चार दिन में तीसरी बार पुष्पक एक्सप्रेस में करोड़ों की चोरी
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चारबाग रेलवे स्टेशन की छोटी लाइन पर सुबह आठ बजकर 55 मिनट पर मैसेज फ्लैश होता है। यात्रीगण सावधान!मुंबई से चलकर लखनऊ आने वाली पुष्पक एक्सप्रेस आउटर पर खड़ी है। कुछ ही देर में प्लेटफॉर्म नंबर छह पर पहुंच रही है।
ट्रेन आने के साथ ही जीआरपी के दरोगा-सिपाही एसएलआर कोच की तरफ भागते हैं। बोगी के अंदर का नजारा देखकर उनके हाथ पांव फूल गए। पता चला कि चोरों ने लगातार तीसरी बोगी में सेंध लगाकर करोड़ों का माल बीच रास्ते में ही उड़ा दिया।
इसकी सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर जीआरपी डीके उपाध्याय और आरपीएफ के इंस्पेक्टर रंजन कुमार भी मौके पर पहुंच गए। फटे हुए गत्ते और बचा हुआ माल बटोरने के बाद जांच पड़ताल शुरू की।
जीआरपी सब इंस्पेक्टर विष्णु कौशिक ने शिव कार्गो कंपनी के सुपरवाइजर सतीश कुमार और गनपति कुरिअर के विजय भाटिया को फोन कर उसका माल चोरी होने की सूचना दी। मौके पर पहुंचे सतीश कुमार व अन्य लोगों ने बचे सामान की सूची बनाई।
उन्होंने पुलिस को बताया कि चार टन माल लोड होकर एसएलआर कोच में आ रहा था। इसमें मुंबई की शिव कार्गो और स्पार्क कार्गो कंपनी का ही सामान था।
ये हुआ चोरी
स्पार्क कार्गो की ओर से लोड कराए गए छह कार्टन यहां गनपति कुरिअर के विजय भाटिया के लिए भेजे गए थे। इनमें कॉपी-किताबें थीं। जबकि शिव कार्गो का सामान यहां के सुपरवाइजर सतीश कुमार को उतरवाना था।
मुंबई से लखनऊ के लिए तकरीबन 44 कार्टन भेजे गए थे। इनमें मोबाइल फोन की एसेसरीज, स्क्रीन गार्ड, पाउच, टार्च व इसी तरह के अन्य कीमती सामान थे। चोर शिव कार्गो का ही सामान चोरी करके ले गए हैं। अनुमान है कि बुधवार रात भी लगभग तीन से चार करोड़ रुपये का सामान चोरी हुआ है।
बोगी में एक भी सुराग नहीं छोड़ा
जीआरपी टीम ने बारीकी से पुरी बोगी का निरीक्षण किया। कई घंटे जांच पड़ताल के बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला। जीआरपी का मानना है कि चोर बैटरी संचालित आरी से एक फीट लंबा और दस इंच चौड़ा सुराग कैसे कर सकते हैं। उन्होंने इलेक्ट्रिक आरी का इस्तेमाल कैसे किया।
आरपीएफ-जीआरपी की लापरवाही से हो रही घटनाएं
पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन में चोरों ने एसएलआर बोगी में सेंध लगाकर रविवार रात में दो करोड़ का माल उड़ाया। इसके बाद मंगलवार रात सेंध लगाकर चार करोड़ का सामान चुराया। इसके बावजूद आरपीआफ के इंस्पेक्टर रंजन कुमार और जीआरपी के इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय पीड़ितों को टरकाने में जुटे। आरपीएफ अधिकारियों ने तो रिपोर्ट दर्ज करने से साफ इन्कार कर दिया।
नदारद रहे पुलिस कर्मी, सेंध लगाते रहे चोर
पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन की जनरल बोगी से सटे ही लगेज एंड कैरी वैन की बोगी लगाई जाती है। बताया जा रहा है कि जनरल बोगी के बाथरूम के रास्ते ही चोरों ने रात भर में बोगी की मोटी चद्दर काटकर सेंध लगाई। इस दौरान एक भी बार आरपीएफ की टीम वहां नहीं दिखी।
30 हजार में बुकिंग, 20 हजार घूस
कुरिअर कंपनियों के कर्मचारियों ने बताया कि रेलवे को 29, 450 हजार रुपये में चार टन माल बुक कराया जाता है। मुंबई, कानपुर और लखनऊ में सामान अनलोड कराने के लिए उन्हें लगभग 20 हजार रुपये तक घूस देना पड़ता है। रोजाना चार टन माल मुंबई से लखनऊ लाने के लिए उनका 50 हजार रुपये खर्च होता है। इसके बावजूद आरपीएफ उनके सामान की सुरक्षा नहीं करती।