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सिक्के से सिग्नल किया फेल और लूट ली रेल!

Sat, 03 Aug 2013 05:01 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 03 Aug 2013 05:01 PM IST
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robbery in sadbhavna express train

लुटेरों ने लखनऊ आ रही सद्भावना एक्सप्रेस ट्रेन में लूटपाट की। लुटेरों ने पटरियों में लगे सर्किट के बीच एक रुपये का सिक्का फंसाकर सिग्नल फेल कर दिया।

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इससे ट्रेन राम प्रसाद बिस्मिल हॉल्ट पर खड़ी हो गई। ट्रेन के रुकते ही एक दर्जन लुटेरों ने धावा बोल दिया और स्लीपर की तीन बोगियों में जमकर लूटपाट की।

घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ ने फायरिंग की। इस पर बदमाश भाग निकले। देर रात जब ट्रेन लखनऊ पहुंची तो यात्रियों ने जीआरपी लखनऊ को सारी घटना बताई।

उधर डीजी रेलवे रिजवान अहमद ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। सद्भावना एक्सप्रेस गुरुवार रात दिल्ली से लखनऊ की ओर आ रही थी।

रोजा स्टेशन से आगे रात करीब 12 बजे के आसपास राम प्रसाद बिस्मिल हॉल्ट पर पहुंचते ही ड्राइवर ने लाल सिग्नल देखकर ट्रेन रोकी।

ट्रेन के रुकते ही लुटेरों ने बोगी संख्या एस-5, एस-9 और एस-10 में धावा बोल दिया। जिस समय लुटेरों ने हमला किया उस वक्त अधिकतर यात्री गहरी नींद में सो रहे थे।
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ठी व डंडों से लैस लुटेरों के धावा बोलते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। बदमाशों ने कई यात्रियों के बैग, पर्स, सोने के जेवर लूट लिए गए।

इस बीच ट्रेन में चल रही मुरादाबाद मंडल के आरपीएफ जवान मौके पर पहुंच गए। जवानों ने हवाई फायरिंग की।

गोलियों की आवाज सुन बदमाश ट्रेन से उतरकर भागने लगे। करीब एक घंटा तक ट्रेन यहां खड़ी रही।

महिलाओं को बनाया निशाना
लुटेरों ने सबसे अधिक महिला यात्रियों को निशाना बनाया। बोगी संख्या एस-9 में यात्रा कर रहीं गाजियाबाद की नीलम से उनका पर्स छीनने का प्रयास किया।

किसी तरह नीलम ने खुद को बचाया लेकिन सामने बैठी एक महिला के कान की झुमकी खींच ले गए।

बलिया के अनिल कुमार सिंह बोगी एस-5 में परिवार सहित यात्रा कर रहे थे। अनिल के सामने ही लुटेरों उनकी पत्नी का सोने का मंगलसूत्र लूट ले गए।

सिक्के से फेल करते हैं सिग्नल
मुरादाबाद-लखनऊ सहित अधिकांश रेलखंडों पर अब भी एलईडी सिग्नल लगे हुए हैं। ये सिग्नल इलेक्ट्रॉनिक होते हैं इसलिए सिग्नल पोस्ट से 50 मीटर की दूरी पर पटरियों के बीच एक सर्किट लगाया जाता है।
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इन सर्किट के आपस में जुड़ने पर सिग्नल फेल हो जाते हैं। जब तक सर्किट आपस में जुड़े रहेंगे तब तक सिग्नल लाल रहते हैं।

लुटेरे सर्किट के बीच के खाली स्थान पर रुपये का सिक्का फंसाकर सिग्नल फेल कर देते हैं।

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