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श्रवण हत्याकांड में बेगुनाहों को फंसाने की साजिश में बर्खास्त सिपाहियों समेत तीन की कुर्की के आदेश
Mon, 18 Mar 2019 01:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 18 Mar 2019 01:12 AM IST
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श्रवण साहू
- फोटो : amar ujala
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सआदतगंज के तेल व्यवसायी श्रवण साहू को फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश में चार बेगुनाहों को शूटर बताकर जेल भेजने में बर्खास्त आरक्षी अनिल सिंह और धीरेंद्र यादव के साथ आरक्षी लवकुश मिश्रा की कुर्की के आदेश जारी हो गए हैं।
इस मामले में फरार इनामी दरोगा धीरेंद्र शुक्ला को अलीगंज थाना परिसर स्थित आवास से गिरफ्तार कराने के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विवेचक को सख्त हिदायत देते हुए जवाबतलब किया था।
अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सआदतगंज के यासीनगंज निवासी कुर्बान खां और न्यू गुलाबनगर हसियामऊ निवासी तमीम की तहरीर पर 19 जनवरी 2017 को ठाकुरगंज थाने में दर्ज मुकदमे की तफ्तीश कर रहे क्षेत्राधिकारी चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी की अर्जी पर न्यायालय ने फरार आरक्षी लवकुश मिश्रा, बर्खास्त इनामी सिपाही अनिल सिंह व धीरेंद्र यादव की कुर्की के आदेश जारी किए हैं।
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तीनों की तलाश में पुलिस टीम ने उनके संभावित स्थानों पर दबिशें दी हैं। करीबी लोगों पर दबाव बनाकर सुराग लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रकरण का मास्टर माइंड अकील अंसारी और उसके कुछ साथी पहले से ही जेल में बंद हैं।
उल्लेखनीय है कि श्रवण साहू कांड में दो साल से फरार इनामी दरोगा धीरेंद्र शुक्ला को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने मंगलवार को पुलिस आवास से गिरफ्तार कराया था। इनामी धीरेंद्र शुक्ला के अलीगंज थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में परिवार समेत रहने का खुलासा होने पर कलानिधि नैथानी ने विवेचक के साथ पुलिस टीम की जमकर क्लास ली।
क्षेत्राधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के क्या प्रयास किए गए? फरार बर्खास्त दरोगा और दोनों सिपाहियों के बेखौफ घूमने की जानकारी पर कलानिधि नैथानी ने सख्त हिदायत देते हुए आरोपियों को जल्द पकड़ने के आदेश दिए थे। फरार आरोपियों का सुराग लगाने में नाकाम रहे क्षेत्राधिकारी ने न्यायालय में कुर्की की अर्जी दी थी।
उजागर हुई तलाश में लापरवाही
श्रवण साहू कांड में फरार बर्खास्त पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी न होने से महकमे की फजीहत होते देख कलानिधि नैथानी ने तीनों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। छानबीन में विवेचक और उनकी टीम की लापरवाही उजागर हुई। फरार इनामी दरोगा बर्खास्तगी के बाद दो साल तक सरकारी आवास में रहता रहा। फरार बर्खास्त सिपाही अनिल सिंह व धीरेंद्र यादव व्यवसायिक गतिविधियों में सक्रिय थे और विवेचक उनकी सरगर्मी से तलाश का दावा कर रहे थे।
कागजी घोड़े दौड़ाकर ठंडे बस्ते में डाली थी तफ्तीश
ठाकुरगंज थाने में कुर्बान खां द्वारा दर्ज कराए मुकदमे में विवेचक की अर्जी पर एसीजेएम सीबीआई कोर्ट ने 20 जनवरी 2018 को बर्खास्त दरोगा धीरेंद्र शुक्ला, आरक्षी अनिल सिंह, धीरेंद्र यादव और लवकुश मिश्रा की कुर्की की उद्घोषणा जारी की थी। छह महीने बाद विवेचक ने 20 जून 2018 को आरोपियों के मूलनिवास पर कुर्की की उद्घोषणा तामील कराई। आरोपियों को महीना भर में आत्मसमर्पण के आदेश दिए गए थे। कागजी घोड़े दौड़ाकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
एसएसपी ने की थी फरार आरोपियों पर इनाम की घोषण
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने लंबित विवेचनाओं की समीक्षा के दौरान श्रवण साहू कांड के मुकदमों की गहन छानबीन की। लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताते हुए धीरेंद्र शुक्ला, धीरेंद्र यादव और अनिल सिंह पर इनाम की घोषणा की। विवेचक ने तमीम द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में 31 जनवरी 2019 को कुर्की की उद्घोषणा प्राप्त करके 5 फरवरी को धीरेंद्र यादव, 12 फरवरी को लवकुश मिश्रा और 14 फरवरी को अनिल सिंह के निवास पर तामील कराई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विवेचक से 20 जनवरी 2018 को जारी उद्घोषणा को छह महीने बाद तामील कराने और तय अवधि बीतने के बाद कुर्की की कार्रवाई न किए जाने को लेकर सवाल किया है।
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इस मामले में फरार इनामी दरोगा धीरेंद्र शुक्ला को अलीगंज थाना परिसर स्थित आवास से गिरफ्तार कराने के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विवेचक को सख्त हिदायत देते हुए जवाबतलब किया था।
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अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सआदतगंज के यासीनगंज निवासी कुर्बान खां और न्यू गुलाबनगर हसियामऊ निवासी तमीम की तहरीर पर 19 जनवरी 2017 को ठाकुरगंज थाने में दर्ज मुकदमे की तफ्तीश कर रहे क्षेत्राधिकारी चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी की अर्जी पर न्यायालय ने फरार आरक्षी लवकुश मिश्रा, बर्खास्त इनामी सिपाही अनिल सिंह व धीरेंद्र यादव की कुर्की के आदेश जारी किए हैं।
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तीनों की तलाश में पुलिस टीम ने उनके संभावित स्थानों पर दबिशें दी हैं। करीबी लोगों पर दबाव बनाकर सुराग लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रकरण का मास्टर माइंड अकील अंसारी और उसके कुछ साथी पहले से ही जेल में बंद हैं।
उल्लेखनीय है कि श्रवण साहू कांड में दो साल से फरार इनामी दरोगा धीरेंद्र शुक्ला को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने मंगलवार को पुलिस आवास से गिरफ्तार कराया था। इनामी धीरेंद्र शुक्ला के अलीगंज थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में परिवार समेत रहने का खुलासा होने पर कलानिधि नैथानी ने विवेचक के साथ पुलिस टीम की जमकर क्लास ली।
क्षेत्राधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के क्या प्रयास किए गए? फरार बर्खास्त दरोगा और दोनों सिपाहियों के बेखौफ घूमने की जानकारी पर कलानिधि नैथानी ने सख्त हिदायत देते हुए आरोपियों को जल्द पकड़ने के आदेश दिए थे। फरार आरोपियों का सुराग लगाने में नाकाम रहे क्षेत्राधिकारी ने न्यायालय में कुर्की की अर्जी दी थी।
उजागर हुई तलाश में लापरवाही
श्रवण साहू कांड में फरार बर्खास्त पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी न होने से महकमे की फजीहत होते देख कलानिधि नैथानी ने तीनों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। छानबीन में विवेचक और उनकी टीम की लापरवाही उजागर हुई। फरार इनामी दरोगा बर्खास्तगी के बाद दो साल तक सरकारी आवास में रहता रहा। फरार बर्खास्त सिपाही अनिल सिंह व धीरेंद्र यादव व्यवसायिक गतिविधियों में सक्रिय थे और विवेचक उनकी सरगर्मी से तलाश का दावा कर रहे थे।
कागजी घोड़े दौड़ाकर ठंडे बस्ते में डाली थी तफ्तीश
ठाकुरगंज थाने में कुर्बान खां द्वारा दर्ज कराए मुकदमे में विवेचक की अर्जी पर एसीजेएम सीबीआई कोर्ट ने 20 जनवरी 2018 को बर्खास्त दरोगा धीरेंद्र शुक्ला, आरक्षी अनिल सिंह, धीरेंद्र यादव और लवकुश मिश्रा की कुर्की की उद्घोषणा जारी की थी। छह महीने बाद विवेचक ने 20 जून 2018 को आरोपियों के मूलनिवास पर कुर्की की उद्घोषणा तामील कराई। आरोपियों को महीना भर में आत्मसमर्पण के आदेश दिए गए थे। कागजी घोड़े दौड़ाकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
एसएसपी ने की थी फरार आरोपियों पर इनाम की घोषण
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने लंबित विवेचनाओं की समीक्षा के दौरान श्रवण साहू कांड के मुकदमों की गहन छानबीन की। लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताते हुए धीरेंद्र शुक्ला, धीरेंद्र यादव और अनिल सिंह पर इनाम की घोषणा की। विवेचक ने तमीम द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में 31 जनवरी 2019 को कुर्की की उद्घोषणा प्राप्त करके 5 फरवरी को धीरेंद्र यादव, 12 फरवरी को लवकुश मिश्रा और 14 फरवरी को अनिल सिंह के निवास पर तामील कराई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विवेचक से 20 जनवरी 2018 को जारी उद्घोषणा को छह महीने बाद तामील कराने और तय अवधि बीतने के बाद कुर्की की कार्रवाई न किए जाने को लेकर सवाल किया है।