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महंगा पड़ा ये 'धंधा', जेल में कटेगी जिंदगी

Thu, 23 Jan 2014 09:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 23 Jan 2014 09:05 AM IST
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sim card business trow two in jail

सर्विलांस सेल व वजीरगंज थाने की संयुक्त टीम ने बुधवार दोपहर सुल्तानुल मदारिस मेडिकल कॉलेज के गेट के पास घेराबंदी कर दो छात्रों को गिरफ्तार किया।

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इनके कब्जे से रिलायंस के डेमो सिम के साथ 52 प्री-एक्टीवेटिड सिमकार्ड बरामद हुए। इनमें से एक छात्र आशियाना के वीएस टेलीकॉम रिलायंस में एमआईएस की नौकरी करता था।
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दोनों छात्रों पर अपराधियों से मुंहमांगी कीमत लेकर एक्टीवेटिड सिमकार्ड बेचने का आरोप है। सेल के इंस्पेक्टर नागेंद्र चौबे व एसओ वजीरगंज ने बुधवार दोपहर सुल्तानुल मदारिस मेडिकल कॉलेज के गेट पर घेराबंदी की।
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गांव उसरहा निवासी प्रिंस मिश्रा व रायबरेली के सलवन थाने के गांव पिपरी जमालपुर निवासी इंद्रजीत यादव को गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से एक डेमो सिम के साथ 52 प्री-एक्टीवेटिड सिमकार्ड, तीन मोबाइल सेट व एक बाइक भी बरामद हुई।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि हरदोई के संडीला स्थित डीएस डिग्री कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र प्रिंस मिश्रा आशियाना के रजनी खंड में रहता है।

आशियाना के ही सेक्टर एच स्थित वीएस टेलीकॉम रिलायंस में मैनेजमेंट इन्फार्मेशन सिस्टम (एमइएस) की नौकरी करता है।

रजनी खंड में रह रहे केकेसी में बीए द्वितीय वर्ष के छात्र इंद्रजीत यादव से उसकी काफी समय पहले दोस्ती हुई थी। अधिक धन कमाने की चाहत में दोनों ने प्री-एक्टीवेटिड सिमकार्ड का धंधा शुरू किया।

प्रिंस मिश्रा ने कबूला कि रिलायंस कंपनी में नौकरी के चलते उसे तकनीकी जानकारी थी। इसके चलते उसने अपने अनेक परिचितों व कुछ फर्जी आईडी लगाकर सिमकार्ड एक्टीवेट कराए और इंद्रजीत की मदद से बेचता था।


सामान्य तौर पर एक प्री-एक्टीवेटिड सिमकार्ड के सौ रुपये मिलते जाते थे जबकि, कुछ लोगों से मुंहमांगी कीमत मिलती थी। यह लोग अब तक बड़ी संख्या में प्री-एक्टीवेटिड सिमकार्ड बेच चुके हैं।

सर्विलांस सेल के कांस्टेबल रूपेंद्र शर्मा, कपूरचंद पटेल, नौशाद खान की टीम ने दोनों छात्रों से अलग-अलग पूछताछ कर धंधे से जुड़े राज मालूम किए। डीलर व रिटेलर की संलिप्तता की आशंका के चलते छानबीन शुरू की गई है।

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