फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   student molested during training on the machine

शैक्षिक संस्थान में भी सुरक्षित नहीं छात्राएं, गवर्नमेंट आईटीआई में छात्राओं से छेड़छाड़

Sun, 06 Aug 2017 10:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 06 Aug 2017 10:49 AM IST
विज्ञापन
student molested during training on the machine
Demo Picture

राजधानी में लड़कियों से बढ़ती छेड़छाड़ की घटनाओं में गवर्नमेंट आईटीआई कॉलेज का एक नया मामला सामने आया है। 

विज्ञापन


यहां की पांच आईटीआई छात्राओं ने अपने अनुदेशक पर आरोप लगाया है कि मशीन पर प्रशिक्षण के दौरान वह उनके साथ छेड़छाड़ करते हैं। 

पिछले हफ्ते छात्राओं ने पुलिस को भी शिकायत की थी, लेकिन इसे दबा दिया गया। शनिवार को संस्थान में इसे लेकर हंगामा हुआ, जिसके बाद  प्रिंसीपल ने आरोपों की जांच के लिए निदेशक को लिखा है।

अपनी शिकायत में इन छात्राओं का कहना है कि यहां कार्य कर रहे एक अनुदेशक उनके साथ काफी समय से छेड़छाड़ कर रहे हैं। यह सिलसिला रूटीन का एक हिस्सा हो गया है।
विज्ञापन


विरोध के बावजूद अनुदेशक की हरकतें बंद नहीं हुईं। छात्राओं ने बताया कि 28 जुलाई को डायल 100 पर शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उलटे पुलिस और संस्थान प्रशासन उन्हें ही चुप रहने की सलाह देने लगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


शनिवार को मामला और बढ़ गया, अनुदेशक के साथ इनमें से कुछ पीड़ित छात्राओं की बहस हो गई। छात्राओं का आरोप है कि अनुदेशक की हरकतों के खिलाफ उनकी शिकायत और इस पर कार्रवाई नहीं होने से विवाद बढ़ा, जिस दौरान अनुदेशक ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कार्रवाई हुई होती तो मामला इस तरह नहीं बिगड़ता। 

प्रिंसिपल खुद क्यों नहीं कराई जांच
संस्थान का प्रमुख होने के नाते मामले की जांच प्रिंसिपल सत्यकांत खुद करवा सकते थे। लेकिन उन्होंने इसके लिए निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि छात्राओं ने जो शिकायतें की हैं, वे बेहद गंभीर किस्म की हैं। निदेशालय को जांच के लिए लिखा गया है। फिलहाल संस्थान के स्तर पर भी जांच करवाने पर विचार चल रहा है।


छह महीने में रिटायर हो रहे अनुदेशक
जिन अनुदेशक पर इस छेड़छाड़ प्रकरण में छात्राओं ने आरोप लगाए हैं, उनके बारे में बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से संस्थान में कार्यरत हैं। लगभग छह महीने बाद उनका रिटायरमेंट होना है। ऐसे में संस्थान भी मामले में संवेदनशीलता बरत रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed