मां ने काटी नस, बच्चों ने निगलीं दवाएं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घरेलू कलह में पूरा परिवार बिखर जाता है। माता-पिता की अनबन का असर मासूम मन पर गहरा आघात लगाता है।
अलीगंज में भी मंगलवार को कुछ ऐसा ही हुआ। पति से झगड़े के बाद गुस्साई महिला ने खुदकुशी के इरादे से हाथ की नस काट ली।
इससे पहले सहेली को वाट्सअप पर मैसेज कर दिया था। कुछ ही देर में महिला बेसुध होकर गिर पड़ी। मां की हालत देख दोनों नाबालिग बच्चों ने भी जान देने की ठानी और घर में रखी दवाएं निगल ली।
गनीमत रही कि सहेली की सूचना पर समय रहते पुलिस पहुंच गई और मां व बच्चों को बचा लिया गया।
अलीगंज सेक्टर-बी निवासी मनोज अग्रवाल की नाका में इलेक्ट्रॉनिक्स की शॉप है। पुलिस के अनुसार, लंबे समय से मनोज की अपनी पत्नी सरिता (38) से अनबन चल रही है।
मां को रोता देख बदहवास हुए बच्चे
सुबह भी दोनों में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद मनोज दुकान के लिए निकल गया। दोपहर में पंद्रह वर्षीय बेटी और बारह वर्षीय बेटा स्कूल से लौटा।
मां को रोता देख दोनों बच्चे चुप कराने लगे। इस पर सरिता बिलख पड़ी और दोनों बच्चे भी रोने लगे।
इसके बाद दोपहर साढ़े तीन बजे सरिता ने कुछ ही दूर पर रहने वाली सहेली को वाट्सअप पर खुदकुशी का मैसेज किया और सब्जी काटने वाले चाकू से बाएं हाथ की नस काट ली।
कुछ देर बाद दूसरे कमरे से आए बच्चे मां को खून से लथपथ बेसुध पड़ा देख बिलख पड़े। मां को संभालने का प्रयास किया।
इसके बाद कुछ समझ में न आने पर घर में रखा सिरप और दवाएं निगल लीं। कुछ दवाएं एक्सपायरी डेट की भी थी।
ये लिखा था सुसाइड नोट में
कुछ ही देर में बच्चों पर बेहोशी छाने लगी। उधर, सहेली ने मैसेज देखते ही पुलिस को फोन किया और पति प्रदीप अग्रवाल को लेकर सरिता के घर पहुंची।
दरवाजा बंद था, आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इस बीच पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा। अंदर बेसुध पड़ी मां और दोनों बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया।
समय पर इलाज मिलने के चलते तीनों को बचा लिया गया। वहीं छानबीन में पुलिस को कमरे से सरिता का लिखा सुसाइड नोट मिला है।
इसमें उसने पति की प्रताड़ना से तंग आकर जान देने की बात लिखी है। उधर, पत्नी और बच्चों के खुदकुशी की कोशिश का पता चलने पर पहुंचे मनोज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पत्नी की तहरीर पर पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस अंकल, मां को बचा लो
प्रदीप ने बताया कि उसकी पत्नी और सरिता गहरी दोस्त हैं। दोनों अपने सारे सुख-दुख की बातें आपस में शेयर करती हैं।
दोपहर को सरिता का मैसेज देखते ही पत्नी ने उन्हें बताया। इसके बाद पुलिस को फोन करने के साथ ही पति-पत्नी सरिता के घर जा पहुंचे।
पुलिस का कहना है सहेली की संजीदगी से ही मां और दोनों बच्चों को बचाया जा सका।
अस्पताल में होश आने पर दोनों बच्चे बिलख पड़े। दोनों बार-बार कह रहे थे कि पुलिस अंकल मेरी मां को बचा लो।
मनोज व सरिता के बीच आए दिन होने वाले झगड़े का असर बच्चों के मन पर काफी गहरा पड़ा है। बच्चों ने पुलिस को बताया पापा अक्सर लड़ने के साथ मां को पीटते थे।
कई बार मां रोती रहती और खाना तक नहीं बनता था। डरे-सहमे बच्चे मजबूरी में भूखे पेट ही सो जाते।