लखनऊ: कोविड बेडों की संख्या छिपाने पर मेदांता, अपोलो व सहारा अस्पताल को चेतावनी
लखनऊ के मेदांता, अपोला व सहारा अस्पताल को कोविड बेडों की सही जानकारी न देने और पोर्टल पर समय से ब्योरा न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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नोडल प्रभारी ने मेदांता, अपोलो व सहारा अस्पताल को विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी है। इन पर कोविड बेडों की संख्या छिपाने, ऑनलाइन पोर्टल में सही व समय से ब्योरा अपडेट न करने और कोविड कमांड सेंटर को समय से उत्तर न देने का आरोप है। डॉ. रोशन जैकब की ओर से कराई जांच में तीनों अस्पतालों में गड़बड़ी मिली है। नोडल अधिकारी ने तीनों अस्पतालों को चेतावनी दी है कि यदि खाली बेडों की सूचना समय से पोर्टल पर दर्ज नहीं की और कमांड सेंटर की ओर से किए गए रेफरल में फिर अनावश्यक रूप देरी मिली तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मेदांता ने एक दिन में घटा दिए 25 बेड
मेदांता के खिलाफ शिकायतों की जांच अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ पल्लवी मिश्रा, सीएचसी सरोजनीनगर के डॉ. डीके सिंह व लघु सिंचाई के अवर अभियंता ने की। इसमें पता चला कि उपलब्ध बेड की संख्या सुबह आठ व शाम चार बजे पोर्टल पर अपडेट नहीं की जा रही है। वहीं, 23 मई को कोविड बेडों की संख्या 125 थी, जो 24 मई को 100 कर दी गई। अस्पताल के कंट्रोल रूम में कोविड कमांड सेंटर से फोन आने पर समय से उत्तर भी नहीं दिया जा रहा था।
सात बेड खाली, पर पोर्टल पर संख्या शून्य
अपोलो के खिलाफ शिकायतों की जांच सीएचसी चंदरनगर के अधीक्षक, तहसीलदार सरोजनीनगर और डीओपीएम ने की। इसमें पता चला कि अस्पताल में लेवल-2 श्रेणी के खाली बेडों की संख्या 15 है, जिसमें सात राजकीय हैं। हालांकि, पोर्टल पर राजकीय श्रेणी में उपलब्ध बेड की संख्या शून्य दिखाई गई है। कोविड बेडों की संख्या भी घटा दी गई। वहीं, अस्पताल के कंट्रोल रूम में कमांड सेंटर से फोन आने पर समय से उत्तर नहीं दिया जा रहा था।
सहारा ने भी छुपाई बेडों की संख्या
सहारा अस्पताल में भी खाली बेडों की संख्या पोर्टल पर अपडेट न करने की शिकायत को चिकित्सा अधिकारी राधेश्याम सोनी, लोकेश त्रिपाठी सेक्टर मजिस्ट्रेट व उप जिलाधिकारी सदर ने जांच में सही पाया। पता चला कि 23 मई को कोविड बेडों की संख्या 70 थी। इसमें भर्ती मरीजों की संख्या 22 और खाली बेडों की संख्या 48 थी, लेकिन ऑनलाइन खाली बेड शून्य दिखाए गए थे।
इसी तरह 24 मई को बेडों की संख्या 60 थी। इनमें 24 मरीज भर्ती थे और 36 बेड खाली थे, लेकिन ऑनलाइन खाली बेडों की संख्या शून्य थी। इससे मरीज भर्ती करने में कठिनाई हुई। कोविड कमांड सेंटर को समय से उत्तर न देने का आरोप यहां भी लगा।
तकनीकी कारणों से आई समस्या
अपोलो अस्पताल के प्रवक्ता का कहना है कि 24 मई को कुछ तकनीकी कारणों से पोर्टल पर बेड की संख्या सही नहीं दिख रही थी। अन्य माध्यमों से अस्पताल के अधिकारी विभाग को उपलब्ध बेड की संख्या के बारे में अवगत करा रहे थे। परेशानी को सुधार लिया गया है और सभी उपलब्ध बेड पोर्टल पर दिख रहे हैं।