मात्र तीन मिनट में बाइक लेकर फुर्र हो जाते थे ये चोर!
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बाइक देखते ही तीन मिनट में लॉक तोड़कर फुर्र होने और मात्र एक घंटे में घर साफ करने वाले शातिर चोरों को ठाकुरगंज पुलिस ने शुक्रवार शाम बालागंज चौराहा से दबोच लिया।
पकड़े गए बदमाशों ने घरों में चोरी और बाइक उड़ाने की 30 से अधिक वारदातें कबूली हैं। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की पांच बाइक और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
एसओ ठाकुरगंज समर बहादुर सिंह ने बताया कि ऑपरेशन ऑल आउट के दौरान बाइक सवार चौक के महमूदनगर निवासी सरताज उर्फ रफत तथा सआदतगंज के झड़ियन तालाब वजीरबाग के कलीम को रोका गया था।
बाइक के कागज मांगने पर सरताज बहानेबाजी करने लगा। दोनों को थाना लाकर पूछताछ की गई तो बाइक चोरी की होने की बात कुबूल कर ली।
दर्ज हैं बेहद गंभीर मामले
एसओ ने बताया कि सरताज चौक थाना का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास, चोरी और अवैध असलहे के मामले दर्ज हैं।
घर छोड़कर सआदतगंज के अंबरगंज में किदवई साहब के मकान में रह रहा सरताज चोरी के आरोप में कई बार जेल जा चुका है। आठ महीने पहले ही छूटा था। कलीम के खिलाफ भी सआदरतगंज थाना में चोरी और मारपीट के दो मामले दर्ज हैं।
आरोपियों के पास से दो स्प्लेंडर, एक यामाहा, एक बजाज की प्लेटिना और एक एक्टिवा स्कूटर मिली है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में दरोगा अतुल कुमार श्रीवास्तव, राजेश सिंह, देवेंद्र सिंह, रणजीत सिंह, सिपाही मृत्युंजय लाल, अजीजुल हसन व आशुतोष राय थे।
पांच से सात हजार में बेचते थे बाइक
रिंग रोड चौकी इंचार्ज अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि सरताज घरों में चोरी के साथ ही बाइक उड़ाता था। बाइक का लॉक तोड़कर फरार होने में मात्र तीन मिनट का वक्त लगता था। इसी तरह घरों में चोरी करने में भी एक घंटे से ज्यादा नहीं लगता था। एक से डेढ़ घंटे के लिए बंद घर में भी चोरी से नहीं चूकता था।
आरोपी ने सआदतगंज से 35 बकरे चोरी करने की बात भी कुबूली है। चुराए गए बकरे नक्खास में बेचता था। कुछ दिन पहले तेलीबाग के एक बंद मकान की जाली तोड़कर सरताज ने कीमती सामान समेट लिया था। उसके पास से चोरी का सामान बेचने से कमाए 2500 रुपये मिले हैं।
सीतापुर में पांच से सात हजार में बेचते थे बाइक
सरताज और कलीम चोरी की बाइक सीतापुर के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र में रहने वाले मो. उमर उर्फ गुड्डू व इस्तार उर्फ भइय्या को पांच से सात हजार रुपये में बेचता था। इसके बाद बाइक के फर्जी कागजात बनवाकर 15 से 20 हजार रुपये में बेच दिया जाता था।