बुजुर्ग इंजीनियर को पत्नी सहित बंधक बना पीटा, पैसे व जेवर लेकर भागे
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पीजीआई इलाके साउथ सिटी में शुक्रवार देर रात लोको के रिटायर्ड सेक्शन इंजीनियर रमाकांत लाल के घर में 6 से ज्यादा नकाबपोश डकैतों ने धावा बोल दिया। असलहों और चाकू के दम पर रमाकांत और उनकी पत्नी इंदू श्रीवास्तव को बंधक बना लिया।
चाकू से वार करके उन्हें घायल करने के बाद उनके हाथ-पांव बांध दिए और ऊपर से चादर ओढ़ाकर बेडरूम में बंद कर दिया। डकैतों ने तीन घंटे तक उनका घर खंगाला। नगदी और जेवरात लेकर फरार हो गए। सुबह बुजुर्ग दंपती की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी पहुंचे और उन्हें खोला।
डकैती की सूचना पर डीआईजी आरके एस राठौर, एसएसपी राजेश कुमार पांडेय, एएसपी उत्तरी विजय ढुल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। डॉग स्क्वॉयड और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की मदद से पुलिस डकैतों के बारे में सुराग तलाशने की कोशिश में जुटी है। ड्राइवर समेत चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
रमाकांत लाल (64) ने बताया कि शुक्रवार रात वह पत्नी के साथ पड़ोसी के गृह प्रवेश कार्यक्रम में गए थे। वहां से रात लगभग दस बजे घर लौटे और लगभग सवा ग्यारह बजे मुख्य दरवाजे में ताले डालकर सोने चले गए।
रात लगभग डेढ़ बजे अचानक मुंह पर तेज घूंसा पड़ा...
रात लगभग डेढ़ बजे अचानक उनके मुंह पर तेज घूंसा पड़ा। आंख खुली तो सीने पर लाल टी-शर्ट पहले एक नकाबपोश बदमाश सवार था, एक बदमाश दोनों पैर पर चढ़कर बैठा था। इसी तरह दो बदमाशों ने उनकी पत्नी इंदू को कवर कर रखा था।
दो अन्य बदमाश उनके कमरे की आलमारी खोल रहे थे, जबकि कुछ कमरे के बाहर भी मौजूद थे। उन्होंने शोर मचाया तो बदमाशों ने उनके पैर पर चाकू से वार करके लहूलुहान कर दिया। गोली मारने की धमकी देते हुए उनके सिर पर तमंचा सटा दिया।
साड़ी, गमछे और रस्सी से हाथ-पैर बांधे, फर्श पर लिटाकर ओढ़ाया चादर
रमाकांत के मुताबिक बदमाशों ने साड़ी, गमछे और रस्सी से उनके हाथ-पांव बांध दिए। उन्हें जमीन में लिटा कर ऊपर से चादर डाल दिया। चीखने-चिल्लाने पर जान से मार डालने की धमकी दी।
बदमाश उनसे आलमारी की चाबी और कैश के बारे में पूछताछ करने लगे। बेडरूम खंगालने के बाद हमें बेडरूम में ही बंद करके बाहर से कुंडी लगा दी। लगभग 20 हजार रुपये कैश और लॉकर में रखे तीन लाख रुपये के जेवरात लेकर सुबह लगभग सवा चार बजे बदमाश फरार हो गए।
हर आधे घंटे पर घूंसा मारकर पूछते थे, कैश कहां है
रमाकांत लाल ने बताया कि डकैत हर आधे घंटे पर बेडरूम में आते थे। पहले वह घूंसा मारते थे और फिर पूछते थे कि ‘कैश कहां है? बता दो नहीं तो जान से मार देंगे।’
डकैत ने कहा कि - उन्हें पता चला है कि घर में कम से कम 15-20 लाख रुपये कैश रखा है। जब हमने बताया कि हमारे पास घर खर्च के लिये 15-20 हजार रुपये ही हैं, तो डकैतों ने उन्हें कई थप्पड़ और घूसे मारे। हालांकि बार-बार पूछने पर भी रमाकांत अपनी बात पर अड़े रहे तो डकैतों को यकीन हो गया कि उन्हें गलत सूचना मिली थी।
एक का सिम निकाला, दूसरा मोबाइल साथ ले गए
रमाकांत ने बताया कि बदमाशों ने बेडरूम में रखा उनकी पत्नी इंदू के मोबाइल फोन से सिम निकालकर मोबाइल फोन फेंक दिया। उन्होंने हाल में ही नया मोबाइल फोन खरीदा था, जिसे बदमाश ले गए। पुलिस की सर्विलांस टीम को इसी मोबाइल फोन के जरिये डकैतों के बारे में सुराग मिलने की उम्मीद है।
जाते हुए धमकाया-पुलिस को बताया तो फिर आएंगे
रमाकांत ने बताया कि डकैत सुबह लगभग चार बजे आखिरी बार उनके कमरे में दाखिल हुए। इसके बाद आखिरी बार फिर उन्होंने कैश और जेवरों के बारे में पूछताछ की।
जाते हुए एक बदमाश ने उन्हें तमंचा सटाकर कहा कि ‘घटना के बारे में मीडिया या पुलिस को कोई सूचना दी तो अगली रात फिर लौटकर आऊंगा और ठोंककर आग लगा दूंगा। इसके बाद वह बेडरूम का दरवाजे में बाहर से कुंडी बंद करके निकल गए।
चीख-पुकार सुन पड़ोसियों ने निकाला
बदमाशों के जाने के बाद काफी देर तक जब खटपट की आवाज नहीं हुई तो रमाकांत व उनकी पत्नी इंदू को यकीन हो गया कि बदमाश जा चुके हैं। उन्होंने शोर मचाना शुरू किया।
उनके बेडरूम के पीछे आंगन है, जहां से आवाज पीछे वाले में रह रहे पड़ोसी केके अग्रवाल की बहू को सुनाई दी। इसके बाद केके अग्रवाल ने पड़ोसी अस्थाना व आस-पास के लोगों को इकट्ठा किया। पड़ोसियों ने बुजुर्ग दंपती को बंधन से मुक्त कराने के बाद पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी।
पड़ोस की झोपड़पट्टी में जाकर रुक गया कुत्ता
डॉग स्क्वॉयड रमाकांत लाल के घर से निकलने के बाद सामने सामने रेल ट्रैक की ओर गया। पटरियां लांघकर ट्रैक किनारे बसी एक बस्ती में गया और वहां पर वह दो झोपड़पट्टी के सामने बारी-बारी रुका।
पता चला कि दोनों झोपड़पट्टी सगे भाइयों की है। पुलिस ने शक के आधार पर दोनों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का मानना है कि वारदात को अंजाम देने के बाद डाकू इसी रास्ते भागे होंगे।
दबोचे जा रहे संदिग्ध, की जा रही पूछताछ
रमाकांत लाल ने बताया कि वह अक्सर पड़ोस में अजय की दुकान से ड्राइवरों को बुलाकर लाते थे। पीजीआई थाने की पुलिस ने पॉलीटेक्नीक चौराहे से एक संदिग्ध ड्राइवर को पकड़ा है। उसका आपराधिक इतिहास भी है। अब तक कुल चार संदिग्ध हिरासत में हैं। वहीं उनके घर काम करने वाली दाई सुनीता से भी पूछताछ की जा रही है।