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बिल्टी घोटाले में उप आबकारी आयुक्त समेत सात निलंबित, चार शराब गोदामों का लाइसेंस निरस्त

Sun, 07 Mar 2021 12:14 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 07 Mar 2021 12:14 PM IST
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Seven suspended in bilti scam in Uttar Pradesh.
- फोटो : amar ujala

सहारनपुर के टपरी स्थित शराब फैक्टरी को-ऑपरेटिव कंपनी लिमिटेड से अवैध तरीके से शराब निकाल कर विभिन्न जिलों में भेजने के मामले में आबकारी विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। बिल्टी की आड़ में हो रहे इस घोटाले में विभाग ने सहारनपुर मंडल के उप आबकारी आयुक्त राकेश कुमार चतुर्वेदी और सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्तन जगराम पाल व पांच आबकारी निरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। वहीं, एसटीएफ के आग्रह पर शासन ने मामले की जांच एसआईटी को सौंपी है।

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बिल्टी की आड़ में शराब से भरे ट्रकों को अवैध रूप से कानपुर, उन्नाव, बदायूं और संभल के गोदामों में भेजने के इस घोटाले का खुलासा बीती 3 मार्च को एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह की टीम ने किया था। विशाल के मुताबिक आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से यह हेराफेरी पिछले पांच साल से ज्यादा समय से की जा रही थी। यह घोटाला 100 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि इस मामले में सहारनपुर में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसमें आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है।

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ऐसे करते थे घोटाला

विशाल के मुताबिक टपरी फैक्टरी से जब शराब निकलती थी तो एक बिल्टी जिस पर एक लोड ट्रक का पास जारी होता था, उस पर दो लोड ट्रक पास कराए जाते थे। लोकल के लिए एक ट्रक पर दो दिनों का पास जारी कराया जाता था, जबकि दूरस्थ जिलों के लिए एक पास चार दिनों के लिए जारी कराया जाता था। इसका फायदा उठाकर उसी बिल्टी पर दूसरा चक्कर लगाकर टैक्स चोरी करते थे। दूसरे चक्कर के समय ट्रकों को फैक्टरी से निकालते समय सीसीटीवी कैमरों को बंद कर दिया जाता था और ट्रक के जीपीएस को भी ऑफ कर दिया जाता था।

हर माह 25 से 30 ट्रक शराब अवैध रूप से बेचते थे
विशाल ने बताया कि पिछले पांच साल से अधिक समय से यह खेल चल रहा था। प्रति ट्रक लगभग 32 लाख रुपये की टैक्स चोरी की जाती थी और हर महीने 25 से 30 ट्रक ऐसे ही पास कराए जाते थे। पूरे खेल में शराब फैक्टरी के मालिक के साथ क्षेत्रीय आबकारी वितरक, आबकारी विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत रहती थी। उन्होंने बताया कि इस तरह ये लोग सरकार को हर साल 100 करोड़ से ज्यादा की चपत लगा रहे थे।

ये निरीक्षक हुए निलंबित

जिन आबकारी निरीक्षकों को निलंबित किया गया है उनमें सहारनपुर में तैनात अरविंद कुमार वर्मा, उन्नाव में तैनात रवींद्र किशोर, बदायूं में तैनात रामजीत, संभल में तैनात पवन कुमार शर्मा और कानपुर नगर में तैनात ज्योति सिंह शामिल हैं। इसके अलावा कानपुर, बदायूं, उन्नाव और संभल के देशी शराब के थोक गोदाम के लाइसेंस भी निलंबित कर नोटिस जारी किया गया है।
 

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