'हनीट्रैप' से शिकंजे में आया 50 लाख की ठगी करने वाला
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बाजारखाला पुलिस ने खाड़ी देशों में नौकरी का लालच देकर ठगी करने वाले बिहार के भागलपुर हबीबपुर निवासी एनुल हक हुसैनी को शनिवार सुबह ऐशबाग पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया।
एनुल ने ऐशबाग रेलवे स्टेशन के पास और हैदरगंज में हुसैनी टूर एंड ट्रैवल्स के नाम से ऑफिस खोलकर बीते एक साल में सौ से अधिक लोगों को 50 लाख रुपये का चूना लगाया।
उसके पास से चार पासपोर्ट, 45 पासपोर्ट की फोटोकॉपी, पांच सिमकार्ड, लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, मेमोरी कार्ड, लेटर पैड सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।
इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि एनुल हक दुबई, सऊदी अरब, कुवैत में होटल और शॉपिंग मॉल्स में नौकरी के अलावा निजी कंपनियों में ड्राइवर के पदों पर नौकरी का लालच देता था। नौकरी और वीजा के नाम पर वह हर आवेदक से 90,000 रुपये वसूलता था।
21 लोगों ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
उसके खिलाफ बीती तीन जुलाई को आदर्शनगर निवासी अजहर रहमान सहित 21 लोगों ने नौकरी और वीजा के नाम पर 70,000 रुपये ठगने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एनुल ने बीते वर्ष ऐशबाग में टिकट बुकिंग का ऑफिस खोला और कुछ महीने बाद ही लोगों के रुपये लेकर भाग गया।
पिछले साल सितंबर में उसने हुसैनी टूर एंड ट्रैवल्स के नाम से हैदरगंज में ऑफिस शुरू किया। इस बार उसने वीजा दिलाने का काम भी शुरू किया।
ऑफिस में उसने ग्रीन सिटी कैम्पबेल रोड एग्जॉन स्कूल के पीछे रहने वाली सायना और उसकी बहन इकरा तथा बाजारखाला एलडीए कॉलोनी निवासी फिरोज को नौकरी पर रखा। एनुल ने लखनऊ के अलावा आसपास के जिलों केलोगों से ठगी की।
इसके बाद बीती आठ मई को ऑफिस में ताला लगाकर वह गायब हो गया। शिकायत मिलने के बाद सब इंस्पेक्टर उमेश चंद्र नैथानी, हेड कांस्टेबल रामकिशोर कौशिक और कांस्टेबल इम्तियाज आलम ने उसे दबोच लिया।
सिलीगुड़ी में मिली लोकेशन, हनीट्रैप से कसा शिकंजा
शातिर एनुल हक हुसैनी ने अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिया था। हालांकि, उसका व्हाट्सएप नंबर चालू था। वह चैटिंग करने के साथ ही पोस्ट डालता था और कमेंट के जवाब देता था। पुलिस ने उसके व्हाट्सएप नंबर की पड़ताल कराई तो लोकेशन सिलीगुड़ी में मिली। वहां से शातिर को लखनऊ बुलाना आसान काम नहीं था।
पुलिस ने हनीट्रैप कर उसे दबोचा। ठगी के शिकार एक युवक की गर्लफ्रेंड के जरिए पुलिस ने उससे व्हाट्सएप पर चैटिंग कराई। युवती ने एनुल हक को अपने जाल में फंसाया और मिलने के लिए बुलाया। जैसे ही एनुल युवती से मिलने के लिए लखनऊ आया, उसे दबोच लिया गया।
सऊदी अरब में एजेंटों के नाम पर हड़पे रुपये
पीड़ितों ने बताया कि एनुल हक ने सऊदी अरब में कई परिचित एजेंट होने की बात कही थी। वह कहता था कि ड्राइवर के पद पर वह 200 दिनार और 1800 रियाल पर एजेंट नौकरी दिलाते हैं।
रुपये जमा कराने के कई दिन बाद भी जब वह किसी को खाड़ी देशों में नहीं भेज सका तो लोगों ने घेराबंदी शुरू की। इस पर एनुल ने सऊदी में अपने एजेंटों पर ही रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए वक्त मांगा। पीड़ित रोज चक्कर काटते रहे और एनुल कोई न कोई बहाना बनाकर उन्हें टरकाता रहा।
मेडिकल जांच के नाम पर भी ऐंठी रकम
हर व्यक्ति से 4500 रुपये वसूले
सब इंस्पेक्टर उमेश चंद्र नैथानी ने बताया कि एनुल ने विदेश में नौकरी के इच्छुक लोगों का मेडिकल कराने के नाम पर भी प्रत्येक व्यक्ति से 4500 रुपये वसूले। रुपया जमा कराने के बाद आवेदकों को इलाके के ही एक नर्सिंगहोम भेजा जाता था जहां सबकी मामूली जांच होती थी।
रकम की तलाश में जुटी पुलिस
ताज्जुब है कि लाखों की ठगी करने वाला एनुल हक का कोई बैंक अकाउंट ही नहीं है। उसने बताया कि लखनऊ की आईडी न होने से बैंक में उसका अकाउंट नहीं खुल सका।
ठगी की रकम वह किस बैंक के अकाउंट में जमा करता था, फिलहाल इस बारे में उसने कोई जानकारी नहीं दी है। इंस्पेक्टर ने बताया कि वह रकम सायना, इकरा या फिरोज के अकाउंट में जमा कराता होगा। पुलिस तीनों से पूछताछ करेगी।
कस्टमरों को अपना नाम हाफिज बताता था
इंस्पेक्टर ने बताया कि एनुल हक बिहार में झोपड़पट्टी में रहता था। तीन साल पहले मदरसे में पढ़ाई करने के लिए वह गुजरात के सूरत गया। बीते वर्ष लखनऊ आकर उसने रेलवे और हवाई जहाज के टिकट बेचने का काम शुरू किया। अपने कस्टमरों को प्रभावित करने के लिए वह खुद को हाफिज बताता था।
ये हुए ठगी का शिकार
इशरतउल्ला, बिल्लौचपुरा - 1,50000
रमन दीक्षित, ऐशबाग -1,42000
मुन्नूलाल, तेलीबाग-65000
मो. आसिफ, बाजारखाला-50000
नूर आलम-55000
मो. अजमत अली-50000
मो. शाहिद, ऐशबाग -45000
मो. साकिब-45000
शुएब-40500
उजैर 40000
मो. अनवर-40000
मो. अदील-40000
मो. रफीक अहमद-30500
मो. आरिफ-30300
मो. सैफ-29500
फुरकान अहमद-28000
तौफीसुल हसन, बाराबंकी-28000
राहिल हसन-26500
मो. फहद-25000
रियाज अहमद-17500
मो. नदीम-7500