फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   police arrested bike thieves in lucknow

महंगे रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए 13 साल की उम्र में चुराने लगे बाइक, वाट्सएप पर दिया ऐ़ड

Wed, 26 Jul 2017 04:49 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Wed, 26 Jul 2017 04:49 PM IST
विज्ञापन
 police arrested bike thieves in lucknow
डेमो - फोटो : demo pic
महज 13 साल की उम्र में ही बाइक चोरी जैसी वारदातों को अंजाम वाले गिरोह के पांच शातिर किशोरों को लखनऊ की सआदतगंज पुलिस ने सोमवार रात दबोच लिया। इनके कब्जे से पांच बाइक बरामद की गई है।
विज्ञापन


चोरों ने बताया कि वह महंगे रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए बाइक चोरी करते थे। चोरी की बाइक को कुछ दिन खुद चलाने के बाद सस्ते दामों में बेच देते थे। एसओ सआदतगंज नीरज ओझा केमुताबिक नाबालिग चोरों के पास मिलीं बाइकें तालकटोरा, ठाकुरगंज और सआदतगंज से चोरी की गई थीं।
विज्ञापन


इनके परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। यह सिर्फ महंगे रेस्टोरेंट में नाश्ता और खाने केलिए बाइक चोरी करते थे। पूछताछ में पता चला कि चंद रुपयों के लालच में बाइक बेच देते थे। एसओ के मुताबिक, गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब बदमाशों ने बाइक बेचने के लिए वाट्सएप ग्रुप में मैसेज भेजा।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे हत्थे चढ़े चोर

 police arrested bike thieves in lucknow
whatsapp
दो दिन पहले इस तरह का एक मैसेज पुलिस के करीबी को मिला। पुलिस ने पड़ताल शुरू की तो मैसेज में बाइक के नंबर और दाम लिखे थे। जब नंबरों की मिलान की गई तो तीन बाइक चोरी की रिपोर्ट सआदतगंज थाने में दर्ज थीं।

वहीं, एक बाइक ठाकुरगंज और एक तालकटोरा से चोरी होने की पुष्टि हुई। इसकेबाद पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश की। सोमवार देर रात करीब साढ़े दस बजे पुलिस टीम ने पांचों आरोपियों को खिन्नी तिराहे से पकड़ लिया।

पुलिस के मुताबिक,  नाबालिग चोर चोरी की बाइक  को कुछ दिन खुद ही चलाते थे। घर पर बाइक के बारे में कोई पूछताछ होती तो दोस्त की बताकर बात टाल जाते। वाट्सएप के जरिए यह बाइक बेचने का संदेश भेजते थे।

मैसेज में बदमाशों ने सुजुकी हयाते जैसी महंगी बाइक का दाम महज 3000 रुपये लिखते थे। इसी तरह सीडी डिलक्स दो हजार, डिस्कवर, एक्टिवा और पैशन प्रो ढाई हजार रुपये बेचते देते थे। बेचने के पीछे कारण परिवार की जरूरत बताते थे। मैसेज में बाइक का दाम देखकर पुलिस को शक हुआ। इसके सर्विलांस सेल की मदद से मैसेज भेजने वाले नाबालिग को दबोचा गया तो उसने सारी कहानी उगल दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed