सुसाइड से पहले बोली, ‘मेरी आत्मा देगी गुंडों को सजा’
प्रॉपर्टी हड़पने के लिए होम्योपैथी के एक डॉक्टर और गोमतीनगर थाना के हिस्ट्रीशीटर ने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने वाली डॉ. ज्योइता श्रीवास्तव (35) को इतना प्रताड़ित किया कि उसने आत्महत्या कर ली।
वह मां पंपा श्रीवास्तव के साथ विशालखंड में मकान नंबर 2/87 में रहती थी। मां का कहना है कि डॉक्टर और हिस्ट्रीशीटर ने बेटी को परेशान कर रखा था।
दो साल से वे मकान बेचने का दबाव बना रहे थे। इन्कार करने पर डरा-धमका रहे थे। पीछा करने के साथ ही फोन करके परेशान करते थे।
शुक्रवार रात पथराव कर घर की खिड़कियों के शीशे तोड़ डाले। मां का कहना है कि दहशत और प्रताड़ना के चलते ही बेटी ने शनिवार सुबह खुद को बेडरूम में बंद कर ब्लेड से गर्दन व कलाई की नसें काट डालीं।
चार दिन पहले ज्योइता किसी काम से बाहर गई थी तो डॉक्टर और हिस्ट्रीशीटर उसके पीछे लग गए। रास्ते भर परेशान किया।
मां नहीं समझ पाई क्यों कहा उसने ऐसा
घर लौटकर ज्योइता काफी देर तक गुमसुम बैठी रही। मां ने पूछा तो आंखों में आंसू भरकर बोली, ‘मेरी आत्मा गुंडों को सजा देगी।’ उस वक्त पंपा बेटी का दर्द नहीं समझ पाई थी।
ज्योइता ने सुबह करीब आठ बजे उठकर चाय बनाई। मां के साथ चाय पीने के बाद तबीयत खराब बता कर वह कमरे में चली गई।
दोपहर में जब दरवाजा खटखटाने पर नहीं खुला तो मां ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो बेड पर ज्योइता का खून से लथपथ शव पड़ा था। पास ही दो ब्लेड पड़े थे। गोमतीनगर के एसओ जहीर खान ने बताया, मृतका की मां ने एक डॉक्टर और एक हिस्ट्रीशीटर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
हालांकि अभी लिखित तहरीर नहीं दी है। युवती के डिप्रेशन में होने की बात भी पता चली है। उसकी मां भी डिप्रेशन की शिकार लग रही है। हो सकता है कि इसी वजह से वह आरोप लगा रही हों। तहरीर मिलने पर छानबीन की जाएगी।