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प्रॉपर्टी डीलर के घर बावरिया गिरोह का धावा, लाखों की लूट

Sun, 08 Sep 2013 02:10 AM IST
संजय त्रिपाठी/लखनऊ
संजय त्रिपाठी/लखनऊ Updated Sun, 08 Sep 2013 02:10 AM IST
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robbery in lucknow by bawariya giroh

सरोजनीनगर क्षेत्र में नकाबपोश डकैतों ने शुक्रवार देर रात एक प्रॉपर्टी डीलर के घर धावा बोला।

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गहरी नींद में सो रहे परिवार पर डंडे से हमला करके एक महिला को मौत के घाट उतार दिया जबकि, पांच लोगों को घायल कर लाखों का माल बटोर ले गए।

खास बात यह है कि घर में मौजूद चार बच्चों पर डंडे से वार के बजाय थप्पड़ मारकर उन्हें चुप करा दिया। डकैतों के भाग निकलने के काफी देर बाद बच्चों ने हिम्मत जुटाकर शोर मचाया। मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।

एसओ सरोजनीनगर रामनरेश यादव ने बताया कि सैनिक हाउसिंग सोसाइटी कॉलोनी में विष्णुपाल सिंह के निर्माणाधीन मकान में प्रॉपर्टी डीलर श्याम सिंह अपने परिवार समेत रहते हैं।
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शुक्रवार रात खाना खाने के बाद श्याम सिंह अपनी पत्नी गीता (33), बेटी कंचन सिंह (10) के साथ अपने कमरे में सोने चला गए।
दूसरे कमरे में उनका भांजा रानू सिंह, अपनी पत्नी शिल्पी व आयुष (12), संगम (10) और बेटी गंगा (7) के साथ सो रहे थे जबकि, दूसरा भांजा रामवीर अपनी पत्नी संगीता के साथ घर की छत पर सोया था।
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रात ढाई बजे चार नकाबपोश बदमाश घर के पीछे लगी बल्ली के सहारे छत पर पहुंचे। वहां संगीता के सिर पर डंडे से हमला करके सोने की चेन व बाली नोच ली। पत्नी की चीख पर जागे रामवीर पर भी उन लोगों ने हमला कर बेहोश कर दिया।

इसके बाद जीने से उतर कर श्याम सिंह व गीता के कमरे में पहुंचे। दोनों पर डंडे से हमला करके जख्मी किया जबकि, मां-बाप की चीख पर जागी कंचन को थप्पड़ मारकर चुप करा दिया।

श्याम सिंह के हाथ साड़ी से बांधने के साथ गीता के तन से गहने उतारने के साथ बक्से और बैग खंगाले। इस बीच दो बदमाशों ने दूसरे कमरे में सो रहे रानू व शिल्पी पर डंडे से हमला करके घायल कर दिया।

उनके बच्चों को भी थप्पड़ मारने व डांट कर चुप कराने के साथ कमरा खंगाला। गहने व नगदी बटोरने के बाद बच्चों को सख्त हिदायत देते हुए भाग निकले।

बुरी तरह घबराई कंचन काफी देर तक कमरे में बैठी आहट लेती रही। इसके बाद हिम्मत जुटाकर उसने शोर मचाया। इस पर रानू के भी बच्चे शोर मचाने लगे। श्याम सिंह के घर से बच्चों की चीखें सुनकर जागे पड़ोसी मौके पर पहुंचे और पुलिस को फोन किया।

घायलों को तुरंत लोकबंधु राजनारायण अस्पताल ले जाया गया। जहां गीता सिंह की मौत हो गई। डॉक्टरों ने अन्य पांचों की हालत गंभीर बताते हुए ट्रॉमा सेंटर भेज दिया।

संगीन वारदात की सूचना पर पुलिस के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट व डॉग स्क्वाएड की मदद से बदमाशों की तलाश शुरू की गई। घर के विभिन्न स्थानों से अंगुलियों की छाप व पैरों के निशान मिले हैं।

बड़ों पर कहर, बच्चों पर रहम
नकाबपोश बदमाशों ने छत पर सो रही संगीता के गले से सोने की चेन के साथ बेरहमी से कुंडल नोचे। चीखने पर डंडे से वार करके घायल कर दिया। उनके पति पर भी ऐसे डंडे बरसाए कि वह जख्मी होकर बेहोश हो गए।

इसी तरह शिल्पी की भी चेन व झुमकी नोची। उसे और उसके पति रानू पर बेरहमी से हमला किया। श्याम सिंह व गीता के सिर पर डंडे से हमला किया। सिर पर गंभीर वार से गीता बेहोश हो गई।

श्याम सिंह को बेहोश करने के बाद उसके हाथ बांधे जबकि, कमरे में मौजूद दस वर्षीय कंचन को थप्पड़ मारकर चुप कराया। शिल्पी व रानू सिंह के तीन बच्चों को भी सिर्फ डांटा। इस तरह बालिगों पर कहर बरपा कर वारदात अंजाम दी जबकि, बच्चों पर रहम बनाए रहे।

पड़ोसी के घर पर लगाई कुंडी
श्याम सिंह के घर धावा बोलने से पहले बदमाशों ने उनके पड़ोसी राजेश यादव के घर के मुख्यद्वार पर बाहर से कुंडी लगा दी थी। श्याम सिंह के घर से बच्चों की चीख-पुकार सुनकर जागे राजेश ने अपने घर का दरवाजा बाहर से बंद देखकर अन्य पड़ोसियों को आवाज दी। अन्य लोगों ने राजेश के घर की कुंडी खोली।


मजदूरों के बारे में पड़ताल
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बदमाशों ने बावरिया गिरोह की तर्ज पर वारदात अंजाम दी है जबकि, बदमाश स्थानीय नजर आ रहे हैं। बदमाशों द्वारा चेहरे पर नकाब लगाना व बच्चों पर हमला न करने को लेकर ऐसा महसूस हो रहा है। मकान निर्माण में लगे मजदूरों व अन्य लोगों के बारे में पड़ताल की जा रही है।

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