अब RTI बनी ठगी का औजार, तीन गिरफ्तार
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सचिवालयकर्मी बनकर अफसरों से ठगी करने वाले एक और गैंग का खुलासा कर पुलिस ने शुक्रवार दोपहर तीन बदमाशों को दबोच लिया।
गैंग के बदमाश आरटीआई के जरिए सूबे के जिलों में चल रहे सरकारी कार्यों की जानकारी लेते थे। इसके बाद खुद को सचिवालयकर्मी बताकर संबंधित अफसर को फोन कर वसूली करते थे।
कुछ दिन पूर्व गैंग ने बांदा के सीएमओ डॉ. आरके सिंह की शिकायत मिलने की जानकारी देते हुए 25 हजार रुपये मांगे।
सीएमओ ने की चालाकी
सीएमओ ने चालाकी दिखाते हुए एसएसपी प्रवीण कुमार से संपर्क किया, जिसके बाद सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की टीम ने घेराबंदी कर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
सीओ हजरतगंज राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पकड़े गए ठगों में गैंग का सरगना बस्ती के परशुरामपुर थाना क्षेत्र के पिकौराभट्ट निवासी कमलेश शर्मा भट्ट और उसके साथी चंचल भट्ट व फैजाबाद के कैंट थाना क्षेत्र के रद्दोपुर का प्रवीन सिंह हैं।
पैनी नजर रखता था गैंग
गैंग के लोग आरटीआई के माध्यम से विभिन्न जनपदों में चल रहे सड़क, सरकारी भवन, स्कूल, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र जैसे अन्य निर्माण कार्यों की जानकारी लेते थे और निर्माण कार्य में लगे इंजीनियरों और संबंधित अफसरों के मोबाइल नंबर भी जुटा लेते थे।
गैंग सभी निर्माण कार्यों पर पैनी नजर रखता था। सारी जानकारी और निर्माण की वर्तमान स्थिति पता लगाने के बाद कमलेश शर्मा भट्ट संबंधित विभाग के जेई अथवा एई को फोन करता था।
खुद को सचिवालयकर्मी बताते हुए कमलेश निर्माण कार्य में धांधली और लापरवाही की शिकायतें मिलने की बात कहता था। फिर मामला रफा-दफा करने के नाम पर जेई-एई से रुपये की मांग की जाती थी।
आसानी से ऐंठ लेते थे रकम
सीओ ने बताया कि जेई-एई आसानी से जाल में फंसकर 15से 25 हजार रुपये तक दे देते थे।
सीओ के मुताबिक बीते दिनों कमलेश ने बांदा के सीएमओ डॉ. आरके सिंह को फोन कर कहा कि उनके खिलाफ सचिवालय के शिकायत प्रकोष्ठ में शिकायत आई है।
कमलेश ने कहा कि अगर वह 25 हजार रुपये दे देते हैं तो मामला यहीं दबा दिया जाएगा। गैंग के सदस्य फर्जी आईडी वाले फोन से काल करते थे।
उन्होंने बताया कि बदमाशों के पास उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड की सूचना निर्देशिका (फोन डायरेक्टरी) मिली है। इसी से वह अफसरों के नंबर लेकर उनसे संपर्क करते थे।
रुपये लेकर हज कमेटी के गेट पर बुलाया
सीएमओ के रिश्तेदार व कानपुर के शास्त्रीनगर में मेडिकल स्टोर संचालक राजेश कुमार सिंह ने कर्मचारी रवीश कुमार श्रीवास्तव को 25 हजार रुपये लेकर राजधानी भेजा।
यहां हजरतगंज कोतवाली के दरोगा रणविजय सिंह, क्राइम ब्रांच के दरोगा रणबहादुर सिंह, सर्विलांस सेल के अनुराग मिश्रा सहित सिपाही अनिल, अमित, सुजीत, मुकेश, ब्रजेश, जावेद, कलीम ने रवीश के साथ गैंग की घेराबंदी की तैयारी की।
रवीश ने कमलेश को फोन कर रुपये लेने के लिए बुलाया। कमलेश ने दोपहर तीन बजे हज कमेटी के गेट पर मिलने की बात कही।
तीन बजे रवीश निश्चित स्थान पर पहुंचा और उसे रुपये दे दिए। जैसे ही कमलेश ने रुपये जेब में रखे, पुलिस टीम पहुंच गई और उसे साथियों सहित दबोच लिया।
50 अफसरों से दस लाख से अधिक ठगे
सीओ हजरतगंज ने बताया कि कमलेश और उसके गैंग के सदस्य अब तक करीब 50 जेई-एई सहित अन्य अफसरों से दस लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि जेई-एई इस गैंग के लिए सॉफ्ट टारगेट थे। पहली बार इस गैंग ने सीएमओ को निशाना बनाया जिसमें वे फंस गए।