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डेढ़ महीने पहले दर्ज कराया था मुकदमा, शोहदे को बचाती रही पुलिस, किशोरी ने खाया जहर, हालत गंभीर

Fri, 10 May 2019 01:22 AM IST
सौरभ दिक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: सौरभ दिक्षित Updated Fri, 10 May 2019 01:22 AM IST
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Police save foe, girl attemt to suicide
एफआईआर
शोहदे पर लगाम कसने के बजाए पीजीआई पुलिस डेढ़ महीने तक उसे बचाती रही। वहीं, उसकी हरकतों से तंग आकर किशोरी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
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तेलीबाग निवासी किशोरी से 27 मार्च की शाम शोहदे ने छेड़छाड़ की थी। विरोध पर उसने किशोरी की पिटाई भी की थी। पीड़िता ने जब इसकी जानकारी परिवारीजनों को दी तो उन्होंने थाने में तहरीर दी। पुलिस ने छेड़छाड़ व धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
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यहां तक कि किशोरी का मजिस्ट्रीयल बयान भी नहीं कराया। इसके लिए हमेशा टालमटोल की। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस शोहदे के पक्ष में हर वक्त खड़ी रही। इससे उसका दुस्साहस बढ़ता गया और वह आए दिन तंग करता था।
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विरोध पर धमकी देता, लेकिन पुलिस ने कभी दबिश तो कभी अतिरिक्त काम और वीआईपी ड्यूटी का बहाना बनाकर ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। पुलिस के पास पीड़िता का बयान कराने का भी समय नहीं था। जब इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की तो विवेचक भड़क गए।

पीड़िता का आरोप है कि शोहदा बुधवार को उसके घर आ धमका और केस वापस लेने की धमकी दी। विरोध पर फिर छेड़छाड़ और पिटाई की। वारदात के वक्त परिवारीजन बाहर थे। किशेारी ने शोर मचाया तो आसपास के लोग जुटने लगे। इस पर आरोपी धमकी देता हुआ भाग निकला। मामले की जानकारी पर परिवारीजनों ने बृहस्पतिवार को पुलिस के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाने की बात कही।


देर रात को पी लिया कीटनाशक
परिवारीजनों के मुताबिक बुधवार की वारदात से किशोरी सदमे में थी। उसने रात में ज्यादा बातचीत नहीं की। देर रात को जब परिवारीजन सो गए तो उसने कीटनाशक पी लिया। उसे उल्टियां शुरू हुईं तो घरवालों को जानकारी हुई। इसके बाद उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रभारी निरीक्षक से जब इस संबंध में पक्ष जानने की कोशिश की गई तो कॉल रिसीव नहीं हुआ। चौकी प्रभारी व विवेचक देवेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि केस दर्ज है। किशोरी के परिवारीजनों का आरोप गलत है। आरोपी युवक की तलाश की जा रही है। वह काफी दिनों से फरार है।
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