फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Story of murdered girl Gauri Srivastav.

खुलासा: दरिंदों ने जिंदा ही काट डाला था गौरी को!

Wed, 04 Feb 2015 02:43 AM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 04 Feb 2015 02:43 AM IST
विज्ञापन
Story of murdered girl Gauri Srivastav.

शहीद पथ पर टुकड़ों-टुकड़ों में मिला शव अंबेडकर लॉ कॉलेज में फर्स्ट सेमेस्टर की छात्रा गौरी श्रीवास्तव (20) का था। मंगलवार सुबह गौरी के पिता गणेशगंज के कसाईबाड़ा निवासी शिशिर श्रीवास्तव ने पीजीआई थाना पहुंचकर फोटो व कपड़ों उसकी शिनाख्त की। इंटीरियर डेकोरेटर शिशिर ने बताया कि गौरी रविवार दोपहर करीब एक बजे उनकी जैकेट ड्राईक्लीनर को देने के लिए घर से निकली थी।

विज्ञापन


वहीं, पोस्टमार्टम में सामने आया है कि छात्रा को बड़ी बेरहमी से मारा गया था। उसे किसी मशीन से काटा गया। एक-डेढ़ घंटे में ही लाश को ठिकाने लगा दिया गया। हालांकि पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं। पुलिस ने गौरी के फेसबुक फ्रेंड सहित पांच युवकों को पूछताछ के लिए उठाया है।
विज्ञापन


गला काटा, बायां हाथ काटा तब तक जिंदा थी गौरी
पोस्टमार्टम में शामिल डॉक्टरों के मुताबिक गौरी के हत्यारों ने क्रूरता की सीमाएं तोड़ डाली थीं। बचने के लिए उसने संघर्ष किया। इससे उसके शरीर में अंदरूनी चोटें आईं और हैमरेज हो गया। डॉक्टरों का मानना है इससे वह कोमा में चली गई होगी। इसके बाद झटके से गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिस हिसाब से अंग काटे गए उससे साफ है कि इसमें किसी मशीन का इस्तेमाल किया गया। उसकी जान निकलने से पहले ही उसका बायां हाथ भी काटा जा चुका था। गर्दन और बाएं हाथ के काटे जाने तक शॉर्प कटिंग का न होना इस ओर इशारा करता है। वहीं शरीर के बाकी अंग मौत के बाद काटे गए क्योंकि इन अंगों के कट बेहद शॉर्प हैं। डॉक्टरों का अनुमान है कि गौरी की हत्या रविवार शाम सात से आठ बजे के बीच की गई।

पिता गिड़गिड़ाता रहा, पुलिस बोली भाग गई होगी

Story of murdered girl Gauri Srivastav.

शिशिर रविवार रात ही बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराने अमीनाबाद कोतवाली पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस को पूरी बात बताई। शिशिर ने कहा कि बेटी का मोबाइल फोन कोई युवक उठा रहा है जिससे कुछ गड़बड़ लग रहा है। बावजूद इसके पुलिस गौरी के भागने की रट लगाए रही। इंस्पेक्टर महंथ यादव ने उन्हें गौरी के दोस्तों से संपर्क करने का सुझाव तक दे डाला।

इंस्पेक्टर का कहना था कि गौरी के दोस्त पूरी कहानी जरूर जानते होंगे। वह बता देंगे कि गौरी किस लड़के के साथ गई है। शिशिर ने बताया कि रातभर वह बेटी की तलाश में भटकते रहे। सोमवार सुबह पुलिस ने उनकी बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की। शिशिर ने कहा कि पुलिस चाहती तो गौरी की जान बचाई जा सकती थी। परिवारीजनों ने गौरी की मौत के लिए अमीनाबाद पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है।

आठ दोस्तों पर शक, फेसबुक फ्रेंड्स से पूछताछ
पुलिस का पहला शक गौरी के आठ करीबी दोस्तों पर है। फेसबुक पर गौरी से जुड़े पड़ोसी गौरव पाल, अलीगंज निवासी एक गैस एजेंसी संचालक के बेटे अभिषेक, चौपटिया में इलेक्ट्रानिक दुकान के कर्मचारी आदित्य गुप्ता, राजाजीपुरम डी ब्लाक के अमन शुक्ला और अहसान को थाना बुलाकर पूछताछ की जा रही है। अन्य तीन लोगों से भी देर रात तक पुलिस संपर्क करने की कोशिश कर रही है।

कौन रिसीव कर रहा था गौरी का फोन

Story of murdered girl Gauri Srivastav.

अंबेडकर लॉ कॉलेज में फर्स्ट सेमेस्टर की स्टूडेंट गौरी का फोन आखिर कौन रिसीव कर रहा था। फोन रिसीव करने वाला वह अहम कड़ी है जिससे पुलिस हत्यारों तक पहुंच सकती है।

गौरी की मां तृप्ता का कहना है कि जब दोपहर ढाई बजे तक बेटी घर नहीं पहुंची तो उन्होंने उसके मोबाइल नंबर पर कॉल की। पौने तीन बजे तक उन्होंने सात कॉल कीं लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। तृप्ता लगातार उसका नंबर मिलाती रहीं। शाम करीब छह बजे उन्होंने मोबाइल की घंटी फिर बजी। कॉल किसी युवक ने रिसीव की।

बकौल तृप्ता, युवक ने कहा कि गौरी उसके साथ ईको गार्डन में है और रात आठ बजे तक घर पहुंच जाएगी। इससे पहले तृप्ता कुछ और पूछतीं फोन कट गया। तृप्ता ने पति को जानकारी दी। गौरी के पिता शिशिर श्रीवास्तव ने भी कई बार उसका नंबर मिलाया, पर फोन नहीं उठा। शाम 6.59 बजे कॉल रिसीव हुई तो उसी युवक ने बात की। इस बार युवक ने कहा कि गौरी की तबियत खराब है और वह उसे लेकर पीजीआई जा रहा है।

शिशिर बोले कि वह ईको गार्डन आ रहे हैं और गौरी को अवध अस्पताल ले जाएंगे। युवक ने कृष्णापल्ली आने की बात कहते हुए फोन काट दिया। शिशिर और तृप्ता इको गार्डन पहुंचे लेकिन वहां कोई नहीं मिला। शिशिर का कहना है कि गार्डन में लगे सीसीटीवी कैमरे भी दिखवाए गए लेकिन गौरी वहां थी ही नहीं। शिशिर का कहना है कि कॉल रिसीव करने वाले युवक का नाम पूछने की कोशिश की लेकिन इससे पहले ही वह फोन काट दे रहा था।

ड्राइक्लीनर की दुकान से रिक्शा करके चारबाग गई

Story of murdered girl Gauri Srivastav.

शिशिर की जैकेट लेकर गौरी घर के पास ही ड्राइक्लीनर की शॉप पर गई। ड्राईक्लीनर से पूछताछ में पता चला है कि गौरी ने दुकान के सामने ही रिक्शा पकड़ा और चारबाग की तरफ चली गई। नाका में उसके मामा लड्डो की दुकान है।

गौरी ने दुकान में उन्हें देखकर हाथ हिलाया। पुलिस के मुताबिक उस वक्त गौरी पैदल थी। दुकान पर वह रुकी नहीं और आगे चली गई। चूंकि, गौरी अक्सर नाका गुरुद्वारा जाती थी इसलिए मामा ने समझा कि वह वहीं गई है।

इकलौती बेटी थी गौरी, सबकी थी लाडली
शिशिर ने बताया कि गौरी उनकी इकलौती बेटी थी। वह सबकी लाडली थी। शिशिर ने खुद तृप्ता से लव मैरिज की थी इसलिए बेटी पर अनावश्यक बंधन नहीं रखा था। गौरी के दोस्तों का घर आना-जाना था। वह भी दोस्तों के साथ बाहर घूमने चली जाती थी। गौरी को पीलिया हो गया था और बीती 27 दिसंबर से वह घर पर ही थी।

इस दौरान उसके सेमेस्टर एग्जाम भी चल रहे थे। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर को गौरी ने एग्जाम दिया था। उसका बाहर आना-जाना काफी कम था। घर पर दोस्त मिलने जरूर आते थे। उन्होंने कहा कि लाडली बिटिया के साथ ऐसी क्रूरता होगी, कभी सपने में भी नहीं सोचा था।

इस पर एसएसपी यशस्वी यादव का कहना है कि युवती की हत्या प्रेम संबंधों में किए जाने की आशंका है। हत्याकांड से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। जल्द वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।

बाइक पर ड्राइविंग उसके लिए बड़ी बात नहीं थी

Story of murdered girl Gauri Srivastav.

गौरी बोल्ड थी...। बिंदास थी...। खुशमिजाज थी...।  हर वक्त फेसबुक और वॉट्सएप जैसे सोशल मीडिया से दोस्तों के टच में रहना...। जिंदगी के हर लम्हे को खुलकर जीना...। खूबसूरत पलों को कैद कर अपने दोस्तों और खास लोगों को उसका गवाह बनाना...।

कुछ ऐसा ही अंदाज था उसका। पर इस सबके बावजूद उसे अपनी सीमाओं का बखूबी ध्यान था। कोई उन सीमाओं से पार जाने की कोशिश करता तो वह तुरंत टोक देती। इंटर तक की पढ़ाई सेंट एग्निस और लॉरेटो कॉलेज से करने के बाद गौरी ने इसी साल एलएलबी ऑनर्स में प्रवेश लिया था।

गौरी की चचेरी बहन कहती हैं, गौरी की जिंदगी की फ्रेंडलिस्ट में लड़कियों से लंबी फेहरिस्त लड़कों की थी। अपने दोस्तों के साथ घूमना, लड़कों के साथ बाइक पर ड्राइविंग ये सब गौरी के लिए कोई बड़ी बात नहीं थी।

फेसबुक पर यदि कोई दोस्त उसके फोटो पर खुले शब्दों में तारीफ करता तो गौरी भी उसी अंदाज में जवाब देती। ये गौरी का फ्रेंडली और केयरिंग स्वभाव ही था जो उसके दोस्त अपने मन की बातें उससे शेयर किया करते थे।  कोई फोटो पर ‘मोटी’ कहकर छेड़ता तो वह गुस्सा होने की जगह बदले में ‘पतलू’ कहकर जवाब देती।

खुद की फेवरिट थी वह

Story of murdered girl Gauri Srivastav.

‘जब वी मेट’ फिल्म में करीना कपूर का फेमस डायलॉग था कि ‘मैं अपनी फेवरिट हूं’। शायद गौरी भी इस फिल्म की करीना जैसी ही थी। खुद की सेल्फी लेना और उसे झट से फेसबुक पर अपडेट करके दोस्तों से मिलने वाले लाइक और कमेंट पर खुश होना। किसी पार्टी में हो या अपने घर में गौरी को सभी लम्हों की फोटो फेसबुक पर दोस्तों से शेयर करने का शौक था।

जिस तरह सभी को अपनी तारीफ सुनना पसंद होता है उसी तरह गौरी भी अपनी फोटो पर एक-एक कमेंट और लाइक का इंतजार करती थी। लेकिन गौरी अपने दोस्तों को ये एहसास कराने में भी पीछे न रहती कि हर एक दोस्त जरूरी होता है। कोई उसके फोटो पर लाइक या कमेंट देता तो वह भी उसे थैंक्यू कहने या लाइक करने में देरी न करती।

ऑसम, क्यूटी और स्वीटहार्ट...
गौरी अपने दोस्तों के लिए जान थी। हर कोई उसकी इस जिंदादिली के अंदाज का कायल था। उसकी हर फोटो में अलग अंदाज दिखता जिस पर कुछ ही देर में ऑसम, क्यूटी और स्वीटहार्ट जैसे कमेंट की लाइन लग जाती।

अपने हर नए फोटो पर उसे पहले से अधिक लाइक और कमेंट का इंतजार रहता था। दोस्तों की केयर करने में भी वह पीछे नहीं थी। फेसबुक पर चैटिंग करने के साथ ही दोस्तों को पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए भी गौरी टोकती रहती थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed