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चार दिन से भटके बुजुर्ग को घर की जगह स्टेशन भेजा

Thu, 22 May 2014 02:58 PM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 22 May 2014 02:58 PM IST
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shame on police

कैंट पुलिस की करतूत से खाकी एक बार फिर शर्मसार हो गई। उसने चार दिन से लापता एक रिटायर्ड बुजुर्ग को घर पहुंचाने के बजाए रिक्शे पर बैठा कर चारबाग स्टेशन छुड़वा दिया।

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थाने के पास ही रहने वाले एक शख्स दीपांशु ने प्रोफेसर के परिवारीजनों को इसकी सूचना दी तो उनके होश उड़ गए।

दामाद व हाईकोर्ट में एडवोकेट विकास विक्रम ने बहराइच निवासी प्रोफेसर के भतीजों पर अपहरण का आरोप लगाते हुए आशियाना थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी।

बकौल विकास विक्रम, रविवार सुबह करीब दस बजे कैंट के दीपांशु मिश्रा ने उन्हें फोन कर प्रोफेसर के बारे में सूचना दी।

उन्होंने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े दस बजे वह खाना खाकर टहलने निकला तो प्रोफेसर थाने के बाहर अव्यवस्थित हालत में बैठे मिले।

दीपांशु ने कैंट थाना की पुलिस से उन्हें कुछ खिलाने के लिए कहा। थाना के पास ही रहने वाले एक परिवार ने प्रोफेसर को चाय और पानी पिलाया।

इसी दौरान वहां बाइक से दो सिपाही आ गए। उन्होंने प्रोफेसर से उनके घर का पता पूछा लेकिन वह नहीं बता सके।

प्रोफेसर ने सिर्फ यही कहा कि उन्हें आशियाना तक छुड़वा दो। हालांकि, आशियाना थाना से पूछताछ करने के बजाए सिपाही वहां से चले गए और कुछ देर बाद एक रिक्शा लेकर लौटे।
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बताते हैं कि रिक्शा चालक बबलू को सिपाहियों ने बीस रुपये दिए और प्रोफेसर को चारबाग स्टेशन छोड़ने के लिए कहा।

यह जानकारी पाकर प्रोफेसर के परिवारीजनों के होश उड़ गए। उन्होंने कैंट पुलिस से पूछताछ की तो एसओ ने ऐसी किसी घटना से ही इन्कार कर दिया।

परेशान परिवारीजन चारबाग स्टेशन पहुंचे और आसपास का इलाका खंगाल डाला। प्रोफेसर की फोटो आटो चालकों, चाय-पान की गुमटी लगाने वालों को दिखाई।

इसी दौरान रिक्शा चालक बबलू मिल गया। बबलू को साथ लेकर परिवारीजनों ने खोजबीन की लेकिन प्रोफेसर का कुछ पता नहीं चला।

विकास विक्रम का कहना है कि पुलिस की लापरवाही की वजह से ही प्रोफेसर मिलने के बाद भी गुम हो गए। उन्होंने कहा कि अगर प्रोफेसर के साथ कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदार कैंट पुलिस होगी।
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कैंट पुलिस के सूत्रों ने बताया कि प्रोफेसर अंग्रेजी में बात कर रहे थे। इसी से घबराए सिपाहियों ने उन्हें चारबाग स्टेशन छुड़वा दिया।

मामला गरमाने के बाद कैंट एसओ ने आशियाना एसओ को फोन कर प्रोफेसर के बारे में जानकारी ली।

कैंट एसओ ने पुलिस की गलती मानते हुए आशियाना एसओ को बताया कि प्रोफेसर को सिपाहियों ने स्टेशन छुड़वा दिया है।

रिक्शा चालक को दी हवालात में डालने की घुड़की
रिक्शा चालक को पुलिस ने बीस रुपये देते हुए यह घुड़की भी दी कि अगर उन्हें कैंट थाना क्षेत्र में छोड़ा तो हवालात में डाल दिया जाएगा।

पुलिस से घबराए रिक्शा चालक ने बुजुर्ग विजय को चारबाग में छोड़ दिया। बताते हैं कि कैंट के दोनों सिपाही छत्ते वाला पुल के पास तक रिक्शा के पीछे-पीछे आए थे।

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