंद्र के मुताबिक सैय्यद चांदनी की मौत रात 11 से 12 बजे के बीच हुई है।
दरोगा की परीक्षा में पाई गई थी फिट
एमएससी की पढ़ाई के बाद पुलिस विभाग जॉइन करने वाली चांदनी दरोगा भर्ती की परीक्षा में भी शामिल हुई थी। वह चार जुलाई 2018 को लिखित परीक्षा पास करने के बाद अलीगढ़ में आयोजित दौड़ पास करने बाद उसका मेडिकल परीक्षण भी हुआ था। तीनों परीक्षाओं में सैय्यद चांदनी पास हुई थी। पांच जुलाई को आखिरी बार चांदनी घर गई थी।
रात 10 बजे मां से पूछा था सब्जी बनाने का तरीका
पिता मंसूर अहमद ने बताया कि चांदनी ने मां जाहिरा से शुक्रवार रात करीब 10 बजे फोन पर बात की थी। उसने मां से अरवी की सब्जी बनाने का तरीका पूछा था। मंसूर अहमद के मुताबिक बेटी ने वादा किया था कि वह एक दिन बढ़ी अफसर बनेगी।