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सरकारी आवास में कानून गो की संदिग्ध हालात में मौत, नौ घंटे तक बवाल

Thu, 24 Aug 2017 01:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 24 Aug 2017 01:59 AM IST
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 ruckus after death of registrar in Lucknow.
विशाल सिंह व भड़के कर्मचारी - फोटो : amar ujala

लखनऊ के मलिहाबाद तहसील परिसर स्थित आवास में रजिस्ट्रार कानूनगो की मंगलवार रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार सुबह दरवाजा तोड़कर शव निकाला। नायब तहसीलदार द्वारा रजिस्ट्रार कानूनगो को रात में कॉल करके घर से बुलाकर प्रताड़ित करने की जानकारी पर भड़के कर्मचारियों ने तहसील गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया। बेटे ने एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए तहरीर दी।

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केस दर्ज करने में टालमटोल होने पर अनेक संगठनों के कर्मचारी एकत्र हो गए। दिनभर का प्रदर्शन बेनतीजा रहने पर लखनऊ-हरदोई रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। एडीएम व एएसपी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रदर्शन खत्म कराया। नौ घंटे तक चले बवाल के बाद परिवारीजनों ने पुलिस को शव सौंपा।
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इंस्पेक्टर मलिहाबाद तेज प्रकाश सिंह ने बताया कि रजिस्ट्रार कानूनगो विशाल सिंह (57) के बुधवार सुबह 7 बजे तक आवास से न निकलने पर प्रथम तल पर रहने वाले चतुर्थश्रेणी कर्मचारी रफी ने पड़ोस में रह रहे एसडीएम के पेशकार मनीष यादव व कर्मचारी शांती देवी को जानकारी दी। बताया कि कभी-कभार सरकारी आवास में रुकने वाले विशाल छह बजे तक मॉर्निंग वॉक पर जाते थे। कर्मचारियों ने दरवाजा खटखटाया। आहट न होने पर छज्जे से झांककर देखा।
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बेड पर पड़े विशाल सिंह का एक हाथ उठा नजर आने पर नायब तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह मौर्य को कॉल के साथ पुलिस को फोन किया। पुलिस टीम ने नायब तहसीलदार व कर्मचारियों की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा। विशाल को सीएचसी ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बीच विशाल के परिवारीजनों को जानकारी दी गई।

अफसरों पर प्रताड़ना का आरोप, भड़के कर्मचारी

 ruckus after death of registrar in Lucknow.

विशाल सिंह की मौत की खबर सुनते ही पत्नी कमलेश सिंह बेटे कपिल कुमार, बेटी रिचा व रिश्तेदारों को लेकर आलमनगर के सरीपुरा मानस विहार स्थित घर से सीएचसी पहुंचीं। वहां कर्मचारियों को बताया कि विशाल ऑफिस का काम खत्म करके मंगलवार शाम 5 बजे घर को निकले थे।

रात नौ बजे नायब तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह ने कॉल करके जल्दी ऑफिस पहुंचने को कहा। इस पर विशाल ने पत्नी को तीन फाइलों के निस्तारण को बुलाए जाने की जानकारी दी और तहसील को निकल गए। वहां रात 11 बजे तक काम निपटाने के बाद सरकारी आवास में सोने गए थे। पत्नी व बेटे ने विशाल को अफसरों द्वारा प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए हत्या की आशंका जताई।

कहा कि परिवारीजनों की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़कर शव निकालने के बजाय तहसील के अधिकारियों ने पुलिस बुलाकर दरवाजा तुड़वाया और मौत की पुष्टि के बाद परिवार को सूचना दी। प्रताड़ना की बात सुनते ही कर्मचारी भड़क उठे। इसके बाद अफसरों के खिलाफ नारेबाजी के साथ सीएचसी से शव उठाकर तहसील गेट पर ले जाया गया।

नायब तहसीलदार को खदेड़ा, एसडीएम से झड़प
तहसील गेट पर शव रखकर परिवारीजनों ने सुबह दस बजे कर्मचारियों संग प्रदर्शन शुरू किया। लेखपाल संघ, रजिस्ट्रार कानूनगो संघ व कर्मचारियों के अन्य संगठनों के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान नायब तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह को प्रदर्शनकारियों ने दौड़ाकर खदेड़ दिया। इतना ही नहीं केस दर्ज कराने को लेकर उनकी एसडीएम से भी थाने में तीखी झड़प हो गई।

बवाल बढ़ा तो बुलाई गई माल व काकोरी की पुलिस

 ruckus after death of registrar in Lucknow.

तहसील गेट पर बवाल बढ़ते देख सीओ प्रमोद कुमार सिंह ने उच्चाधिकारियों को जानकारी दी और माल व काकोरी थाने की पुलिस बुलाई। इस बीच  कपिल केस दर्ज कराने मलिहाबाद थाने पहुंचा। उसने एसडीएम जयप्रकाश, तहसीलदार संतोष राय व नायब तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह पर प्रताड़ना व हत्या करके सुबूत मिटाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। कहा कि तीनों अधिकारी विशाल सिंह पर अनुचित कार्यों के लिए दबाव बना रहे थे। उन्होंने राजस्व निरीक्षक संघ के पदाधिकारी श्रीनारायण पांडेय व लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सुशील शुक्ला को इसकी जानकारी दी थी।

तहरीर से अफसरों का नाम हटाने की बात पर हंगामा
एसडीएम व सीओ की मौजूदगी में इंस्पेक्टर ने कपिल कुमार को तहरीर से एडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार का नाम हटाकर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराने को कहा। इससे भड़के कर्मचारियों ने थाने में हंगामा शुरू कर दिया।

सीओ ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही। इससे खफा कपिल ने तहरीर सोशल मीडिया पर वायरल कराई और कर्मचारियों के साथ तहसील गेट पर लौट गया। वहां शाम पांच बजे तक प्रदर्शन का कोई नतीजा न निकलते देख शव लखनऊ-हरदोई मार्ग पर रख जाम लगाकर नारेबाजी शुरू की।

हालात बेकाबू होते देख उच्चाधिकारियों को कॉल की गई। इस पर एडीएम प्रशासन श्रीप्रकाश गुप्ता व एएसपी सिटी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के आश्वासन पर परिवारीजनों ने शाम सात बजे विशाल सिंह का शव पुलिस को सौंपा।

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