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UP: 24 साल में केस नहीं सॉल्व कर पाई पुलिस

Wed, 23 Jul 2014 11:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 23 Jul 2014 11:34 AM IST
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up police could not find accused in 24 years

यूपी पुलिस की लापरवाही जगजाहिर है, लेकिन इस केस में पुलिस ने हद कर दी है। यूपी पुलिस एक आरोपी को पिछले 24 साल से नहीं पकड़ पाई है।

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यह आरोपी प्रधानमंत्री के आगमन पर लखनऊ एयरपोर्ट के परिसर में जबरन घुस गया था और दरोगा की सरकारी रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की थी और फरार हो गया था।

आलम यह है कि सह अभियुक्त ने पुलिस को बता तक दिया है कि आरोपी शिवचंद्र शाह अपने ही मकान में रह रहा है। पुलिस उसे सहयोग करते हुए गिरफ्तार नहीं कर रही है।
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न्यायिक मजिस्ट्रेट अपूर्व सिंह ने आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट व फरारी की घोषणा करने के साथ ही एसएसपी को कड़ा पत्र लिखकर कहा कि वह व्यक्तिगत रुचि लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करें। अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी।

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कोर्ट ने दिया एसएसपी को निर्देश

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कोर्ट ने एसएसपी को पत्र लिखकर बताया कि तत्कालीन सभासद शिवचंद्र शाह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।

इस पर हुसैनगंज थाने के दरोगा ने अपनी रिपोर्ट देकर बताया कि आरोपी शिवचंद्र को काफी तलाशा गया लेकिन मिला नहीं।

वहीं, मामले के सह अभियुक्त ने कोर्ट में अर्जी देकर बताया कि आरोपी उसी पते का स्थायी निवासी है जहां पर वारंट भेजा जा रहा है।

कहा गया कि आरोपी उसी वार्ड का पूर्व सभासद है तथा एक राजनीतिक पार्टी का प्रभावशाली नेता है।

इस नाते हुसैनगंज की पुलिस उसकी मदद करते हुए गिरफ्तार नहीं कर रही है। एसएसपी को पत्र लिखकर कोर्ट ने कहा, ऐसी स्थिति में एसएसपी व्यक्तिगत रुचि लेकर आरोपी को गिरफ्तार कराके कोर्ट में पेश करें।

क्या है पूरा मामला?

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दरोगा शेषमणि तिवारी ने 28 अप्रैल 1990 को सरोजनीनगर थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी एयरपोर्ट पर आ रहे थे तथा वादी की ड्यूटी गेट नं. 2 पर थी।

शाम लगभग साढ़े 4 बजे शिवचंद्र तथा अचल मेहरोत्रा के साथ 40-50 लोग खुद को पत्रकार बताकर कैमरे लिए हुए आए तथा एयरपोर्ट पर जाने लगे।

पुलिस ने जब रोकने की कोशिश की तो वे गाली देने लगे तथा जबरन घुसने का प्रयास करने लगे। आरोपियों ने वादी शेषमणि तिवारी की सरकारी रिवाल्वर छीनने की कोशिश की तथा दो कारतूस छीन लिए।

पुलिस ने विवेचना के बाद अचल महरोत्रा तथा शिवचंद्र के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी। अचल ने 19 जुलाई 2011 को अपनी जमानत करा ली जबकि शिवचंद्र फरार है।

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